BJP Meeting: नितिन नबीन ने बुलाई महासचिवों की बैठक, यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव और SIR पर चर्चा

दिल्ली में नितिन नबीन की अध्यक्षता में भाजपा महासचिवों की बैठक हुई। यूपी समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी और SIR पर विपक्ष के विरोध को लेकर चर्चा

दिल्ली में गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक हुई। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की अगुवाई में हुई इस बैठक में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों और SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर चर्चा एजेंडे में रही। संगठन के कामकाज की समीक्षा भी बैठक का अहम मुद्दा रहा।

नई दिल्ली: अगले साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए भाजपा ने अभी से संगठन और चुनावी तैयारियों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक बुलाई गई। सुबह 10 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की। इसमें चुनावी तैयारियों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद पर भी चर्चा हुई।

यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव पर चर्चा

अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा की इस बैठक में इन पांचों राज्यों की तैयारियों पर खास ध्यान दिया गया। पार्टी यह देख रही है कि राज्यों में उसका संगठन किस स्थिति में है और चुनाव से पहले कहां ज्यादा काम करने की जरूरत है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल बढ़ाने जैसे मुद्दे भी चुनावी तैयारियों से जुड़े हैं।

उत्तर प्रदेश पर पार्टी की खास नजर है। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। पार्टी के सामने 2027 में दोबारा सत्ता हासिल करने की चुनौती होगी। वहीं, पंजाब में भाजपा अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर की राजनीतिक स्थिति भी अलग-अलग है। ऐसे में हर राज्य के स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर चुनावी तैयारियां करने पर जोर दिया जा रहा है।

SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर भी हुई बात

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मामला भी शामिल रहा। इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कई दल लगातार विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची की जांच के दौरान ऐसे लोगों के नाम भी हट सकते हैं, जो वोट देने के हकदार हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को कथित वोट चोरी से जोड़कर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।

दूसरी ओर, भाजपा इन आरोपों को गलत बताती रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची को सही करने की प्रक्रिया पर विपक्ष बेवजह विवाद खड़ा कर रहा है। इसी मुद्दे पर भाजपा अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के जरिए लोगों तक अपना पक्ष पहुंचाने की तैयारी कर रही है। बैठक में विपक्ष के विरोध और उससे जुड़े राजनीतिक हालात की समीक्षा भी एजेंडे में थी।

एक नवंबर को दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली

BJP Meeting: नितिन नबीन ने बुलाई महासचिवों की बैठक, यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव और SIR पर चर्चा

SIR को लेकर दिल्ली में सियासी हलचल बढ़ गई है। इंडिया गठबंधन ने एक नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने का ऐलान किया है। इसमें कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों के नेताओं के शामिल होने की तैयारी है। विपक्ष इस रैली के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाना चाहता है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी विपक्षी दल अपनी मांगें सामने रखेंगे।

वहीं, भाजपा भी इस मुद्दे पर अपने कार्यक्रम कर रही है। बुधवार, 28 अक्टूबर को नितिन नबीन ने दिल्ली के चांदनी चौक में पदयात्रा की थी। यह कार्यक्रम 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित किया गया था। पदयात्रा के दौरान नितिन नबीन ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा का पक्ष भी रखा।

राज्यों में संगठन की स्थिति भी जान रही भाजपा

विधानसभा चुनाव के अलावा भाजपा नेतृत्व पार्टी संगठन के कामकाज पर भी ध्यान दे रहा है। राष्ट्रीय महासचिव अलग-अलग राज्यों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं। वे वहां के नेताओं के संपर्क में रहते हैं और संगठन की गतिविधियों की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाते हैं। चुनाव नजदीक आने पर उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। चुनाव प्रचार के कार्यक्रम तय करने से लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने तक कई कामों में महासचिवों की भूमिका रहती है।

पार्टी के लिए यह जानना भी जरूरी होता है कि किन इलाकों में संगठन मजबूत है और कहां कार्यकर्ताओं को ज्यादा सक्रिय करने की जरूरत है। राज्यों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे के कार्यक्रम तय किए जाते हैं।

चुनाव से पहले बैठकों का दौर क्यों बढ़ा?

भाजपा के लिए आने वाले कुछ महीने चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। दूसरी ओर SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी चल रही है। ऐसे में पार्टी एक तरफ चुनाव की तैयारी कर रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भी अपने नेताओं को सक्रिय कर रही है।

29 अक्टूबर को हुई महासचिवों की बैठक भी इन्हीं तैयारियों का हिस्सा रही। हालांकि, बैठक में किन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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