गोरखपुर में चक्रवात अर्नब को लेकर रेड अलर्ट नगर निगम ने रद्द की छुट्टियां 24 घंटे तैनात रहेंगे कर्मचारी

गोरखपुर में चक्रवात अर्नब और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए नगर निगम ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। जलभराव से निपटने के लिए 24 घंटे निगरानी होगी
गोरखपुर में चक्रवात अर्नब को लेकर रेड अलर्ट नगर निगम ने रद्द की छुट्टियां 24 घंटे तैनात रहेंगे कर्मचारी
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गोरखपुर में संभावित चक्रवात अर्नब के प्रभाव और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम खराब होने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका के बीच शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। नगर निगम ने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें अगले दो दिनों तक 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को अपना मोबाइल फोन चालू रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया है। नगर निगम का मुख्य जोर बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और संवेदनशील इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से जल्द निपटने पर है।

महापौर मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त अजय जैन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में चक्रवात के संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शहर के उन स्थानों की पहचान कर विशेष निगरानी की जाए जहां पहले बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आ चुकी है। ऐसे इलाकों में समय रहते जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि तेज बारिश होने पर लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी शिकायत या आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम प्रशासन ने नालों, पुलियों और कल्वर्ट की सफाई पर भी विशेष जोर दिया है। बारिश के दौरान यदि नालों में कचरा जमा हो या पानी की निकासी बाधित हो जाए तो निचले इलाकों में जलभराव तेजी से बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सफाई व्यवस्था की जांच करने और जहां जरूरत हो वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि बारिश शुरू होने से पहले जलनिकासी के रास्ते साफ रहें और पानी निकालने में किसी तरह की बाधा नहीं आए।

शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी पंपों और संपवेल की कार्यशीलता जांचने के निर्देश भी दिए गए हैं। जो डीजल या इलेक्ट्रिक पंप खराब हैं, उनकी मरम्मत कराने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। नगर निगम ने पंपिंग व्यवस्था के लिए जनरेटर, बैटरी, पर्याप्त ईंधन और ऑपरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी पानी निकालने का काम जारी रह सके, इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम जरूरी माने जा रहे हैं।

आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने और क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी क्यूआरटी तथा इमरजेंसी गैंग को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन टीमों को जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत कार्य शुरू करना होगा। रात के समय भी निगरानी जारी रखने की तैयारी है, ताकि किसी क्षेत्र में अचानक पानी भरने या जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखें और किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित टीम को तुरंत भेजें।

नगर आयुक्त ने तैयारियों में लापरवाही को लेकर भी अधिकारियों को चेतावनी दी है। निर्देशों के अनुसार यदि जलनिकासी, पंपों की उपलब्धता या अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अवर अभियंता और सहायक अभियंता की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम खराब होने की स्थिति में नगर निगम की सेवाएं प्रभावित न हों और शहरवासियों को जल्द राहत मिल सके।

मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवा और गरज-चमक के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही नहीं करनी चाहिए और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए। चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था और आपातकालीन टीमों की तत्परता महत्वपूर्ण होगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते राहत पहुंचाई जा सके।

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