भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी सरिता सिंह भी मौजूद रहीं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना का नेतृत्व करने वाले एपी सिंह 31 अक्टूबर को 42 साल की सेवा के बाद रिटायर होंगे। उनकी जगह एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित नए वायुसेना प्रमुख बनेंगे।
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी सरिता सिंह भी उनके साथ थीं। एपी सिंह शनिवार, 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने अपने करीब 42 साल के सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके कार्यकाल में भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे अहम सैन्य अभियान में भूमिका निभाई। राष्ट्रपति से यह मुलाकात उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले हुई है।
राष्ट्रपति भवन ने साझा की मुलाकात की तस्वीरें
राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा की गई हैं। राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अपनी पत्नी सरिता सिंह के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे।
वायुसेना प्रमुख का कार्यकाल पूरा होने से पहले यह मुलाकात हुई है। एपी सिंह के रिटायरमेंट के साथ भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव होने जा रहा है। उन्होंने सितंबर 2024 में वायुसेना प्रमुख का पद संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारियों, आधुनिक तकनीक और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दी विदाई
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 26 अक्टूबर को आयोजित विदाई कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने उनके नेतृत्व और भारतीय वायुसेना में योगदान की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि एपी सिंह ने अपने लंबे सैन्य करियर में देश की सुरक्षा और वायुसेना की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके नेतृत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने में वायुसेना प्रमुख की अहम भूमिका रही। राजनाथ सिंह ने एपी सिंह को सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संभाली वायुसेना की कमान
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का कार्यकाल ऑपरेशन सिंदूर के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा। मई 2025 में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सैन्य अभियान शुरू किया था।
इस दौरान भारतीय वायुसेना ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एपी सिंह के नेतृत्व में वायुसेना ने अपनी परिचालन क्षमताओं और तैयारियों का इस्तेमाल किया। उनके कार्यकाल में बदलती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वायुसेना की युद्धक तैयारी और आधुनिक सैन्य संसाधनों को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी रक्षा तकनीक, लड़ाकू विमानों की क्षमता और आधुनिक हथियार प्रणालियों से जुड़े कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया।
42 साल की सेवा के बाद 31 अक्टूबर को होंगे रिटायर
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने सैन्य करियर की शुरुआत जनवरी 1984 में प्रशिक्षण के दौरान पहली उड़ान से की थी। उन्होंने 28 जनवरी 1984 को अपनी पहली उड़ान भरी थी और इसके बाद लंबे समय तक लड़ाकू विमान संचालन से जुड़े रहे।
उनकी औपचारिक विदाई 31 अक्टूबर को होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह सबसे पहले नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद नई दिल्ली के वायुसेना स्टेशन में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इस सैन्य समारोह के बाद वह भारतीय वायुसेना की सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। करीब चार दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने वायुसेना के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और सैन्य संचालन से जुड़े अनुभव हासिल किए।
आशुतोष दीक्षित संभालेंगे वायुसेना की कमान
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख बनेंगे। केंद्र सरकार ने 6 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी। आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर की दोपहर से देश के 29वें वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे। वर्तमान में वह वायुसेना के उप प्रमुख हैं।
उन्हें लड़ाकू विमान उड़ाने और सैन्य संचालन का लंबा अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, जगुआर, मिग और तेजस सहित कई विमानों पर उड़ान भरी है। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। इसके अलावा वह सेंट्रल एयर कमांड के प्रमुख और एकीकृत रक्षा स्टाफ में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
नए वायुसेना प्रमुख के सामने सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशी लड़ाकू विमानों को शामिल करने और बदलती सुरक्षा जरूरतों के अनुसार परिचालन तैयारियों को मजबूत बनाने जैसी प्राथमिकताएं रहेंगी।









