देश में परिवारों की घटती बचत और बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है। जयराम रमेश ने कहा कि घर चलाने का खर्च बढ़ रहा है, लेकिन लोगों की कमाई उस हिसाब से नहीं बढ़ रही। उन्होंने सरकार से महंगाई कम करने और रोजगार के नए मौके देने की मांग की।
नई दिल्ली: महंगाई और घरेलू बचत को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार, 28 अक्टूबर को कहा कि मध्यम वर्ग के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च बढ़ने से कई परिवार पहले जितने पैसे नहीं बचा पा रहे हैं। उन्होंने बढ़ते घरेलू कर्ज पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार को आम लोगों की आर्थिक परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए।
एक साल में 88 हजार करोड़ रुपये कम हुई बचत
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट शेयर की। इसमें दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश के परिवारों की शुद्ध वित्तीय बचत 21.69 लाख करोड़ रुपये रही। इससे पिछले साल यह आंकड़ा 22.57 लाख करोड़ रुपये था। दोनों साल के आंकड़ों को देखें तो बचत में करीब 88 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आई है। हालांकि, इस दौरान लोगों ने बैंकों में ज्यादा पैसा जमा किया और म्यूचुअल फंड समेत दूसरी योजनाओं में भी निवेश बढ़ाया।
इसके बावजूद शुद्ध बचत कम होने की वजह बढ़ता कर्ज बताया गया है। दरअसल, शुद्ध वित्तीय बचत निकालते समय लोगों की नई जमा और निवेश में से उनकी नई कर्ज देनदारी घटाई जाती है। इस दौरान कर्ज में ज्यादा बढ़ोतरी होने से बचत का आंकड़ा नीचे आ गया।
महंगाई पर जयराम रमेश ने सरकार को घेरा
जयराम रमेश ने कहा कि महंगाई के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। खासकर उन परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है, जिनकी कमाई ज्यादा नहीं है। राशन और घर की दूसरी जरूरतों पर पहले से ज्यादा पैसे खर्च हो रहे हैं, जबकि लोगों की आमदनी उस हिसाब से नहीं बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई की असली तस्वीर लोगों के सामने नहीं रख रही। रमेश का कहना है कि मध्यम वर्ग के कई परिवारों को महीने का खर्च निकालने के बाद बचत करने में दिक्कत आ रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कमाई का ज्यादातर हिस्सा घर की जरूरतों पर ही खर्च हो जाए तो बाकी कामों के लिए पैसे कहां से बचेंगे। उन्होंने सरकार से महंगाई कम करने और युवाओं के लिए नौकरी के नए मौके पैदा करने की मांग की।
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परिवारों पर क्यों बढ़ रहा कर्ज का बोझ?
कांग्रेस ने लोगों पर बढ़ते कर्ज को भी चिंता की बात बताया है। जयराम रमेश का दावा है कि कई परिवारों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए उधार लेना पड़ रहा है। कुछ लोग पहले से जमा किए हुए पैसे भी खर्च कर रहे हैं। दरअसल, शुद्ध वित्तीय बचत का हिसाब लगाते समय लोगों की नई वित्तीय जमा और निवेश में से उनकी नई कर्ज देनदारी घटाई जाती है।
इसलिए अगर कर्ज तेजी से बढ़ता है, तो बचत का आंकड़ा कम हो सकता है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि देश के सभी परिवारों की कमाई कम हो गई है या हर कोई घर चलाने के लिए कर्ज ले रहा है।
युवाओं की नौकरी को लेकर भी उठाए सवाल
जयराम रमेश ने देश में रोजगार की स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कंपनियां पहले के मुकाबले कम लोगों को नौकरी दे रही हैं। वहीं, कुछ कर्मचारियों की पुरानी नौकरियां भी जा रही हैं। उनका कहना है कि नई नौकरियां कम होने से युवाओं की परेशानी बढ़ सकती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी अगर काम नहीं मिलेगा, तो युवाओं के लिए अपनी जरूरतें पूरी करना मुश्किल होगा। कांग्रेस ने सरकार से ऐसी योजनाओं पर काम करने की मांग की है, जिनसे युवाओं को नौकरी मिले और लोगों की आमदनी बढ़ सके।










