पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनावी राजनीति छोड़कर घर पर आराम करने की सलाह दी है। नंदीग्राम और रेजीनगर के नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला भी उठाया।'
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक बयान से नई बहस शुरू हो गई है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब चुनाव नहीं लड़ने की सलाह दी है। शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी की उम्र करीब 75 साल हो चुकी है और उन्हें घर पर आराम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बुधवार, 28 अक्टूबर को विधानसभा में दो नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला भी उठाया और जांच में कई सवालों के जवाब मिलने बाकी होने की बात कही।
ममता बनर्जी को लेकर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को नंदीग्राम से भाजपा विधायक हासिरानी रथ और रेजीनगर से विधायक शखारव सरकार ने शपथ ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। शुभेंदु ने कहा कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हरा चुके हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा चुनाव मैदान में नहीं उतरना चाहिए।
उन्होंने उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को चुनाव लड़ने के बजाय आराम करना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हालिया उपचुनाव में भाजपा ने दोनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है।
भवानीपुर सीट छोड़ने के बजाय नंदीग्राम क्यों छोड़ा?
शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम से इस्तीफा देने का फैसला किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नंदीग्राम के कुछ मतदाता उनके इस फैसले से नाराज थे। वे चाहते थे कि शुभेंदु नंदीग्राम का प्रतिनिधित्व जारी रखें।
हालांकि, शुभेंदु ने कहा कि यदि वह भवानीपुर सीट खाली करते तो ममता बनर्जी को वहां से उपचुनाव लड़ने का एक और मौका मिल सकता था। वह ऐसा नहीं चाहते थे। उन्होंने नंदीग्राम के लोगों को भरोसा दिलाया कि भले ही अब वह वहां के विधायक नहीं हैं, लेकिन क्षेत्र के विकास को लेकर किए गए अपने वादों को पूरा करेंगे।
उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर दर्ज की जीत
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इसके नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए गए। नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों से हराया। इस जीत के बाद हासिरानी रथ पहली बार विधानसभा पहुंचीं।
वहीं, मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर भाजपा के शखारव सरकार ने जीत दर्ज की। इन दोनों सीटों पर जीत को भाजपा ने राज्य में अपने बढ़ते राजनीतिक समर्थन का संकेत बताया है।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में अब विधानसभा की कार्यवाही और शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान ऐसी पारदर्शिता नहीं थी।
कौन थे चंद्रनाथ रथ, जिनकी हत्या का मामला फिर उठा?
नंदीग्राम की नई विधायक हासिरानी रथ, शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की 6 मई 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के कुछ दिन बाद हुई थी।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि चंद्रनाथ की हत्या उनके साथ काम करने की वजह से कराई गई थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस मामले की जांच में सीबीआई सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कथित शूटर और हत्या की सुपारी लेने वाले लोग भी शामिल हैं।
हालांकि, हत्या के पीछे किसका हाथ था और इसका वास्तविक मकसद क्या था, यह जांच में पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है।
दो करोड़ रुपये की सुपारी का पैसा कहां से आया?
शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की सुपारी दिए जाने का सवाल उठाया।
उन्होंने पूछा कि यह रकम आखिर कहां से आई थी। इस दौरान उन्होंने कोलकाता की कैमक स्ट्रीट, कालीघाट और डायमंड हार्बर का नाम लिया।
कैमक स्ट्रीट तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से जुड़ी है, जबकि कालीघाट ममता बनर्जी का निवास क्षेत्र है। डायमंड हार्बर अभिषेक बनर्जी का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है।
शुभेंदु के इस बयान में तृणमूल नेतृत्व की ओर इशारा किया गया, लेकिन इन स्थानों और हत्या के लिए कथित भुगतान के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों की ओर से भी अभी ऐसा कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल
ममता बनर्जी को चुनाव न लड़ने की सलाह और चंद्रनाथ रथ की हत्या से जुड़े सवालों ने पश्चिम बंगाल की सियासत को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
शुभेंदु अधिकारी के बयान को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल इस बयान पर ममता बनर्जी की किसी नई आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है।








