वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो ने देश लौटने के बाद 2027 में राष्ट्रपति चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में लोकतंत्र की वापसी अब रोकी नहीं जा सकती। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी चुनाव कराने की बात कही है, लेकिन कोई तारीख घोषित नहीं की।
काराकस: वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव और नए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई महीनों तक देश से बाहर रहने के बाद लौटीं विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने 2027 में चुनाव कराने की मांग की है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को राजधानी काराकस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब इसे रोका नहीं जा सकता। मचाडो ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी अभियान में हिरासत में लिए जाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का आभार भी जताया। हालांकि, वेनेजुएला की अंतरिम सरकार ने अभी चुनाव की तारीख तय नहीं की है।
देश लौटने के बाद मचाडो ने क्या कहा?
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो 25 अक्टूबर को वेनेजुएला लौटी थीं। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने पहली बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके पीछे लगे बैनर पर आजादी का संदेश लिखा था।
मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला में होने वाला राजनीतिक बदलाव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी का उद्देश्य विपक्ष को मजबूत करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की कोशिशों को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि देश लौटने पर हजारों समर्थकों ने उनका स्वागत किया। लोगों से मुलाकात के दौरान उन्हें बार-बार आजादी की मांग सुनाई दी। मचाडो के मुताबिक, जनता अब ऐसी राजनीतिक व्यवस्था चाहती है, जिसमें सभी नागरिक स्वतंत्र रूप से अपनी सरकार चुन सकें।
उन्होंने 2027 में राष्ट्रपति चुनाव कराने की बात कही, लेकिन मतदान की निश्चित तारीख नहीं बताई।
मादुरो की गिरफ्तारी पर ट्रंप प्रशासन को दिया धन्यवाद
मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जनवरी में निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव का रास्ता खुला।
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जनवरी 2026 में अमेरिका ने एक सैन्य अभियान चलाकर तत्कालीन राष्ट्रपति मादुरो को हिरासत में लिया था। इसके बाद देश में सत्ता की स्थिति बदल गई और मादुरो की उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली।
मचाडो पिछले साल दिसंबर में वेनेजुएला से निकलकर नॉर्वे गई थीं, जहां उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया था। उससे पहले वह लंबे समय तक देश में छिपकर रह रही थीं। उनकी वापसी के लिए पहले भी कई प्रयास हुए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। अक्टूबर में वह दोबारा अपने देश पहुंच सकीं।
अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी चुनाव का दिया भरोसा
मचाडो की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ समय पहले अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में चुनाव कराए जाएंगे और इस प्रक्रिया में संवैधानिक व्यवस्था का पालन किया जाएगा।
हालांकि, रोड्रिगेज ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मतदान कब होगा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े राजनीतिक बदलाव को संभालने के लिए मौजूदा सरकार की भूमिका जरूरी है।
मचाडो ने इस तर्क पर सवाल उठाया। उनके अनुसार, लोकतंत्र की ओर बदलाव का उद्देश्य ही जनता को स्वतंत्र चुनाव के माध्यम से सरकार चुनने का अवसर देना है।
रोड्रिगेज ने अपने संबोधन में राजनीतिक संवाद और सहमति बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विदेश गए वेनेजुएला के नागरिकों के लिए देश के दरवाजे खुले हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को गिरफ्तारी से जुड़े निर्देश
अंतरिम राष्ट्रपति ने सुरक्षा एजेंसियों को भी निर्देश दिए हैं कि न्यायिक आदेश के बिना किसी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया जाए। हालांकि, अपराध करते हुए पकड़े जाने के मामलों में कानूनी प्रावधान लागू रहेंगे।
उनके इस बयान को देश में राजनीतिक माहौल सामान्य बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
मचाडो ने बताया कि अंतरिम राष्ट्रपति की ओर से उन्हें किसी बैठक का निमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार और विपक्ष के बीच चुनाव संबंधी बातचीत में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगी।
हालांकि, उन्होंने बातचीत कर रहे विपक्षी प्रतिनिधियों का समर्थन किया। उनका कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं में सुधार होना चाहिए, ताकि देश के भीतर और विदेश में रहने वाले सभी पात्र नागरिक मतदान कर सकें।
अब वेनेजुएला की राजनीति में आगे क्या होगा?
वेनेजुएला में 2027 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है, लेकिन आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का समर्थन किया गया है। मचाडो पहले संकेत दे चुकी हैं कि स्वतंत्र चुनाव होने पर वह दोबारा राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने अभी अपनी अगली राजनीतिक रणनीति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की है।
देश के सामने चुनावी संस्थाओं में सुधार, राजनीतिक विश्वास बहाल करने और निष्पक्ष मतदान की व्यवस्था तैयार करने जैसी चुनौतियां हैं। अब सबकी नजर अंतरिम सरकार, विपक्षी प्रतिनिधियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर रहेगी।










