विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की एक सीट पर जीत के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर तंज कसा है। उन्होंने माफी मांगने के अंदाज में कहा कि कांग्रेस ने शून्य नहीं, एक सीट जीती है।
नई दिल्ली: चार राज्यों के विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को कांग्रेस से माफी मांगने की बात कही। हालांकि, उनकी यह माफी राजनीतिक तंज थी। दरअसल, महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने बीजेपी को हरा दिया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस से क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस को लेकर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने पार्टी से माफी मांगने की बात कही, लेकिन उनके शब्दों में राजनीतिक व्यंग्य साफ दिखाई दिया। सरमा ने लिखा, "कांग्रेस से मेरी दिल से माफी। हां, आपने एक सीट जीती है, शून्य नहीं।" उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ हंसने वाला इमोजी भी लगाया। उनका यह बयान महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की जीत सामने आने के बाद आया।
इससे पहले भी सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को शेयर करते हुए बर्नोल की तस्वीर लगाई थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था कि जलन इतनी ज्यादा है कि एक ट्यूब से काम नहीं चलेगा।
नागपुर में कांग्रेस ने बीजेपी को कितने वोटों से हराया?
महाराष्ट्र की नागपुर संभाग स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया। मतगणना में वंजारी को पहली और दूसरी वरीयता के कुल 67,231 वोट मिले। वहीं, कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए।
नागपुर में मतगणना करीब 41 घंटे तक चली। शुरुआती दौर में बीजेपी उम्मीदवार आगे चल रहे थे, लेकिन दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद नतीजा कांग्रेस के पक्ष में गया। यह सीट राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी स्थित है।
पीएम मोदी ने बैलेट पेपर को लेकर उठाया था सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 28 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा था। उन्होंने X पर लिखा था कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हुए। इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि अंदाजा लगाइए, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया, जब कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने भी मोदी की टिप्पणी पर जवाब दिया और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की अपनी मांग दोहराई।
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चार राज्यों में किस पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं?
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की कुल 28 विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। कांग्रेस ने इनमें 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। नतीजों में बीजेपी ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसके नेतृत्व वाले एनडीए को कुल 16 सीटें मिलीं। उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में बीजेपी ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं।
कर्नाटक में बीजेपी ने तीन और उसकी सहयोगी जेडीएस ने एक सीट जीती। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। बिहार में बीजेपी ने तीन, जेडीयू ने एक, आरजेडी ने एक और जन सुराज पार्टी ने एक सीट जीती। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को तीन सीटें
महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों में विपक्षी महाविकास अघाड़ी को तीन सीटें मिलीं, जबकि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने दो सीटें जीतीं। कांग्रेस ने नागपुर स्नातक सीट अपने पास रखी। शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने पुणे स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर जीत दर्ज की। दूसरी ओर, बीजेपी ने पुणे शिक्षक और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की। पुणे स्नातक सीट पर एनसीपी (एसपी) की हर्षदा देशमुख-जाधव ने बीजेपी उम्मीदवार स्मिता जाधव को हराया।
अभिजीत वंजारी ने जीत के बाद क्या कहा?
नागपुर सीट पर जीत दर्ज करने के बाद अभिजीत वंजारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों को सामान्य चुनावों से अलग बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता शिक्षित हैं और जानते हैं कि विधान परिषद में चुने गए प्रतिनिधि से किस तरह के काम की उम्मीद की जाती है।
विधान परिषद चुनावों के इन नतीजों से बीजेपी और उसके सहयोगियों को कुल सीटों के लिहाज से बढ़त मिली है। वहीं, कांग्रेस को नागपुर में अपनी सीट बचाने में सफलता मिली।









