विधान परिषद चुनाव के शुरुआती नतीजों पर अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा और 'बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो' लिखकर तंज कसा। हालांकि, बाद में नागपुर में अभिजीत वंजारी की जीत से कांग्रेस का खाता खुल गया।
नई दिल्ली: चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर कांग्रेस के प्रदर्शन का मजाक उड़ाया। उन्होंने 28 सीटों में पार्टी को एक भी जीत नहीं मिलने की बात कही थी। हालांकि, गुरुवार सुबह महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट का अंतिम परिणाम आने के बाद कांग्रेस की एक सीट पर जीत की पुष्टि हो गई।
अमित शाह ने कांग्रेस को लेकर क्या लिखा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि पार्टी ने 28 विधान परिषद सीटों में से कितनी जीती हैं। इसके जवाब में उन्होंने खुद ही शून्य लिखा। शाह ने इसके साथ 'Ballot Box इस्तीफा दो' लिखकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उनकी पोस्ट में एक कार्टून भी था, जिसमें राहुल गांधी जैसे दिखने वाले व्यक्ति के साथ बैलेट बॉक्स को दिखाया गया था।
दरअसल, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अमित शाह ने उन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उनकी पोस्ट ऐसे समय पर आई, जब चार राज्यों की अधिकांश विधान परिषद सीटों के परिणाम सामने आ चुके थे, लेकिन नागपुर स्नातक सीट पर मतगणना पूरी नहीं हुई थी।
पीएम मोदी ने भी बैलेट पेपर पर उठाया था सवाल
अमित शाह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 28 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव के नतीजों का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने अपने X पोस्ट में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर हुए चुनावों की बात कही। उन्होंने बताया कि इन चुनावों में मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया गया था।इसके बाद मोदी ने सवाल किया कि कांग्रेस ने इनमें कितनी सीटें जीती हैं।
प्रधानमंत्री का यह बयान कांग्रेस की ओर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच आया था। बीजेपी नेताओं ने बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को अपने राजनीतिक तर्क के तौर पर इस्तेमाल किया।
नागपुर में कांग्रेस ने पलटा चुनावी मुकाबला
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अमित शाह की पोस्ट के कुछ घंटे बाद महाराष्ट्र की नागपुर संभाग स्नातक सीट का नतीजा सामने आया। यहां कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हरा दिया। वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और 29 अक्टूबर की सुबह पूरी हुई।
शुरुआती दौर में बीजेपी उम्मीदवार आगे चल रहे थे। हालांकि, किसी उम्मीदवार को पहली वरीयता के आधार पर जीत के लिए जरूरी वोट नहीं मिले। इसके बाद दूसरी वरीयता के वोट गिने गए और मुकाबला कांग्रेस के पक्ष में चला गया। इस जीत के साथ अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी बार नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट अपने नाम की। नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र भी है।
कर्नाटक में कांग्रेस को चारों सीटों पर हार
विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका कर्नाटक में लगा, जहां उसकी सरकार है। राज्य की चारों शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर बीजेपी और जेडीएस गठबंधन ने जीत दर्ज की। बीजेपी ने तीन सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी जेडीएस को एक सीट मिली। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मौजूदा एमएलसी पुट्टना को 908 वोटों से हराया।
कांग्रेस ने चार राज्यों की कुल 28 सीटों में से 12 पर उम्मीदवार उतारे थे। शुरुआती नतीजों में उसे कोई सफलता नहीं मिली थी, लेकिन नागपुर के परिणाम ने अंतिम आंकड़ा बदल दिया।
चार राज्यों में किस पार्टी को मिली कितनी सीटें?
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला देखने को मिला। बिहार में कई दलों के उम्मीदवार जीते। यहां भाजपा और जेडीयू के अलावा आरजेडी, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की। महाराष्ट्र में भी अलग-अलग पार्टियों को सफलता मिली। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के साथ महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार भी चुनाव जीते। नागपुर की सीट कांग्रेस के पास ही रही, जबकि पुणे स्नातक सीट पर एनसीपी (शरद पवार) ने जीत हासिल की।
चारों राज्यों के नतीजों को मिलाकर देखें तो एनडीए के खाते में 16 सीटें आईं। इनमें से 13 सीटें अकेले भाजपा ने जीतीं। इन चुनावों में बैलेट पेपर से वोट डाले गए थे। इसी बात को लेकर भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किए हैं। वहीं, कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की जांच पर आपत्ति जताती रही है।








