गुरुग्राम के सेक्टर-31 में खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ ने कई फूड आउटलेट्स का निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई की सफाई, खाने के सामान के रखरखाव और कर्मचारियों की स्वच्छता पर ध्यान दिया गया। संचालकों को सुरक्षित भोजन तैयार करने के तरीके समझाए गए।
गुरुग्राम: शहर में लोगों को साफ और सुरक्षित खाना मिले, इसके लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जांच और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में सेक्टर-31 के कई फूड आउटलेट्स का निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ ने रसोई, बर्तन, खाने की सामग्री रखने की जगह और कर्मचारियों की साफ-सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही संचालकों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई।
सेक्टर-31 के इन फूड आउटलेट्स में हुआ निरीक्षण
मेट्रोपालिटन सर्विलांस यूनिट (MSU), गुरुग्राम से जुड़े खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ राकेश ने सेक्टर-31 में ट्विन ब्रदर्स, एएए फूड्स और मुंबई एक्सप्रेस पाव भाजी समेत कई खाद्य प्रतिष्ठानों का दौरा किया। उन्होंने वहां खाना तैयार करने और ग्राहकों को परोसने के दौरान अपनाई जाने वाली साफ-सफाई की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया।
इस दौरान संचालकों को बताया गया कि खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केवल अच्छी सामग्री का इस्तेमाल करना काफी नहीं है। खाना बनाने की जगह, बर्तन और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का साफ रहना भी उतना ही जरूरी है।
इसके अलावा खाने के सामान को सही तरीके से रखने और उसे गंदगी से बचाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक करना था।
रसोई की सफाई और खाने के रखरखाव पर दिया जोर
जांच के दौरान उन जगहों पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां खाने की सामग्री रखी जाती है या भोजन तैयार होता है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ ने संचालकों को रसोई में नियमित सफाई रखने और खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाली सतहों को सैनिटाइज करने का महत्व समझाया।
खाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और उपकरणों का सही रखरखाव भी जरूरी बताया गया। इसके साथ ही कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देने की सलाह दी गई, ताकि खाना तैयार करते समय गंदगी या संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।
प्रतिष्ठान संचालकों को यह भी समझाया गया कि सुरक्षित पेयजल और साफ-सुथरी जगह पर भोजन तैयार करने से खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका कम हो सकती है।
साफ-सफाई में लापरवाही से बढ़ सकता है बीमारी का खतरा
खाने की तैयारी और भंडारण में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने से लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। दूषित भोजन के कारण पेट से जुड़ी परेशानियां और दूसरी खाद्य जनित बीमारियां होने का खतरा रहता है।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ राकेश ने संचालकों से स्वच्छता के नियमों को रोजाना अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रसोई की नियमित सफाई, बर्तनों का सही रखरखाव और कर्मचारियों की स्वच्छता सुरक्षित भोजन तैयार करने के लिए जरूरी है।
इस निरीक्षण के जरिए खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को यह संदेश दिया गया कि ग्राहकों तक साफ और सुरक्षित खाना पहुंचाना उनकी अहम जिम्मेदारी है। नियमित सावधानी और बेहतर रखरखाव से भोजन दूषित होने का जोखिम कम किया जा सकता है।









