तवांग में 14वां इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट शुरू, 22 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे, रोजगार बढ़ाने पर जोर

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वां इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट शुरू हुआ। 22 देशों के 43 प्रतिनिधि पहुंचे। गजेंद्र सिंह शेखावत ने पर्यटन से रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 13 साल बाद इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट का आयोजन हुआ है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 14वें संस्करण का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम में 22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। सरकार का उद्देश्य पूर्वोत्तर में पर्यटन के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार बढ़ाना है।

तवांग: पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वें इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट की शुरुआत हो गई है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें भारत सहित 22 देशों के पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के पर्यटन की संभावनाओं को केवल प्रचार तक सीमित रखने के बजाय कारोबार, निवेश और स्थानीय युवाओं के रोजगार से जोड़ना जरूरी है।

13 साल बाद तवांग में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कार्यक्रम

अरुणाचल प्रदेश का तवांग दूसरी बार इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले यहां वर्ष 2013 में कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इस बार केंद्र सरकार, अरुणाचल प्रदेश सरकार और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के सहयोग से तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग मौजूद रहे। इनके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट अब केवल पर्यटन स्थलों के प्रचार का मंच नहीं रह गया है। इसके जरिए विभिन्न देशों की पर्यटन कंपनियों, स्थानीय कारोबारियों और सरकारी संस्थाओं को साथ लाकर नए व्यावसायिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

22 देशों के 43 प्रतिनिधि, भागीदारी का नया रिकॉर्ड

इस साल इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट में विदेशी खरीदारों की रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज की गई है। आयोजन में 22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार पहुंचे हैं। इसके अलावा भारत के 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 42 घरेलू खरीदार तथा 81 विक्रेता हिस्सा ले रहे हैं।

कुल मिलाकर कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें पर्यटन कंपनियां, टूर ऑपरेटर, होटल और यात्रा सेवाओं से जुड़े कारोबारी शामिल हैं।

इस आयोजन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा अपनी पर्यटन संभावनाओं को प्रस्तुत कर रहे हैं। विदेशी प्रतिनिधियों को इन राज्यों की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।

आयोजन के दौरान खरीदारों और विक्रेताओं के बीच व्यावसायिक बैठकें भी रखी गई हैं, ताकि भविष्य में पर्यटन से जुड़े समझौते और साझेदारियां विकसित की जा सकें।

पूर्वोत्तर में पर्यटकों की संख्या 58 प्रतिशत बढ़ी

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने पूर्वोत्तर में बढ़ते पर्यटन का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2019 में आठों राज्यों में घरेलू पर्यटकों की यात्राओं की संख्या 95.65 लाख थी। वर्ष 2025 में यह बढ़कर लगभग 1.51 करोड़ हो गई। इस दौरान करीब 58 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में प्राकृतिक सुंदरता के साथ धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक विरासत, स्थानीय संस्कृति और साहसिक पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं।

शेखावत ने विशेष रूप से एडवेंचर टूरिज्म, संगीत समारोहों, सांस्कृतिक उत्सवों और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि इन गतिविधियों से पर्यटक ज्यादा समय तक क्षेत्र में रुक सकते हैं, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को फायदा होगा।

उन्होंने पर्यटन विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी, पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी जरूरी बताया।

पर्यटन योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश

पूर्वोत्तर में पर्यटन सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। स्वदेश दर्शन 1.0 के तहत 1,309 करोड़ रुपये की 16 परियोजनाएं और स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत 564 करोड़ रुपये की 17 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

इसके अलावा चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के तहत 139 करोड़ रुपये, एसएएससीआई योजना में 790 करोड़ रुपये और प्रसाद योजना में 258 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उड़ान योजना के तहत पूर्वोत्तर के 10 पर्यटन मार्गों को भी सहयोग दिया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य पर्यटकों के लिए आवाजाही और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

स्थानीय कारोबार और रोजगार बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ ईस्ट बाजार का उद्घाटन भी किया गया। इसमें आठों राज्यों के हथकरघा उत्पाद, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पूर्वोत्तर की अलग-अलग परंपराओं की झलक भी दिखाई गई।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने स्थानीय संस्कृति, एडवेंचर टूरिज्म और सामुदायिक पर्यटन पर आधारित नए उत्पाद विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को डिजिटल माध्यम से पहचान दिलाने की जरूरत भी बताई।

30 अक्टूबर को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक भी निर्धारित की गई है। इसमें पर्यटन सुविधाओं, राज्यों के बीच सहयोग और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होनी है।

तीन दिवसीय इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर के पर्यटन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

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