स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टैन वावरिंका ने 41 साल की उम्र में पेशेवर करियर समाप्त कर दिया। बेसल में अपने आखिरी मुकाबले में उन्हें जिरी लेहेका से 7-5, 7-6 से हार मिली। वावरिंका ने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे।
स्पोर्ट्स: टेनिस की दुनिया में अपनी शानदार एक हाथ वाली बैकहैंड के लिए पहचाने जाने वाले स्टैन वावरिंका ने मंगलवार को अपना आखिरी पेशेवर मुकाबला खेला। स्विस इंडोर्स बेसल में उन्हें जिरी लेहेका के खिलाफ सीधे सेटों में हार मिली। मैच खत्म होने के बाद स्टेडियम का माहौल भावुक हो गया। दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी, जबकि वावरिंका और उनके परिवार के सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक सके। इस मुकाबले के साथ 2002 में शुरू हुआ उनका लंबा टेनिस सफर समाप्त हो गया।
आखिरी मैच में भी दिखाया संघर्ष
जिरी लेहेका के खिलाफ मुकाबले में वावरिंका ने अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाई। उन्होंने कई शानदार बैकहैंड शॉट लगाए और मुश्किल मौकों पर अंक हासिल किए।
पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर हुई, लेकिन लेहेका ने महत्वपूर्ण समय पर बढ़त बनाते हुए सेट 7-5 से जीत लिया। दूसरे सेट में वावरिंका ने मुकाबला बराबरी पर बनाए रखा। सेट टाईब्रेक तक पहुंचा, जहां लेहेका ने 7-2 से जीत हासिल की। आखिरी अंक गंवाने के बाद वावरिंका का पेशेवर करियर खत्म हो गया। हालांकि, मैच हारने के बाद भी दर्शकों ने उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना की।
भावुक हुए वावरिंका, दर्शकों ने दी शानदार विदाई
बेसल के स्टेडियम में बड़ी संख्या में स्विस प्रशंसक वावरिंका को आखिरी बार खेलते देखने पहुंचे थे। मैच के दौरान दर्शक लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे। कई मौकों पर वावरिंका ने भी हाथ उठाकर प्रशंसकों से अधिक समर्थन मांगा।
मुकाबला समाप्त होने के बाद स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। परिवार और टीम के सदस्यों के चेहरे पर भी भावुकता साफ दिखाई दे रही थी। वावरिंका ने अपने विदाई संदेश में कहा कि पूरे करियर में उनका प्रयास हर मैच में पूरी मेहनत करना रहा। वह बिना किसी पछतावे के टेनिस को अलविदा कहना चाहते थे।
2014 में जीता पहला ग्रैंड स्लैम
वावरिंका के करियर में बड़ा बदलाव 2014 के ऑस्ट्रेलियन ओपन से आया। उस समय उनकी उम्र 28 साल थी और उन्हें खिताब के प्रमुख दावेदारों में नहीं माना जा रहा था।
टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में उन्होंने नोवाक जोकोविच को हराया। इसके बाद फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी राफेल नडाल को शिकस्त देकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया। इस जीत ने उन्हें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों की सूची में पहुंचा दिया। उसी साल वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान तक पहुंचे।
फ्रेंच ओपन में फेडरर और जोकोविच को हराया
2015 का फ्रेंच ओपन वावरिंका के करियर की सबसे यादगार प्रतियोगिताओं में शामिल रहा। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अपने ही देश के रोजर फेडरर को हराया। इसके बाद फाइनल में नोवाक जोकोविच को शिकस्त देकर दूसरी बार ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उठाई।
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फाइनल में वावरिंका के ताकतवर शॉट और शानदार बैकहैंड ने जोकोविच को लगातार दबाव में रखा। यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि उस दौर में फेडरर, नडाल और जोकोविच जैसे खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंटों में लगातार दबदबा बनाए हुए थे।
2016 यूएस ओपन में मिला तीसरा खिताब
वावरिंका ने अपना तीसरा और आखिरी ग्रैंड स्लैम 2016 में यूएस ओपन जीतकर हासिल किया। टूर्नामेंट के तीसरे दौर में ब्रिटेन के डैन इवांस के खिलाफ उन्हें मैच पॉइंट का सामना करना पड़ा था, लेकिन वह वापसी करने में सफल रहे।
इसके बाद उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया और खिताबी मुकाबले में एक बार फिर नोवाक जोकोविच को हराया। इस जीत के साथ वावरिंका ने तीन अलग-अलग ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में चैंपियन बनने की उपलब्धि हासिल की।
ओलंपिक गोल्ड और डेविस कप भी जीता
वावरिंका की उपलब्धियां केवल एकल ग्रैंड स्लैम तक सीमित नहीं रहीं। 2008 के बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने रोजर फेडरर के साथ मिलकर पुरुष युगल का स्वर्ण पदक जीता था।
इसके अलावा 2014 में स्विट्जरलैंड को पहला डेविस कप खिताब दिलाने वाली टीम का भी वह हिस्सा रहे। अपने करियर में वावरिंका ने कुल 16 एटीपी एकल खिताब जीते। उन्होंने 985 टूर स्तर के मुकाबलों में हिस्सा लिया और 590 जीत दर्ज कीं।
फेडरर, नडाल और जोकोविच के दौर में बनाई पहचान
वावरिंका का करियर ऐसे समय में आगे बढ़ा, जब रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच टेनिस की दुनिया में सबसे मजबूत खिलाड़ियों के रूप में स्थापित थे। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस दौर में ग्रैंड स्लैम जीतने से चूक गए, लेकिन वावरिंका ने तीन बड़े खिताब अपने नाम किए। उनकी पहचान मेहनत, जबरदस्त बैकहैंड और मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करने वाले खिलाड़ी की रही।
उन्होंने साबित किया कि लगातार संघर्ष और सही समय पर बेहतरीन प्रदर्शन से टेनिस के सबसे बड़े खिताब भी जीते जा सकते हैं। बेसल में हार के साथ उनका करियर जरूर खत्म हुआ, लेकिन तीन ग्रैंड स्लैम, ओलंपिक स्वर्ण और डेविस कप की उपलब्धियां उन्हें टेनिस इतिहास के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में बनाए रखेंगी।










