दुर्गा पूजा पास घोटाले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी, ममता बनर्जी पर भी उठे सवाल

बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन दुर्गा पूजा पास घोटाले मे गिरफ्तार। आज कोर्ट मे पेशी होगी। ED की जांच और ममता बनर्जी से जुड़े 30 लाख रुपये के दावे का मामला ।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता इंद्रनील सेन को दुर्गा पूजा के विशेष पास बेचने में कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें गुरुवार, 29 अक्टूबर को अदालत में पेश किया जाना है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले की अलग जांच कर रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाए हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। कोलकाता पुलिस ने बुधवार, 28 अक्टूबर की शाम उन्हें दुर्गा पूजा के विशेष पास बेचने से जुड़े कथित घोटाले में गिरफ्तार किया था। गुरुवार को उन्हें कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांग सकती है। इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) अलग-अलग कर रहे हैं।

ED से पूछताछ के बाद हुई इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी

इंद्रनील सेन बुधवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ED कार्यालय पहुंचे थे। वहां उनसे कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कई घंटे पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद जैसे ही सेन कार्यालय से बाहर निकले, वहां मौजूद कोलकाता पुलिस की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इसके बाद उन्हें लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय ले जाया गया।

पुलिस ने आगे की पूछताछ के बाद शाम को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच बाकी है। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि कथित घोटाले से जुटाई गई रकम कहां गई और किन लोगों को इसका फायदा मिला।

आज कोर्ट में पेशी, पुलिस मांगेगी हिरासत

गुरुवार को इंद्रनील सेन को अदालत में पेश करने की तैयारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अदालत ले जाने से पहले उनकी मेडिकल जांच कराई जाएगी। सरकारी वकील अदालत से सेन की पुलिस हिरासत की मांग कर सकते हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि उनसे विस्तार से पूछताछ जरूरी है। पुलिस केवल दुर्गा पूजा पास मामले की ही नहीं, बल्कि पिछली सरकार में उनके मंत्री रहते हुए सामने आई अन्य कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जानकारी जुटाना चाहती है।

हालांकि, पुलिस हिरासत कितने दिनों की मिलेगी, इसका फैसला अदालत करेगी।

क्या है दुर्गा पूजा के फर्जी पास का मामला?

इस मामले का संबंध दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित विशेष पंडाल दर्शन और प्रीव्यू कार्यक्रमों से है।

आरोप है कि MassArt Society नाम की संस्था ने 2022 से 2025 के बीच लोगों से विशेष प्रवेश पास के बदले बड़ी रकम जुटाई।

शिकायत के मुताबिक, संस्था ने खुद को यूनेस्को (UNESCO) से जुड़ा बताकर अपने कार्यक्रमों का प्रचार किया था।

दरअसल, कोलकाता की दुर्गा पूजा को दिसंबर 2021 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया था।

आरोप है कि इसी अंतरराष्ट्रीय पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को विशेष सुविधाओं और पंडालों में प्रवेश का भरोसा दिलाया गया।

जांच में यह देखा जा रहा है कि पास की बिक्री से मिले पैसे का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के लिए हुआ या उन्हें दूसरी जगह भेजा गया।

इंद्रनील सेन की पत्नी का नाम भी जांच में

MassArt Society से इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन के संबंधों की भी जांच हो रही है। ED के अनुसार, मधुछंदा सेन संस्था की अध्यक्ष हैं। जांच एजेंसी संस्था के पदाधिकारियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

इस मामले में जून 2026 में बउबाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को लेकर अलग जांच शुरू की।

ममता बनर्जी को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सेन ने मंत्री रहते हुए अपने पद और तत्कालीन मुख्यमंत्री से नजदीकी का फायदा उठाया।

शुभेंदु का कहना है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं से लाभ उठाने वाले दूसरे प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में अन्य बड़े नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के ये राजनीतिक आरोप हैं। किसी व्यक्ति की कथित वित्तीय अनियमितताओं में भागीदारी जांच और अदालत की प्रक्रिया से ही साबित हो सकती है।

ममता बनर्जी को 30 लाख रुपये मिलने का दावा

ED ने अक्टूबर की शुरुआत में दावा किया था कि इंद्रनील सेन से जुड़ी कंपनी Octave Records के बैंक खाते से करीब 30 लाख रुपये ममता बनर्जी को भेजे गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, यह रकम बैंकिंग माध्यमों से ट्रांसफर हुई थी। इंद्रनील सेन ने पूछताछ में बताया था कि यह भुगतान रॉयल्टी के रूप में किया गया था।

टीएमसी ने भी ममता बनर्जी को संगीत और लेखन से मिलने वाली रॉयल्टी का हवाला देते हुए आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि ED ने इस भुगतान का जिक्र किया है, लेकिन इससे अपने आप ममता बनर्जी की किसी अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती।

सरकारी टेंडर में गड़बड़ी की भी जांच

इंद्रनील सेन के खिलाफ एक अलग जांच राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में कथित टेंडर अनियमितताओं से जुड़ी है। इस विभाग में मंत्री रहते हुए सेन पर सरकारी ठेकों के आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। राज्य सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच आयोग भी इन आरोपों की जांच कर रहा है। यह प्रक्रिया ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से अलग है।

फिलहाल पुलिस की पूछताछ, वित्तीय रिकॉर्ड और अदालत की अगली कार्यवाही पर नजर रहेगी। सेन और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों पर अंतिम फैसला कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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