काजल ढोचक ने रचा इतिहास, हैवीवेट में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में काजल ढोचक ने 76 किलो और नीलम सिरोही ने 50 किलो वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। पहली बार दो भारतीय महिलाएं एक साथ फाइनल में पहुंची।

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला पहलवान काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। काजल हैवीवेट कैटेगरी में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी हैं। पहली बार एक ही चैंपियनशिप में भारत की दो महिला पहलवान फाइनल तक पहुंचीं।

World Wrestling Championship 2026: कजाकिस्तान के अस्ताना में चल रही सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने नया इतिहास बनाया है। 18 साल की काजल ढोचक ने 76 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है। वह इस चैंपियनशिप की हैवीवेट कैटेगरी में मेडल हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। वहीं, 26 साल की नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में भारत को दूसरा सिल्वर दिलाया। दोनों पहलवानों को बुधवार, 28 अक्टूबर को अपने फाइनल मुकाबलों में हार मिली, लेकिन उनके प्रदर्शन ने भारतीय महिला कुश्ती के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर दिया।

एक ही चैंपियनशिप में दो भारतीय महिला पहलवानों ने रचा इतिहास

भारत के लिए यह चैंपियनशिप कई मायनों में खास रही। सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के इतिहास में पहली बार दो भारतीय महिला पहलवान एक ही संस्करण के फाइनल में पहुंचीं।

इससे पहले 2021 में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अंशु मलिक ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। वह सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थीं।

अब काजल और नीलम ने एक ही दिन दो सिल्वर मेडल जीतकर इस उपलब्धि को आगे बढ़ाया है। हालांकि, भारत को महिला कुश्ती में अपने पहले सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल का इंतजार अभी भी है।

आखिरी 20 सेकंड में काजल के हाथ से निकला गोल्ड

76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में काजल ढोचक का सामना यूक्रेन की अनुभवी पहलवान अनास्तासिया अल्पीयेवा से हुआ। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी।

पहले पीरियड में काजल पर दबाव रहा, लेकिन उन्होंने दूसरे पीरियड में शानदार वापसी की। एक समय मुकाबला 4-4 की बराबरी पर पहुंच गया था।

मैच खत्म होने में करीब 20 सेकंड बाकी थे, तभी अल्पीयेवा ने आक्रामक दांव लगाकर चार अंक हासिल कर लिए। इससे यूक्रेन की पहलवान ने 8-4 की बढ़त बना ली।

काजल ने हार नहीं मानी और आखिरी छह सेकंड में दो अंक जुटाए। हालांकि, समय खत्म होने तक वह स्कोर बराबर नहीं कर सकीं। मुकाबला 8-6 से अल्पीयेवा के नाम रहा और काजल को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

काजल ढोचक ने रचा इतिहास, हैवीवेट में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

सेमीफाइनल में सात अंक पीछे रहकर की थी वापसी

काजल पहली बार सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने अनुभवी पहलवानों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया।

सेमीफाइनल में उनका मुकाबला किर्गिस्तान की ऐपेरी मेदेत क्यजी से हुआ था। शुरुआत में काजल 1-7 से पिछड़ गई थीं। उस समय उनकी हार लगभग तय नजर आ रही थी।

लेकिन दूसरे पीरियड में उन्होंने लगातार अंक बटोरते हुए मुकाबले का रुख बदल दिया और 10-7 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई।

काजल इससे पहले अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। सीनियर स्तर पर अपने पहले ही प्रयास में सिल्वर जीतना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है।

नीलम सिरोही को जापान की युई सुसाकी ने हराया

50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में भारतीय पहलवान नीलम सिरोही के सामने जापान की दिग्गज युई सुसाकी थीं।

सुसाकी ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। उन्होंने पहले पीरियड में 5-0 की बढ़त हासिल की और इसके बाद नीलम को पिन-फॉल के जरिए हरा दिया।

इस जीत के साथ सुसाकी ने अपना पांचवां सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीता। वह लंबे समय से महिला कुश्ती के हल्के भार वर्गों में दुनिया की प्रमुख पहलवानों में शामिल रही हैं।

नीलम ने फाइनल में हार जरूर झेली, लेकिन इससे पहले सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बयानोवा को 7-3 से हराकर अपना पहला सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल खेला।

भारतीय महिला कुश्ती के लिए बड़ी उपलब्धि

काजल ढोचक और नीलम सिरोही के सिल्वर मेडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाई है। खास बात यह है कि काजल अभी केवल 18 साल की हैं और उनके पास आने वाले वर्षों में कई बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका होगा। वहीं, नीलम ने दुनिया की मजबूत पहलवानों के बीच फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता दिखाई है।

दोनों खिलाड़ियों की सफलता से यह भी पता चलता है कि भारत की नई महिला पहलवानें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती देने के लिए तैयार हो रही हैं।

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