गया में 100 करोड़ के ROB का काम फिर शुरू 2027 तक पूरा करने की तैयारी भूमि अधिग्रहण बनी बड़ी चुनौती

गया की बागेश्वरी रेलवे गुमटी पर 100 करोड़ से ROB निर्माण फिर शुरू हुआ है। 690 मीटर लंबे पुल को 2027 तक पूरा करने में भूमि अधिग्रहण बाधा है।
गया में 100 करोड़ के ROB का काम फिर शुरू 2027 तक पूरा करने की तैयारी भूमि अधिग्रहण बनी बड़ी चुनौती
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गया शहर में बागेश्वरी रेलवे गुमटी पर बनने वाले रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य एक बार फिर शुरू हो गया है। गया-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित इस व्यस्त रेलवे गुमटी पर लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई है। रेलवे फाटक बार-बार बंद होने के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या से राहत दिलाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण से जुड़ी समस्याएं निर्माण की रफ्तार के सामने चुनौती बनी हुई हैं।

पितृपक्ष मेला और दुर्गा पूजा के दौरान जिला प्रशासन के निर्देश पर निर्माण कार्य रोक दिया गया था। त्योहार समाप्त होने के बाद निर्माण एजेंसी ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। फिलहाल बागेश्वरी रेलवे गुमटी के उत्तरी हिस्से में पिलर बनाने का काम चल रहा है। निर्माण स्थल पर चलंत बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि काम के दौरान सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित नहीं हो और स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी उठानी पड़े। दीपावली के बाद दक्षिणी हिस्से में केंद्रीय विद्यालय की ओर भी पिलर निर्माण शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की आवश्यकता बताई गई है।

बागेश्वरी गुमटी पर बनने वाला यह आरओबी करीब 690 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा होगा। इसे दो लेन का बनाया जाएगा और इसके निर्माण में कुल 27 पिलर तथा दो बॉक्स का प्रावधान किया गया है। पुल का रास्ता बागेश्वरी मंदिर की ओर पिंटू गली से शुरू होगा और रेलवे गुमटी को पार करते हुए केंद्रीय विद्यालय संख्या एक के आगे छोटा हनुमान मंदिर के पास बक्शा दुकान तक पहुंचेगा। परियोजना में दो सर्विस लेन भी शामिल की गई हैं, जिससे आसपास की घनी आबादी में रहने वाले लोगों को स्थानीय आवागमन में सुविधा मिल सकेगी। खास तौर पर पहसी और लोको इलाके के लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना में आरओबी पर पैदल चलने वालों के लिए अलग व्यवस्था का प्रावधान नहीं है।

आरओबी निर्माण का सबसे अहम उद्देश्य रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम को कम करना है। ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से गया शहर के इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ कामकाज, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। पुल तैयार होने के बाद सड़क यातायात को रेलवे फाटक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वाहनों को रेल लाइन पार करने के लिए फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना होगा। इससे शहर के इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

हालांकि, निर्माण को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करना जरूरी है। परियोजना के रास्ते में आने वाली जमीन के मालिकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मौजा से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण भुगतान में देरी हुई है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित तकनीकी त्रुटियों को ठीक कर दस्तावेज दोबारा गजट प्रकाशन के लिए भेजे गए हैं। गजट प्रकाशित होने के बाद जमीन मालिक अपने दावे और आवश्यक कागजात प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।

बागेश्वरी रेलवे गुमटी के दक्षिणी हिस्से में सड़क के किनारे कई दुकानें हैं। कुछ मकानों के छज्जे भी सड़क की ओर निकले हुए हैं, जिससे निर्माण के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराने में परेशानी आ रही है। केंद्रीय विद्यालय की ओर काम शुरू करने के लिए संबंधित क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कराना आवश्यक है। निर्माण एजेंसी ने जिला प्रशासन से सरकारी जमीन खाली कराने का आग्रह किया है, ताकि पिलर निर्माण का अगला चरण शुरू किया जा सके। जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामले समय पर नहीं सुलझे तो परियोजना की समयसीमा प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।

निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क पर बैरिकेडिंग और पिलर निर्माण के कारण उपलब्ध जगह सीमित हो सकती है। ऐसे में स्थानीय वाहनों और राहगीरों की आवाजाही को ध्यान में रखकर काम करना होगा। प्रशासन और निर्माण एजेंसी के सामने चुनौती है कि पुल का निर्माण आगे बढ़े और साथ ही सड़क पर यातायात भी यथासंभव सुचारु बना रहे। विशेष रूप से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और आसपास के मोहल्लों के निवासियों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी होगा।

गया धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां रेलवे स्टेशन से रामशिला और प्रेतशिला की ओर जाने वाले मार्गों पर स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं की भी आवाजाही रहती है। बागेश्वरी गुमटी पर आरओबी बनने से इन मार्गों पर सफर आसान होने की उम्मीद है। परियोजना का लाभ तभी पूरी तरह मिल पाएगा, जब पुल के साथ पहुंच पथ और सर्विस लेन का निर्माण भी निर्धारित योजना के अनुसार पूरा हो और यातायात संचालन की उचित व्यवस्था हो।

फिलहाल त्योहारों के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने से परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है। अब 2027 तक इसे पूरा करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण हटाने जैसे लंबित मामलों का समय पर समाधान जरूरी है। इन बाधाओं को दूर करने के बाद ही निर्माण कार्य को गति देकर गया शहर के लोगों को बागेश्वरी रेलवे गुमटी पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।

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