चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में तबाही, 5 मौतों की खबर; हजारों लोग सुरक्षित जगह भेजे गए, ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित

चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

चक्रवाती तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। शुरुआती रिपोर्ट में पांच मौतों की जानकारी सामने आई है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुरुआती खबरों में पांच लोगों की मौत की बात कही गई, हालांकि अलग-अलग रिपोर्ट में मृतकों की संख्या अलग है। आंध्र प्रदेश के साथ ओडिशा में भी राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

आंध्र प्रदेश में तूफान ने मचाई तबाही

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बुधवार सुबह चक्रवात अर्नब का असर देखने को मिला। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, तूफान ने 28 अक्टूबर को सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच तट पार किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि कुछ समय के लिए झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। 

तेज हवाओं से कई जगह पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर पड़े। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित इलाकों में रास्ते साफ कराने और जरूरी सेवाएं बहाल करने में जुटा है।

मौतों के आंकड़ों में अंतर, हजारों लोगों को निकाला

तूफान से जानमाल का नुकसान हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश में पांच मौतों का दावा किया गया था। हालांकि, 29 अक्टूबर को प्रकाशित एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में कम से कम तीन मौतों की पुष्टि बताई गई है। इनमें विशाखापट्टनम में करंट लगने से दो महिलाओं और पूर्वी गोदावरी में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत शामिल है। 

प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने का काम भी किया गया। पहले 57 हजार लोगों को स्थानांतरित करने की जानकारी मिली थी। बाद की रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश में कम से कम 1.80 लाख लोगों को निकाले जाने का उल्लेख है।

विशाखापट्टनम में भारी बारिश, सड़कों पर पानी

विशाखापट्टनम में लगातार बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। सड़कों पर गिरे पेड़ों और बिजली के खंभों के कारण यातायात प्रभावित हुआ।

विजयनगरम में भी भारी बारिश से कई जगह जलभराव की स्थिति बनी। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को लोगों के साथ पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 21 से 30 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में तबाही, 5 मौतों की खबर; हजारों लोग सुरक्षित जगह भेजे गए, ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित

ट्रेनों और उड़ानों पर भी पड़ा असर

तूफान के कारण रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम हवाई अड्डों से जुड़ी 21 उड़ानें रद्द की गईं।

ओडिशा में भी कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। विशाखापट्टनम-किरंदुल और राउरकेला-जगदलपुर जैसे रेल मार्गों पर सेवाओं में बदलाव की जानकारी सामने आई। रेलवे ने यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है।

ओडिशा में स्कूल बंद, सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग

चक्रवात अर्नब का असर पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी देखने को मिला। भारी बारिश की आशंका के कारण 16 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया।

राज्य में शुरुआती तौर पर करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जानकारी दी गई। पुरी के समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठीं, जबकि बालेश्वर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।

राहत कार्य में जुटीं NDRF और वायुसेना की टीमें

प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए राहत अभियान चलाया गया। भारतीय वायुसेना ने दो C-130J विमानों के जरिए विजयवाड़ा में 23 टन राहत सामग्री पहुंचाई।

NDRF की 16 टीमें आंध्र प्रदेश में तैनात की गईं, जबकि अन्य राज्यों में भी बचाव दल भेजे गए। स्थानीय पुलिस और SDRF के कर्मचारी जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती स्थित रियल टाइम गवर्नेंस सेंटर से प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की।

कमजोर पड़ा तूफान, बारिश का खतरा बरकरार

मौसम विभाग ने बताया कि आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद चक्रवात अर्नब कमजोर पड़ने लगा। हालांकि, इसका असर खत्म होने के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाली सड़कों, टूटे बिजली के तारों और समुद्र किनारे जाने से बचने की अपील की है।

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