ब्रिटेन के बजट पर विपक्ष का हमला, आर्थिक स्थिति को लेकर OBR की गंभीर चेतावनी

ब्रिटेन के बजट 2026 पर कंजर्वेटिव पार्टी ने सवाल उठाए हैं। OBR ने कमजोर आर्थिक विकास की चेतावनी दी। जानें 100 पाउंड की राहत, टैक्स और कर्ज के नए अनुमान।

ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉन हीली के पहले बजट को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कंजर्वेटिव पार्टी ने बजट को बिखरा हुआ और सरकारी खर्च पर नियंत्रण करने में कमजोर बताया है। वहीं, सरकारी आर्थिक निगरानी संस्था OBR ने देश की आर्थिक स्थिति को चिंताजनक बताया। बजट में दो करोड़ परिवारों को ऊर्जा बिल के लिए 100 पाउंड की राहत देने का ऐलान किया गया है।

लंदन: ब्रिटेन में वित्त मंत्री जॉन हीली के पहले बजट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई है। बुधवार, 28 अक्टूबर को पेश किए गए बजट में सरकार ने बढ़ती महंगाई और ऊर्जा खर्च से परेशान परिवारों को राहत देने की कोशिश की है। हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी ने बजट को बिखरा हुआ बताते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक परेशानियों का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। दूसरी ओर, सार्वजनिक वित्त पर नजर रखने वाली स्वतंत्र संस्था ऑफिस फॉर बजट रिस्पॉन्सिबिलिटी (OBR) ने आर्थिक विकास और लोगों की आय को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

कंजर्वेटिव पार्टी ने बजट पर क्यों उठाए सवाल?

ब्रिटेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने वित्त मंत्री जॉन हीली की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है। पार्टी के शैडो चांसलर एंड्रयू ग्रिफिथ ने बीबीसी रेडियो 4 के टुडे कार्यक्रम में कहा कि देश के सरकारी वित्त की हालत अच्छी नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार ने बजट में अलग-अलग योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन खर्च और कर्ज को नियंत्रित करने की स्पष्ट रणनीति नहीं दिखाई।

ग्रिफिथ ने विशेष रूप से कल्याणकारी योजनाओं पर होने वाले खर्च का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सरकारी खर्च में यही वह क्षेत्र है, जहां नियंत्रण की सबसे ज्यादा जरूरत है। विपक्ष का आरोप है कि लेबर सरकार कल्याणकारी योजनाओं पर बढ़ते खर्च को रोकने के बजाय नए आर्थिक दबाव पैदा कर रही है।

आर्थिक स्थिति को लेकर OBR ने क्या चेतावनी दी?

ब्रिटेन की स्वतंत्र आर्थिक निगरानी संस्था OBR के प्रमुख डेविड माइल्स ने देश के आर्थिक भविष्य को लेकर निराशाजनक तस्वीर पेश की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से पहले की तुलना में आम लोगों की वास्तविक खर्च करने योग्य आय में करीब सात साल बाद भी बहुत कम सुधार दिखाई दे रहा है।

OBR के मुताबिक, आने वाले वर्षों में घरेलू आय की वृद्धि कमजोर रहने की आशंका है। महंगाई और ऊर्जा की बढ़ी कीमतों ने लोगों की बचत तथा खरीदारी की क्षमता पर दबाव बनाया है।

संस्था ने 2027 के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर एक प्रतिशत कर दिया है। वहीं, महंगाई से जुड़ी संभावनाएं भी पहले की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताई गई हैं। इसका मतलब है कि सरकारी राहत मिलने के बावजूद कई परिवारों को अपने रोजमर्रा के खर्च संभालने में परेशानी हो सकती है।

ब्रिटेन के दो करोड़ परिवारों को मिलेंगे 100 पाउंड

बजट में आम परिवारों के लिए सबसे बड़ी घोषणा ऊर्जा बिल में राहत से जुड़ी है। वित्त मंत्री जॉन हीली ने इंग्लैंड के काउंसिल टैक्स बैंड A से D में आने वाले करीब दो करोड़ परिवारों को एकमुश्त 100 पाउंड देने का ऐलान किया है।

यह सहायता जनवरी 2027 से उपलब्ध कराने की योजना है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड को भी इसी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय संसाधन दिए जाएंगे। सरकार ने घरेलू बिजली पर अस्थायी वैट राहत को जुलाई 2027 तक बढ़ाने का फैसला भी किया है। इसके अलावा घरेलू गैस बिलों पर लगने वाला निर्धारित दैनिक शुल्क समाप्त करने की योजना है। हालांकि, इस शुल्क को हटाने के बाद गैस की प्रति यूनिट कीमत में बदलाव हो सकता है।

बचत और किराये की कमाई पर बढ़ेगा टैक्स

बजट में कुछ प्रकार की आय पर टैक्स बढ़ाने का भी फैसला किया गया है। अप्रैल 2027 से बचत पर मिलने वाले ब्याज और संपत्ति किराये से होने वाली आय पर बेसिक रेट करदाताओं के लिए टैक्स दर 22 प्रतिशत के बजाय 24 प्रतिशत होगी।

हालांकि, सरकार ने नकद ISA बचत खाते की सालाना टैक्स-मुक्त सीमा को 20,000 पाउंड पर बनाए रखने का फैसला किया है। वहीं, बड़े बैंकों के मुनाफे पर लगने वाला अतिरिक्त टैक्स अस्थायी रूप से तीन प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल आम परिवारों के लिए घोषित राहत योजनाओं को वित्त देने में मदद करेगा।

सरकारी कर्ज पहले के अनुमान से ज्यादा रहने की आशंका

स्वतंत्र आर्थिक शोध संस्था इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल स्टडीज (IFS) ने बजट के बाद सरकार की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण किया है। संस्था के मुताबिक, बजट में किए गए फैसलों और आर्थिक अनुमानों में बदलाव के कारण सरकारी उधारी पहले की अपेक्षा अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि, 2031-32 तक उधारी में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना भी बनी हुई है।

IFS ने चेतावनी दी कि सरकार ने भविष्य की आर्थिक परेशानियों से निपटने के लिए सीमित वित्तीय गुंजाइश छोड़ी है। सरकार के पास अपने वित्तीय नियमों को पूरा करने के लिए करीब 15 अरब पाउंड का अतिरिक्त सुरक्षा अंतर है। पहले यह गुंजाइश अधिक थी। यदि आने वाले समय में आर्थिक विकास उम्मीद से कम होता है या सरकारी खर्च बढ़ता है, तो वित्त मंत्री को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

कल्याणकारी योजनाओं के खर्च पर क्या बोली सरकार?

जॉन हीली ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं पर होने वाला खर्च कम करना चाहती है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि इसे अगले आम चुनाव से पहले खर्च घटाने की निश्चित समयसीमा के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।

सरकार का कहना है कि वह कल्याणकारी व्यवस्था में सुधार करना चाहती है, लेकिन इसके लिए विस्तृत नीतिगत फैसले आगे लिए जाएंगे। यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्ष लगातार सरकार पर कल्याणकारी योजनाओं के बढ़ते खर्च को नियंत्रित नहीं करने का आरोप लगा रहा है।

ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए आगे क्या चुनौती है?

बजट में ऊर्जा बिलों से राहत, वेतन बढ़ोतरी और कुछ छोटे कारोबारों के लिए टैक्स संबंधी सहायता जैसे कदम उठाए गए हैं। लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अस्थायी राहत से कमजोर आर्थिक विकास और धीमी घरेलू आय वृद्धि की समस्या दूर नहीं होगी। अब सरकार के सामने महंगाई को नियंत्रित करने, सरकारी कर्ज घटाने और आम लोगों की वास्तविक आय बढ़ाने की चुनौती है।

वित्त मंत्री जॉन हीली का कहना है कि सरकार सभी परिवारों पर बढ़ती महंगाई का बोझ पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन राहत देने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। ब्रिटेन के बजट, टैक्स में बदलाव और आर्थिक विकास से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए ब्रिटिश वित्त मंत्रालय तथा OBR की वेबसाइट पर जारी रिपोर्टों को देखें।

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