सिविल लाइंस समेत तीन इलाकों में बन सकेंगे बहुमंजिला मकान, हटेगी ऊंचाई की पाबंदी

प्रयागराज के सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में मकानों की ऊंचाई पर लगी रोक हटने वाली है। छोटे प्लॉट पर भी निर्माण की अनुमति मिलने की उम्मीद है।

प्रयागराज के सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में बहुमंजिला मकान बनाने का रास्ता खुलने वाला है। शासन से नियमों में बदलाव को मंजूरी मिलने की जानकारी है। हालांकि, पीडीए को लिखित आदेश मिलना बाकी है। छोटे प्लॉट मालिकों को भी राहत मिलेगी।

प्रयागराज: शहर के सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में मकान बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। इन इलाकों में लंबे समय से लागू भवनों की ऊंचाई संबंधी पाबंदी में बदलाव होने जा रहा है। अभी तक यहां करीब 7.5 मीटर से ऊंचे आवासीय भवन बनाने पर रोक थी। अब शासन स्तर से नियमों में बदलाव की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) को अभी लिखित आदेश का इंतजार है।

2011 से लागू थी मकानों की ऊंचाई पर रोक

प्रयागराज के प्रमुख रिहायशी इलाकों में वर्ष 2011 से भवन निर्माण को लेकर विशेष नियम लागू थे। इनके तहत सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में लगभग ढाई मंजिल यानी 7.5 मीटर ऊंचाई तक ही आवासीय मकान बनाने की अनुमति थी।

इससे उन परिवारों को परेशानी होती थी, जो अपने पुराने मकान में अतिरिक्त मंजिल बनवाना चाहते थे। जमीन होने के बावजूद वे जरूरत के अनुसार घर का विस्तार नहीं कर पा रहे थे।

कई भवन मालिक लंबे समय से इन नियमों में बदलाव की मांग कर रहे थे। अब शासन की मंजूरी की सूचना मिलने से उनकी उम्मीदें बढ़ गई हैं।

200 वर्ग मीटर से छोटे प्लॉट पर भी बनेगा मकान

नए बदलाव का फायदा उन लोगों को भी मिलने की उम्मीद है, जिनके पास 200 वर्ग मीटर से छोटे भूखंड हैं।

पुरानी व्यवस्था में इन क्षेत्रों के छोटे प्लॉट पर आवासीय भवन का नक्शा पास कराने को लेकर प्रतिबंध थे। इसकी वजह से कई लोग अपने भूखंड पर नियमानुसार निर्माण कराने में परेशानी महसूस कर रहे थे।

अब प्रस्तावित बदलाव के तहत छोटे भूखंडों के लिए भी मानचित्र स्वीकृति का रास्ता साफ होगा।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी आकार के प्लॉट पर मनचाही ऊंचाई का मकान बनाया जा सकेगा। निर्माण की अनुमति संबंधित भवन नियमों और प्राधिकरण की मंजूरी के अनुसार ही मिलेगी।

पुराने मकानों को दोबारा बनाने में मिलेगी सुविधा

शहर के इन इलाकों में कई पुराने मकान हैं। कुछ परिवार अपने घरों को नए डिजाइन में बनवाना चाहते हैं, जबकि कुछ को बढ़ते परिवार के हिसाब से ज्यादा कमरों की जरूरत है।

ऊंचाई पर लगी पाबंदी के कारण ऐसे परिवारों के पास निर्माण के सीमित विकल्प थे।

नियमों में बदलाव लागू होने के बाद पुराने भवनों को दोबारा बनाने और अतिरिक्त मंजिल तैयार कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

इससे उन लोगों को भी फायदा हो सकता है, जो अपने मौजूदा भूखंड पर नया आवासीय भवन बनाने की योजना तैयार कर रहे हैं।

पीडीए ने पहले ही भेजा था बदलाव का प्रस्ताव

प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने शहर की महायोजना 2031 से जुड़े नियमों में संशोधन की प्रक्रिया पहले शुरू की थी।

पीडीए बोर्ड की बैठक में भवनों की ऊंचाई और छोटे भूखंडों से संबंधित प्रतिबंधों में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद प्रस्ताव शासन की स्वीकृति के लिए भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

इसका उद्देश्य पुराने भवन निर्माण नियमों से आ रही व्यावहारिक परेशानियों को दूर करना था।

लिखित आदेश मिलने के बाद लागू होगी नई व्यवस्था

पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषिराज के अनुसार, शासन से भवन निर्माण संबंधी नियमों में बदलाव को मंजूरी मिलने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

आदेश मिलने के बाद प्राधिकरण नए प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई शुरू करेगा।

ऐसे में जो लोग बहुमंजिला मकान बनाने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें फिलहाल नए नियमों की आधिकारिक जानकारी मिलने तक इंतजार करना होगा।

यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि अलग-अलग भूखंडों पर अधिकतम कितनी ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति मिलेगी और नक्शा पास कराने के लिए कौन सी शर्तें लागू होंगी।

मकान बनवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

भवन स्वामियों के लिए जरूरी होगा कि वे निर्माण शुरू करने से पहले पीडीए से स्वीकृत नक्शा प्राप्त करें।

पुराने मकान में अतिरिक्त मंजिल बनवाने की स्थिति में भवन की मजबूती और जरूरी तकनीकी मानकों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

फिलहाल शहर के इन तीनों इलाकों के हजारों भवन मालिकों की नजर नए शासनादेश पर है। इसके जारी होने के बाद ही निर्माण संबंधी बदले हुए नियमों की पूरी तस्वीर साफ होगी।

नए भवन निर्माण नियमों, नक्शा पास कराने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण की आधिकारिक सूचनाएं जरूर देखें।

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