असम के धुबरी में 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, चेन्नई जाने की थी योजना

असम पुलिस ने धुबरी के जोगमाया घाट से 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। मेघालय से भारत आने और चेन्नई जाने की आशंका, बिचौलियों की जांच जारी।

असम पुलिस ने धुबरी जिले के जोगमाया फेरी घाट पर अभियान चलाकर 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में इनके मेघालय के रास्ते भारत आने और चेन्नई जाने की योजना की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब सीमा पार कराने वाले कथित बिचौलियों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

 धुबरी: भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े असम के धुबरी जिले में पुलिस ने अवैध घुसपैठ की आशंका के बीच बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जोगमाया फेरी घाट पर अभियान चलाकर 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, ये लोग नाव से हाटसिंगीमारी से धुबरी पहुंचे थे और आगे तमिलनाडु के चेन्नई जाने की तैयारी में थे। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि हिरासत में लिए गए लोग बांग्लादेश के राजशाही क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस इनके भारत आने के रास्ते, पहचान संबंधी दस्तावेजों और कथित बिचौलियों की भूमिका की जांच कर रही है।

खुफिया सूचना के बाद फेरी घाट पर पुलिस की कार्रवाई

धुबरी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक नाव के जरिए जिले में पहुंचने वाले हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने जोगमाया फेरी घाट के आसपास निगरानी बढ़ाई। जैसे ही संदिग्ध समूह नाव से उतरकर आगे बढ़ा, पुलिस टीम ने सभी को रोक लिया।

धुबरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवाशीष बोराह ने बताया कि अभियान में कुल 36 लोगों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं और इनमें कोई भारतीय नागरिक नहीं मिला है।

हालांकि, पुलिस इनके पहचान पत्र और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए धुबरी पुलिस रिजर्व ले जाया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच में मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मेघालय के रास्ते भारत आने की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोग बांग्लादेश के चापाई नवाबगंज इलाके के रहने वाले हैं। यह क्षेत्र बांग्लादेश के राजशाही प्रशासनिक क्षेत्र में आता है। पुलिस को संदेह है कि समूह के सदस्यों ने मेघालय के रास्ते भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। इसके बाद वे अलग-अलग रास्तों से हाटसिंगीमारी पहुंचे और वहां से नाव लेकर धुबरी आए।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि सीमा पार करने के बाद इन लोगों को किन स्थानों पर ठहराया गया और यात्रा में किसने मदद की। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की उम्र ज्यादातर 30 से 40 साल के बीच बताई जा रही है। हालांकि, इनके व्यक्तिगत विवरण और यात्रा के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि अभी बाकी है।

चेन्नई जाने की योजना, बिचौलियों पर शक

पुलिस की शुरुआती जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि हिरासत में लिए गए लोग असम से आगे चेन्नई जाने की तैयारी में थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि समूह के लोग चेन्नई किस उद्देश्य से जाना चाहते थे और वहां उनके लिए किस तरह की व्यवस्था की गई थी।

इस मामले में मिलन नाम के एक कथित बिचौलिए का नाम सामने आया है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, वह इन लोगों की आगे की यात्रा कराने से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, उसकी भूमिका अभी साबित नहीं हुई है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सीमा पार कराने के लिए कथित बिचौलियों ने प्रत्येक व्यक्ति से 15 हजार से 17 हजार रुपये तक लिए थे। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कोई संगठित नेटवर्क लोगों को सीमा पार कराने और फिर देश के दूसरे राज्यों तक पहुंचाने का काम कर रहा था।

38 लोगों के समूह की जानकारी, दो अन्य की तलाश

सुरक्षा एजेंसियों को एक ऐसे समूह की भी जानकारी मिली है, जिसमें करीब 38 लोग शामिल होने की आशंका है। पुलिस ने अभी 36 लोगों को हिरासत में लिया है। ऐसे में जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि बाकी दो लोग वास्तव में इस समूह का हिस्सा थे या नहीं और यदि थे, तो वे कहां गए।

पुलिस ने धुबरी के दूसरे फेरी घाटों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के आसपास भी निगरानी बढ़ाई है। संदिग्ध लोगों की आवाजाही और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी बिचौलिए या दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

विदेशी नागरिकों के मामले में क्या होगी कानूनी कार्रवाई?

पुलिस के अनुसार, नागरिकता, यात्रा दस्तावेज और भारत में प्रवेश की परिस्थितियों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में विदेशी नागरिकों से संबंधित कानून और पासपोर्ट नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है। हालांकि, सभी लोगों के अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात अभी जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।

धुबरी जिला बांग्लादेश की सीमा से जुड़ा होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यहां नदी और जलमार्गों की मौजूदगी सीमा निगरानी को चुनौतीपूर्ण बनाती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान की पुष्टि करना, उनके प्रवेश के रास्ते का पता लगाना और संभावित बिचौलियों के नेटवर्क तक पहुंचना है।

Leave a comment