अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए तेजी से बन रहे डेटा सेंटरों का विरोध बढ़ रहा है। 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में 10 राज्यों के मतदाता डेटा सेंटर निर्माण से जुड़े कम से कम 41 स्थानीय प्रस्तावों पर फैसला करेंगे। इनमें नए प्रोजेक्ट पर रोक, निर्माण की शर्तें बदलने और अतिरिक्त मंजूरी लेने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। ओहायो में सबसे ज्यादा विरोध देखने को मिल रहा है।
वॉशिंगटन: अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा सेंटरों का निर्माण अब चुनावी मुद्दा बन गया है। देश के 10 राज्यों में लोग यह तय करने के लिए मतदान करेंगे कि उनके इलाकों में बड़े डेटा सेंटर बनाए जाएं या उन पर नई पाबंदियां लगाई जाएं। 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव के साथ 38 स्थानीय क्षेत्रों में कम से कम 41 प्रस्तावों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें कुछ प्रस्ताव नए डेटा सेंटर बनाने पर रोक लगाने के हैं, जबकि कुछ में बिजली-पानी की खपत और निर्माण की अनुमति से जुड़े नियम सख्त करने की मांग की गई है।
अमेरिका में डेटा सेंटरों का विरोध क्यों बढ़ रहा है?
अमेरिका में AI तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। इसके लिए बड़ी संख्या में डेटा सेंटरों की जरूरत पड़ रही है, जहां हजारों कंप्यूटर सर्वर एक साथ काम करते हैं। इन सर्वरों को लगातार चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली चाहिए। मशीनों का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पानी और दूसरी कूलिंग तकनीकों का भी इस्तेमाल होता है।
इसी वजह से कई अमेरिकी शहरों में लोग नए डेटा सेंटरों के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों को चिंता है कि इन परियोजनाओं से बिजली की मांग बढ़ सकती है और पानी की उपलब्धता पर दबाव पड़ सकता है। लोग यह भी जानना चाहते हैं कि बड़े डेटा सेंटर बनने से उनके बिजली बिल और आसपास के पर्यावरण पर क्या असर पड़ेगा।
ओहायो में सबसे ज्यादा 21 प्रस्तावों पर मतदान
अमेरिका के ओहायो राज्य में डेटा सेंटरों को लेकर सबसे ज्यादा विरोध देखा जा रहा है। चुनाव संबंधी आंकड़ों पर नजर रखने वाली गैर-पक्षपाती संस्था बैलटपीडिया के अनुसार, राज्य के एक दर्जन से अधिक स्थानीय क्षेत्रों में डेटा सेंटरों से जुड़े 21 प्रस्ताव मतदान के लिए रखे गए हैं।
इनमें कुछ इलाकों में बड़े डेटा सेंटरों के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग है। दूसरे प्रस्तावों में कंपनियों को निर्माण शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन या मतदाताओं की मंजूरी लेने की शर्त रखने की बात कही गई है। ओहायो अमेरिका में डेटा सेंटर निर्माण के तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। ऐसे में यहां के चुनावी फैसलों पर बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी नजर है।
डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के समर्थक कर रहे विरोध
डेटा सेंटरों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर चल रहे अभियानों की खास बात यह है कि इनमें राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच भी सहमति दिखाई दे रही है। ओहायो में काम करने वाले संगठन कंजर्व ओहायो की सदस्य जेसिका बेकर के अनुसार, डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों से जुड़े लोग कुछ बड़े डेटा सेंटरों के निर्माण पर रोक लगाने का समर्थन कर रहे हैं।
बेकर का कहना है कि स्थानीय लोग अपने इलाकों की बिजली, पानी और पर्यावरण को सुरक्षित रखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, अगर कंपनियां खुद गैस टरबाइन या परमाणु ऊर्जा से बिजली पैदा करने की व्यवस्था कर लें, तब भी आसपास रहने वाले लोगों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं होंगी।
कुछ परिवारों को बिजली उत्पादन से होने वाले प्रदूषण और बच्चों में अस्थमा जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का डर है। हालांकि, किसी विशेष डेटा सेंटर से ऐसे स्वास्थ्य नुकसान होने का निष्कर्ष अलग पर्यावरणीय और वैज्ञानिक जांच से ही निकाला जा सकता है।
अमेजन के 2 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट पर भी संकट
ओहायो के कोलंबस शहर के पास सनबरी में डेटा सेंटरों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव मतदान के लिए रखा गया है। इसमें 25 मेगावाट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले डेटा सेंटरों के निर्माण पर रोक लगाने की बात कही गई है। यदि स्थानीय मतदाता प्रस्ताव का समर्थन करते हैं, तो इसका असर अमेजन की करीब 2 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजना पर पड़ सकता है।
मतदान से पहले अमेजन के सार्वजनिक नीति प्रमुख शैनन केलॉग ने स्थानीय टेलीविजन कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लोगों के सवालों के जवाब दिए। अमेजन का कहना है कि उसके डेटा सेंटर रोजगार के अवसर पैदा करते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को कर राजस्व के जरिए मदद पहुंचाते हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी स्पष्ट नहीं किया है कि चुनाव में प्रतिबंध के पक्ष में फैसला आने पर वह अपनी विस्तार योजनाओं में क्या बदलाव करेगी।
विरोध के बावजूद तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर कारोबार
स्थानीय विरोध के बावजूद अमेरिका में डेटा सेंटरों का निर्माण लगातार बढ़ रहा है। रियल एस्टेट सेवा कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच अमेरिका में निर्माणाधीन डेटा सेंटर क्षमता 48 प्रतिशत बढ़ी है।
कंपनी के डेटा सेंटर विशेषज्ञ जॉन मैकविलियम्स का कहना है कि कुछ स्थानों पर विरोध और प्रशासनिक परेशानियों के कारण परियोजनाएं अटक रही हैं, लेकिन कई दूसरे क्षेत्रों में निर्माण सामान्य रूप से जारी है। डेटा सेंटर उद्योग के सामने बिजली ग्रिड से कनेक्शन मिलने में लंबा इंतजार और निर्माण लागत बढ़ने जैसी समस्याएं पहले से मौजूद हैं।
कंपनियां दूसरे इलाकों में ले जा सकती हैं प्रोजेक्ट
मार्केट रिसर्च कंपनी डेल'ओरो ग्रुप के विशेषज्ञ बैरन फंग के अनुसार, यदि ओहायो या दूसरे राज्यों में निर्माण पर प्रतिबंध लगते हैं, तो कंपनियां जरूरी नहीं कि अपनी पूरी परियोजना रद्द कर दें।
ऐसी स्थिति में वे डेटा सेंटर किसी दूसरे शहर या राज्य में बनाने का विकल्प चुन सकती हैं। इसका मतलब है कि कुछ स्थानीय क्षेत्रों में नए निर्माण पर रोक लगने से पूरे अमेरिका में AI डेटा सेंटरों का विकास रुकना जरूरी नहीं है। हालांकि, परियोजनाओं को दूसरी जगह ले जाने में भी जमीन, बिजली और जरूरी अनुमतियों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।









