झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने सीआईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
धनबाद: झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। डुमरी विधायक डॉ. जयराम कुमार महतो ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह मामला केवल झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने राज्य पुलिस और सीआईडी की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।
सीआईडी जांच की रफ्तार पर जयराम महतो ने उठाए सवाल
डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने अपने बयान में कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच जिस तरह आगे बढ़ रही है, उससे कई सवाल पैदा हो रहे हैं।
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उनका कहना है कि जांच की धीमी रफ्तार के कारण अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सामने आए तथ्यों के बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
महतो ने जेएसएससी के अध्यक्ष और सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि गंभीर आरोपों के बाद भी जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
हालांकि, विधायक के आरोपों के आधार पर किसी अधिकारी को दोषी नहीं माना जा सकता। अंतिम जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।
अंतरराज्यीय स्तर पर जांच कराने की मांग
जयराम महतो का दावा है कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला दूसरे राज्यों से भी जुड़ा हो सकता है।
इसी आधार पर उन्होंने राज्य सरकार से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की सिफारिश करने को कहा है।
इस बीच सीआईडी की जांच में कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और परीक्षा परिणामों में हेरफेर जैसे आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसी इन मामलों से जुड़े दस्तावेजों और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
जेपीएससी में खाली पदों को लेकर भी नाराजगी
विधायक ने झारखंड लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने का मुद्दा भी उठाया।
उनके अनुसार, आयोग में नियुक्तियों की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने से नई भर्ती परीक्षाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
उन्होंने सवाल किया कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा।
महतो ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो।
भर्ती परीक्षाओं की जांच में अब तक क्या हुआ?
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों की जांच सीआईडी पहले से कर रही है।
सितंबर 2026 में झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी अनियमितताओं की सीआईडी जांच की निगरानी के लिए हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया था।
वहीं, जेपीएससी परीक्षा से संबंधित एक मामले में सीआईडी ने अक्टूबर में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। जांच में परीक्षा संचालन एजेंसियों के चयन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं।
इन कार्रवाइयों के बावजूद विधायक ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की जरूरत बताई है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है भर्ती विवाद
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है।
सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था।
याचिका में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।
इससे पहले राज्य में अभ्यर्थियों ने भी सीबीआई जांच को लेकर प्रदर्शन किए थे। कई छात्र संगठनों ने भर्ती व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
युवाओं के भविष्य का सवाल बता रहे विधायक
जयराम महतो ने कहा कि सरकारी भर्ती परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हैं। ऐसे मामलों में गड़बड़ी के आरोप सामने आने पर सरकार को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से सीबीआई जांच की अनुशंसा करने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता दूर करने की मांग की है।
फिलहाल विधायक की नई मांग पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सीबीआई जांच को लेकर अंतिम फैसला सरकार और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं, जांच और नई नियुक्तियों से जुड़ी सही जानकारी के लिए आयोगों की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी घोषणाओं पर नजर रखें।









