तमिलनाडु में विजय सरकार पर भड़के एमके स्टालिन, कानून-व्यवस्था और महंगाई को लेकर 31 अक्टूबर को प्रदर्शन

तमिलनाडु में एमके स्टालिन ने विजय सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और महंगाई बढ़ने का आरोप लगाया। डीएमके महिला विंग 31 अक्टूबर को राज्यभर में प्रदर्शन करेगी।

तमिलनाडु में डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने और महंगाई बढ़ने का आरोप लगाया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर डीएमके महिला विंग 31 अक्टूबर को राज्यभर में प्रदर्शन करेगी।

चेन्नई: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार के खिलाफ विपक्षी दल डीएमके ने अपना विरोध तेज कर दिया है। डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को राज्य की कानून-व्यवस्था, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की सरकार प्रशासन चलाने में विफल साबित हो रही है और अपराधियों में कानून का डर कम होता जा रहा है। स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से सवाल किया कि जब पुलिस विभाग की जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री के पास है, तो वह अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करके अपराध रोकने के लिए जरूरी निर्देश क्यों नहीं दे रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर डीएमके की महिला विंग शनिवार, 31 अक्टूबर को तमिलनाडु के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

पुलिस विभाग की जिम्मेदारी पर स्टालिन ने विजय से पूछे सवाल

एमके स्टालिन ने राज्य में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद से कानून-व्यवस्था को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। उनके मुताबिक, अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री को पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें करनी चाहिए और राज्य में अपराध की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री को पुलिस विभाग की जिम्मेदारी का एहसास नहीं है और क्या अधिकारियों को अपराध रोकने के लिए निर्देश देना उनका काम नहीं है।

डीएमके अध्यक्ष ने सलेम, मदुरै और जिंजी में सामने आई घटनाओं का भी उल्लेख किया। सलेम में दिनदहाड़े हुई हत्या, मदुरै में लापता बच्चे का शव मिलने और जिंजी में एक लड़की के लापता होने के मामले को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। स्टालिन का आरोप है कि ऐसी घटनाओं के बावजूद मुख्यमंत्री की ओर से प्रभावी प्रशासनिक पहल दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले विजय कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े दावे करते थे, लेकिन सरकार में आने के बाद उन्हीं मुद्दों पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। हालांकि, इन घटनाओं के आधार पर पूरे राज्य में अपराध बढ़ने के दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक अपराध आंकड़ों की जरूरत होगी।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर डीएमके ने सरकार को घेरा

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर भी चिंता जताई है। पार्टी का आरोप है कि विजय सरकार के कार्यकाल में हत्या, लूट, नशीले पदार्थों की तस्करी और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं हो पाया है। डीएमके की महिला विंग ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा प्रशासन इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल दिखाई दे रहा है। पार्टी ने कुछ मामलों में सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों पर किसी न्यायिक निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी मुख्यमंत्री विजय से कानून-व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार बनने के कई महीने बाद भी अपराधों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। वहीं, डीएमके की वरिष्ठ नेता कनिमोझी ने महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को आपराधिक घटनाओं पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। विपक्षी नेताओं का कहना है कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने मांग की कि संवेदनशील मामलों में पुलिस कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए।

महंगाई के खिलाफ 31 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

कानून-व्यवस्था के अलावा डीएमके ने बढ़ती महंगाई को भी अपने विरोध का प्रमुख मुद्दा बनाया है। पार्टी का कहना है कि जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम परिवारों का खर्च बढ़ रहा है। हाल के दिनों में आविन डेयरी उत्पादों की कीमतों और ऑटो किराये में बदलाव को लेकर भी राजनीतिक बहस हुई है। डीएमके का आरोप है कि राज्य सरकार महंगाई को नियंत्रित करने और लोगों को राहत देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं और इसके लिए सरकारी नीतियों के साथ बाजार की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं।

इन मुद्दों को लेकर डीएमके महिला विंग ने शनिवार, 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। स्टालिन ने इस प्रदर्शन को विजय सरकार के लिए चेतावनी बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान जनता की समस्याओं की ओर खींचना है। डीएमके नेतृत्व चाहता है कि सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और महंगाई से राहत देने के लिए अपनी योजनाएं स्पष्ट करे।

इस बीच तमिलनाडु में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। डीएमके सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठा रही है, जबकि एआईएडीएमके के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि डीएमके को अपने पिछले कार्यकाल की कानून-व्यवस्था पर भी जवाब देना चाहिए। विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के खिलाफ विपक्ष का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। फिलहाल लोगों की नजर 31 अक्टूबर के प्रदर्शन और उसके बाद राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेगी।

Leave a comment