भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को तीसरे वनडे में आठ विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से जीत ली। वैष्णवी शर्मा ने पांच विकेट लिए, जबकि प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने नाबाद अर्धशतक लगाकर भारत को आसान जीत दिलाई।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला भी अपने नाम कर लिया। बुधवार, 28 अक्टूबर को कोटांबी के बीसीए स्टेडियम में खेले गए मैच में भारत ने 132 रन का लक्ष्य सिर्फ 17 ओवर में पूरा किया। भारतीय टीम ने दो विकेट पर 133 रन बनाए और आठ विकेट से मैच जीत लिया। इससे पहले जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
प्रतिका और शेफाली ने 17 ओवर में खत्म किया मैच
लक्ष्य छोटा था, लेकिन भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान स्मृति मंधाना ने यास्तिका भाटिया को प्रतिका रावल के साथ ओपनिंग करने भेजा। यास्तिका पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद हरलीन देओल मैदान पर आईं और उन्होंने प्रतिका के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े।
हरलीन 19 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं शेफाली वर्मा ने तेजी से रन बनाने शुरू किए। उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और लगातार बड़े शॉट लगाए। प्रतिका ने 56 गेंदों पर नाबाद 59 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और तीन छक्के शामिल रहे। दूसरी तरफ शेफाली ने सिर्फ 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए।
उन्होंने छह चौके और तीन छक्के लगाए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 50 गेंदों में 74 रन की अटूट साझेदारी हुई। भारत ने 33 ओवर बाकी रहते मुकाबला जीत लिया।
वैष्णवी शर्मा ने पांच विकेट लेकर बिगाड़ा जिम्बाब्वे का खेल
इससे पहले जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। हालांकि, शुरुआती ओवरों में ही उसके तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। लोरिन फिरी खाता नहीं खोल सकीं। चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने चार और बिलव्ड बीजा ने सिर्फ एक रन बनाया। शुरुआती झटकों के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने कुछ अच्छे शॉट लगाए। उन्होंने 48 गेंदों में सात चौकों की मदद से 37 रन बनाए और अपनी टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं।
कप्तान जोसेफिन नकोमो ने 67 गेंदों पर 35 रन बनाए। चिएड्जा धुरुरू ने भी 20 रन का योगदान दिया। हालांकि, इनमें से कोई भी बल्लेबाज अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सकी। भारत की 20 वर्षीय बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने जिम्बाब्वे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। उन्होंने अपने 10 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट लिए। यह उनके वनडे करियर का पहला पांच विकेट वाला प्रदर्शन रहा।
वैष्णवी के अलावा क्रांति गौड़ ने सात ओवर में 23 रन देकर दो विकेट लिए। सायली सतघरे को भी दो सफलता मिलीं। उन्होंने छह ओवर में सिर्फ 11 रन खर्च किए। जिम्बाब्वे की पूरी टीम 39.5 ओवर में 131 रन पर सिमट गई।
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पहले दो वनडे में भी भारत ने दिखाई थी ताकत
तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम शुरू से आगे रही। पहले वनडे में भारत ने जिम्बाब्वे को नौ विकेट से हराया था। उस मुकाबले में प्रतिका रावल ने नाबाद 100 रन बनाए थे। जिम्बाब्वे की टीम 197 रन बना सकी थी, जबकि भारत ने 27.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया था। दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बनाया।
हरमनप्रीत कौर ने 126 और दीप्ति शर्मा ने नाबाद 106 रन बनाए। भारत ने छह विकेट पर 328 रन बनाए, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 207 रन ही बना सकी। भारत ने यह मैच 121 रन से जीता।
प्रतिका बनीं प्लेयर ऑफ द सीरीज, वैष्णवी को मिला मैच का पुरस्कार
प्रतिका रावल ने पूरी वनडे सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने तीन मैचों में 220 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। वैष्णवी शर्मा को आखिरी वनडे में पांच विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। उन्होंने सीरीज में कुल नौ विकेट हासिल किए और सबसे सफल गेंदबाज रहीं।
भारतीय महिला टीम इससे पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज भी 3-0 से जीत चुकी थी। इस तरह भारत ने दोनों सीरीज के सभी छह मुकाबले अपने नाम किए।









