दिसंबर से ढाई घंटे में पहुंच सकेंगे हरिद्वार, 51 किलोमीटर लंबे नए हाईवे का काम अंतिम चरण में

दिल्ली से हरिद्वार जाने वालों को जल्द राहत मिल सकती है। 51 किलोमीटर लंबे स्पर-टू कॉरिडोर का 99 फीसदी से ज्यादा काम पूरा, दिसंबर में खुलने की उम्मीद है।

दिल्ली से हरिद्वार जाने वालों के लिए सफर जल्द आसान हो सकता है। 51 किलोमीटर लंबे स्पर-टू कॉरिडोर का 99 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा होने की जानकारी है। दिसंबर 2026 में मार्ग खुलने की उम्मीद है, जिससे यात्रा का समय घटेगा।

हरिद्वार: दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को जल्द नया रास्ता मिलने वाला है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से जुड़े स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण आखिरी चरण में पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इसका ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। नवंबर में बचा हुआ निर्माण खत्म करने और दिसंबर 2026 से वाहनों की आवाजाही शुरू करने की तैयारी है। इससे दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में करीब ढाई घंटे लगने का अनुमान है।

बहादराबाद के पास थोड़ा काम बाकी, नवंबर में पूरा करने की तैयारी

स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण काफी आगे बढ़ चुका है। परियोजना से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार, छह लेन वाले इस रास्ते का 99 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। अब बहादराबाद टोल प्लाजा के आसपास एक छोटे हिस्से में निर्माण बाकी बताया जा रहा है।

दिसंबर से ढाई घंटे में पहुंच सकेंगे हरिद्वार, 51 किलोमीटर लंबे नए हाईवे का काम अंतिम चरण में

इस हिस्से का काम नवंबर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद सड़क को वाहनों के लिए खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, यातायात शुरू होने की अंतिम तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी मंगलवार को एक कार्यक्रम में दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का जिक्र करते हुए नए मार्ग को जल्द चालू करने की दिशा में चल रहे काम की जानकारी दी।

इस परियोजना को दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से जोड़ा गया है। सरकारी परियोजना रिकॉर्ड में हरिद्वार स्पर की लंबाई करीब 50.70 किलोमीटर दर्ज है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बेहतर सड़क संपर्क के लिए किया जा रहा है।

सहारनपुर से भगवानपुर होते हुए हरिद्वार पहुंचेगा नया रास्ता

इस कॉरिडोर की शुरुआत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हलगोया मुस्तकम क्षेत्र से होगी। यहां से सड़क भगवानपुर, सालियर और कलियर के रास्ते आगे बढ़ेगी। इसके बाद भड़ेड़ी राजपूताना होते हुए बहादराबाद के नजदीक मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगी।

नया मार्ग एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। इसका मतलब है कि वाहन हर जगह से सड़क पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आने-जाने के लिए निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाते हैं। इससे मुख्य रास्ते पर स्थानीय ट्रैफिक का दबाव सीमित रखने में मदद मिलती है।

अभी दिल्ली और आसपास के शहरों से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को कई बार रास्ते में जाम का सामना करना पड़ता है। खासकर सप्ताहांत, छुट्टियों और बड़े स्नान पर्वों पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है।

नए कॉरिडोर के चालू होने से यात्रियों को एक अतिरिक्त तेज मार्ग मिलेगा। दिल्ली से हरिद्वार का सफर करीब ढाई घंटे में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक समय ट्रैफिक, शुरुआती स्थान और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा।

अर्धकुंभ 2027 में श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

हरिद्वार में 2027 के अर्धकुंभ की तैयारियां चल रही हैं। इस धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

ऐसे समय में नया हाईवे यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बाहर से आने वाले वाहनों को बेहतर रास्ता मिलने पर शहर की ओर जाने वाली सड़कों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

इसका फायदा केवल अर्धकुंभ के दौरान नहीं मिलेगा। गंगा स्नान, धार्मिक पर्वों और सामान्य दिनों में हरिद्वार पहुंचने वाले लोगों को भी नया मार्ग इस्तेमाल करने का विकल्प मिलेगा।

चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए भी दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड तक सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है।

होटल और स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा फायदा

नए कॉरिडोर से हरिद्वार के पर्यटन और व्यापार क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है। सफर में समय कम लगने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए हरिद्वार की छोटी यात्रा करना आसान हो सकता है।

इससे शहर के होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवाओं और स्थानीय बाजारों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

हरिद्वार के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मालवाहक वाहनों के लिए भी बेहतर सड़क संपर्क उपयोगी हो सकता है। इससे माल ढुलाई और स्थानीय परिवहन व्यवस्था को फायदा मिलने की संभावना है।

फिलहाल यात्रियों को दिसंबर में कॉरिडोर खुलने की उम्मीद के बीच NHAI की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। सफर की योजना बनाने से पहले मार्ग चालू होने की तारीख और यातायात व्यवस्था की जानकारी जरूर जांचें।

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