नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत, अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया

नागपुर स्नातक MLC चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया। फडणवीस और गडकरी के गढ़ में भाजपा को झटका लगा।

महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी के गढ़ में भाजपा को हार मिली।

नागपुर: महाराष्ट्र विधान परिषद की नागपुर संभाग स्नातक सीट पर कांग्रेस ने एक बार फिर जीत दर्ज की है। पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार यह सीट अपने नाम की। मतगणना करीब 41 घंटे चली और गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह नतीजा सामने आया। वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए। नागपुर में भाजपा की हार को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। 

आखिरी दौर में पलटा चुनाव का नतीजा

नागपुर स्नातक सीट पर शुरुआत से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला रहा। बुधवार को पहली वरीयता के मतों की गिनती के दूसरे दौर के बाद भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले आगे चल रहे थे।

उस समय कोहाले को 60,924 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के खाते में 56,630 वोट आए थे। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 4,294 वोटों की बढ़त बना ली थी। मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी नितेश कराले ने भी अच्छी संख्या में वोट हासिल किए। उन्हें पहली वरीयता के 24,249 मत मिले।

हालांकि, पहली वरीयता की गिनती में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी वोट नहीं मिले। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गणना शुरू हुई। इसी दौरान मुकाबला पलट गया और वंजारी भाजपा उम्मीदवार से आगे निकल गए। 

41 घंटे चली वोटों की गिनती

नागपुर स्नातक सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतों की गिनती 27 अक्टूबर की सुबह नागपुर के मानकापुर स्थित विभागीय खेल परिसर में शुरू हुई। मतगणना के लिए 84 टेबल लगाई गई थीं। कुल 1,65,906 मतों में से 15,032 वोट अमान्य पाए गए, जबकि 1,50,874 वोट वैध घोषित हुए।

इस चुनाव में जीत के लिए पहली वरीयता के मतों का निर्धारित कोटा 75,438 था। कोई भी प्रत्याशी इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया। इसके बाद कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों को बाहर करते हुए उनकी अगली वरीयता के मत गिने गए। अंतिम गणना के बाद कांग्रेस के अभिजीत वंजारी सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे। निर्वाचन अधिकारी और संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। 

नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत, अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया

फडणवीस और गडकरी के गढ़ में भाजपा को झटका

नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। यही वजह है कि यहां के विधान परिषद चुनाव पर सभी की नजर थी। भाजपा ने पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले को मैदान में उतारा था। मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री गडकरी ने उनके समर्थन में प्रचार भी किया था।

इसके बावजूद भाजपा इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी है। ऐसे में कांग्रेस की जीत का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पहले नितिन गडकरी कई कार्यकाल तक कर चुके हैं। इस सीट पर भाजपा का लंबे समय तक प्रभाव रहा है। 

कौन हैं कांग्रेस के विजेता अभिजीत वंजारी?

अभिजीत गोविंदराव वंजारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह पेशे से वकील और शिक्षाविद हैं। नागपुर क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

वंजारी पहली बार साल 2020 में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार संदीप जोशी को हराया था। अब 2026 के चुनाव में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा।

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में किसका प्रदर्शन कैसा रहा? 

महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इन पांच सीटों में महाविकास आघाड़ी के खाते में तीन सीटें गईं। भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना ने एक-एक सीट हासिल की।  नागपुर में कांग्रेस की जीत ऐसे समय हुई है, जब राज्य की राजनीति में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच मुकाबला बना हुआ है। इस नतीजे से कांग्रेस को नागपुर क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती मिली है। 

कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह जीत?

नागपुर स्नातक सीट का चुनाव आम विधानसभा चुनाव से अलग होता है। इसमें निर्धारित योग्यता और पंजीकरण की शर्तें पूरी करने वाले स्नातक मतदाता हिस्सा लेते हैं। इसलिए इस चुनाव के नतीजों को सभी मतदाताओं की राय के तौर पर नहीं देखा जा सकता। हालांकि, नागपुर जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में लगातार दूसरी जीत कांग्रेस के लिए अहम है।

अब भाजपा के सामने इस सीट पर हार के कारणों की समीक्षा करने की चुनौती होगी। वहीं, अभिजीत वंजारी अगले कार्यकाल में स्नातक मतदाताओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार और दूसरे मुद्दों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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