कुरनूल में साइकिल लेकर निकले मंत्री टी.जी. भरत, NDA उम्मीदवारों के लिए मांगे वोट

कुरनूल नगर निगम चुनाव से पहले मंत्री टी.जी. भरत ने वार्ड 28, 29 और 31 में साइकिल यात्रा निकाली। उन्होंने NDA उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे और विकास का वादा किया।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल नगर निगम चुनाव से पहले प्रचार तेज हो गया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री टी.जी. भरत गुप्ता ने शहर में साइकिल यात्रा निकालकर लोगों से मुलाकात की और तेलुगु देशम पार्टी, भाजपा तथा जनसेना के गठबंधन उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन की जीत से शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कुरनूल: आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर को होने वाले कुरनूल नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री टी.जी. भरत गुप्ता ने शहर में साइकिल यात्रा निकालकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने वार्ड नंबर 28, 29 और 31 में साइकिल चलाकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। भरत ने लोगों से अपील की कि वे तेलुगु देशम पार्टी (TDP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनसेना पार्टी (JSP) के गठबंधन को वोट दें, ताकि शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।

साइकिल चलाकर लोगों के बीच पहुंचे मंत्री टी.जी. भरत

नगर निगम चुनाव से पहले टी.जी. भरत ने प्रचार का अलग तरीका अपनाया है। बड़े चुनावी कार्यक्रमों के अलावा वह साइकिल से शहर की गलियों और रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। साइकिल यात्रा के दौरान उन्होंने वार्ड नंबर 28, 29 और 31 का दौरा किया। रास्ते में स्थानीय निवासियों का अभिवादन किया और उनसे गठबंधन उम्मीदवारों को समर्थन देने का अनुरोध किया।

भरत ने कहा कि कुरनूल के विकास के लिए नगर निगम में भी NDA गठबंधन की जीत जरूरी है। उनका दावा है कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से सड़क, पानी, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम तेजी से पूरे किए जा सकेंगे।

कुरनूल के विकास को बनाया चुनावी मुद्दा

मंत्री टी.जी. भरत ने अपने चुनाव प्रचार में शहर के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन सरकार के कार्यकाल में कुरनूल की पुरानी समस्याओं को दूर करने के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने, बिजली की सुविधाएं बढ़ाने और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

भरत के मुताबिक, बेल्लारी चौराहे पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने की कोशिश हो रही है। शहर में करीब 900 नए बिजली के खंभे लगाने और पानी की आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक बनाने की योजना भी है।

उन्होंने करीब चार करोड़ रुपये की लागत से आउटडोर स्टेडियम विकसित करने और पार्कों की स्थिति सुधारने की बात कही। हालांकि, इन योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जा सकता है।

1 नवंबर को कुरनूल नगर निगम के लिए मतदान

कुरनूल नगर निगम में कुल 68 वार्ड हैं और यहां लगभग 4.79 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। इस चुनाव में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। नगर निगम के मेयर का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। TDP ने बोल्लेदुला विजय प्रत्यूषा को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है, जबकि YSRCP की ओर से यू. सुशीला चुनाव मैदान में हैं।

दोनों दल अपने उम्मीदवारों के समर्थन में वार्ड स्तर पर प्रचार कर रहे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार की विकास योजनाओं को मुद्दा बना रहा है, जबकि विपक्ष स्थानीय समस्याओं और अपने पिछले कार्यकाल की योजनाओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंच रहा है।

विपक्षी YSRCP पर भी साधा निशाना

टी.जी. भरत ने चुनाव प्रचार के दौरान पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि YSRCP के शासनकाल में कुरनूल में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार जिले में निवेश लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पत्तिकोंडा में टमाटर प्रसंस्करण इकाई और युवाओं के लिए पायलट प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजनाओं का उल्लेख किया।

इसके अलावा उन्होंने रोजगार मेलों के आयोजन और स्थानीय युवाओं को नौकरियों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाने का दावा किया। हालांकि, विपक्ष पर लगाए गए आरोप मंत्री के राजनीतिक बयान हैं। सरकार के दावों और विपक्ष की आलोचनाओं का मूल्यांकन वास्तविक विकास कार्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।

नगर निगम चुनाव में किसका पलड़ा भारी?

कुरनूल नगर निगम चुनाव को राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार और विपक्षी YSRCP, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम पर नियंत्रण मिलने से सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और स्थानीय विकास योजनाओं जैसे मुद्दों पर फैसले लेने में अहम भूमिका मिलती है।

यही वजह है कि दोनों दलों के वरिष्ठ नेता लगातार प्रचार में जुटे हैं। टी.जी. भरत की साइकिल यात्रा भी इसी चुनावी अभियान का हिस्सा है। अब 1 नवंबर को मतदाता तय करेंगे कि शहर के स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी किसे मिलेगी।

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