हरियाणा सरकार सहकारी चीनी मिलों की कमाई बढ़ाने के लिए एथेनॉल प्लांट और वेयरहाउस बनाने की तैयारी कर रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अधिकारियों को योजना पर तेजी से काम करने और आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सोनीपत: हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों को घाटे से निकालने और उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार ने नई योजनाओं पर काम शुरू किया है। अब मिलों में एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के साथ खाली पड़ी जमीन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। बुधवार, 28 अक्टूबर को राई स्थित एथनिक इंडिया पर्यटन केंद्र में हुई समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अधिकारियों से इन योजनाओं की प्रगति जानी। उन्होंने गन्ना किसानों की सुविधाओं को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए।
खाली जमीन से कमाई बढ़ाने की तैयारी
हरियाणा की कई सहकारी चीनी मिलों के पास ऐसी जमीन है, जिसका फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है। सरकार अब इस जमीन पर वेयरहाउस बनाने की संभावनाएं तलाश रही है। इससे मिलों की खाली संपत्ति का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और उनकी आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता खुल सकता है।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेयरहाउस बनाने के लिए उपलब्ध जमीन और उससे जुड़ी जरूरतों का आकलन किया जाए। सरकार का मकसद चीनी मिलों को केवल चीनी उत्पादन पर निर्भर रखने के बजाय कमाई के दूसरे साधन भी उपलब्ध कराना है।
एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए मांगी रिपोर्ट
चीनी मिलों में एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी बैठक में चर्चा हुई। डॉ. अरविंद शर्मा ने शुगरफेड के अधिकारियों और मिलों के प्रबंध निदेशकों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
रिपोर्ट में प्लांट लगाने की संभावनाओं, तकनीकी जरूरतों और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की योजना तैयार हो सकेगी।
एथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल में मिश्रण के लिए किया जाता है। चीनी उद्योग में इससे जुड़ी गतिविधियां मिलों के लिए अतिरिक्त कारोबार का जरिया बन सकती हैं। हालांकि, हर मिल में प्लांट लगाने का अंतिम फैसला तकनीकी और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
घाटे में चल रही चीनी मिलों से मांगा जाएगा जवाब
समीक्षा बैठक में सहकारी चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने साफ किया कि लगातार घाटे में चल रही मिलों के प्रदर्शन की जांच की जाएगी और जिम्मेदारी तय होगी।
उन्होंने प्रबंध निदेशकों को मिलों के खर्च पर नियंत्रण रखने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन मिलों का काम बेहतर है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में सभी मिलों के प्रबंध निदेशकों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की। इनमें उत्पादन, तकनीकी व्यवस्थाओं और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी शामिल थी।
गन्ना पेराई शुरू होने से पहले पूरी हों तैयारियां
आगामी गन्ना पेराई सत्र को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश मिले हैं। मंत्री ने कहा कि सीजन शुरू होने से पहले मशीनों और दूसरी व्यवस्थाओं की जांच पूरी कर ली जाए।
मिलों में गन्ना लेकर आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। गन्ने की खरीद से लेकर पेराई तक सभी काम सुचारू रूप से चलें, इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
डॉ. शर्मा ने किसानों की सुविधाओं में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत भी दी।
सोनीपत में नई चीनी मिल लगाने की भी तैयारी
सहकारिता मंत्री ने बताया कि सोनीपत में नई चीनी मिल लगाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके गन्ने की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा अधिकारियों से प्रदेश में गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं। सरकार चाहती है कि किसानों को अपनी उपज का बेहतर आर्थिक लाभ मिले।
अब अधिकारियों की रिपोर्ट पर रहेगी नजर
बैठक में शाहाबाद सहकारी चीनी मिल के एथेनॉल प्लांट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल नई योजनाओं को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। इन रिपोर्टों के आधार पर एथेनॉल प्लांट और वेयरहाउस बनाने की आगे की प्रक्रिया तय होगी।
गन्ना किसानों और सहकारी चीनी मिलों से जुड़ी नई जानकारी के लिए हरियाणा सरकार और शुगरफेड के आधिकारिक अपडेट देखते रहें।









