रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस में हुई 13वीं ADMM-Plus बैठक में देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी देशों का मिलकर काम करना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने कई देशों के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात की।
Rajnath Singh Philippines Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए देशों के बीच भरोसा होना जरूरी है। भारत इस इलाके में शांति चाहता है और आसियान देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा। बैठक में अलग-अलग देशों के रक्षा मंत्रियों ने सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।
राजनाथ सिंह ने कहा- देशों के बीच भरोसा बढ़ाना जरूरी
फिलीपींस के सेबू स्थित मैक्टन एक्सपो सेंटर में हुई बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति का अहम हिस्सा है। भारत लंबे समय से इन देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सामने सुरक्षा से जुड़ी कई नई चुनौतियां हैं। इनका सामना करने के लिए सभी देशों को एक-दूसरे का साथ देना होगा।
राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि इस बैठक से देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा और रक्षा क्षेत्र में मिलकर काम करने के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए फिलीपींस सरकार का धन्यवाद भी किया।
अमेरिका से रक्षा सहयोग और आतंकवाद पर बातचीत
ADMM-Plus बैठक से पहले बुधवार, 28 अक्टूबर को राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा प्रमुख पीट हेगसेथ से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच चल रहे रक्षा सहयोग पर चर्चा की। बातचीत में सैन्य तकनीक साझा करने, रक्षा उपकरण मिलकर बनाने और दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के 10 साल के रक्षा सहयोग ढांचे की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादी संगठनों को मदद देने वाले देशों के खिलाफ दुनिया को सख्त रुख अपनाना चाहिए। अमेरिकी पक्ष ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों का समर्थन दोहराया।
जापान और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रियों से क्या बात हुई?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी से मुलाकात की। दोनों ने समुद्र की सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कामों पर बातचीत की। इस दौरान जहाज बनाने और नौसेना के लिए जरूरी उपकरण तैयार करने में एक-दूसरे की मदद करने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने नई रक्षा तकनीक पर साथ काम करने की बात भी की।
राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल से भी मुलाकात की। दोनों ने समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने पर बात की। इसके अलावा सेना के लिए नई तकनीक और रक्षा उपकरण तैयार करने में मिलकर काम करने पर भी चर्चा हुई।
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री से भी मिले राजनाथ सिंह
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राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स से भी मुलाकात की। दोनों ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे रक्षा सहयोग को लेकर बातचीत की। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि दोनों देशों की सेनाएं मिलकर कैसे बेहतर काम कर सकती हैं। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी परेशानियों से निपटने के लिए एक-दूसरे की मदद करने पर भी बात हुई।
इस दौरान राजनाथ सिंह ने रिचर्ड मार्ल्स को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने फरवरी 2027 में बेंगलुरु में होने वाले एयरो इंडिया कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया।
फिलीपींस के साथ समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर बात
राजनाथ सिंह की फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो सी. टेओडोरो जूनियर से भी मुलाकात हुई। दोनों ने भारत और फिलीपींस के रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत की। समुद्र के रास्ते होने वाला व्यापार दोनों देशों के लिए अहम है। ऐसे में समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने पर खास चर्चा हुई। साथ ही रक्षा उपकरणों के निर्माण में एक-दूसरे के साथ काम करने की संभावनाएं भी देखी गईं। दोनों देशों का मकसद समुद्र में सुरक्षा बेहतर करना है, ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी परेशानी के हो सके।
क्या है ADMM-Plus और इसमें कौन-कौन से देश हैं?
ADMM-Plus रक्षा मंत्रियों की एक अंतरराष्ट्रीय बैठक है। इसमें एशिया और दुनिया के दूसरे प्रमुख देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं। बैठक में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और रक्षा से जुड़े दूसरे मुद्दों पर बातचीत होती है। इस मंच में आसियान के 11 सदस्य देशों के अलावा भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
ADMM-Plus की शुरुआत 12 अक्टूबर 2010 को हुई थी। इसकी पहली बैठक वियतनाम की राजधानी हनोई में रखी गई थी। साल 2017 से रक्षा मंत्रियों की बैठक हर साल आयोजित की जा रही है। भारत 1992 से आसियान का संवाद साझेदार है। साल 2026 में फिलीपींस आसियान की अध्यक्षता कर रहा है। भारत और मलेशिया भी इस मंच पर एक अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दोनों देश 2024 से 2027 के बीच आतंकवाद से निपटने वाले विशेषज्ञ समूह की संयुक्त अध्यक्षता कर रहे हैं।









