पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 31 अक्टूबर को दिल्ली में पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई है। इसमें चुनावी रणनीति, संगठन की स्थिति और चार नवंबर को संगरूर में प्रस्तावित राहुल गांधी की रैली पर चर्चा होने की उम्मीद है।
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने संगठन और चुनावी तैयारियों पर ध्यान बढ़ा दिया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार, 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे दिल्ली में पंजाब के कांग्रेस सांसदों की बैठक बुलाई है। इस दौरान प्रदेश में पार्टी की चुनावी रणनीति, नेताओं के बीच तालमेल और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर बातचीत होने की संभावना है। चार नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली भी बैठक का अहम मुद्दा रह सकती है।
दिल्ली में जुटेंगे पंजाब के कांग्रेस सांसद, चुनावी तैयारियों पर होगी चर्चा
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी सांसदों के साथ बैठक करने का फैसला लिया है। शनिवार को दिल्ली में होने वाली इस बैठक में पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, डॉ. अमर सिंह, डॉ. सुखजिंदर सिंह रंधावा और अन्य कांग्रेस सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
![]()
कांग्रेस के सामने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की चुनौती है। ऐसे में हाईकमान सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति और संगठन की तैयारियों की जानकारी ले सकता है।
इससे पहले 26 अक्टूबर को कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। इसमें पंजाब विधानसभा चुनाव और राहुल गांधी की रैली की तैयारियों पर बातचीत हुई थी। वेणुगोपाल ने कहा था कि पार्टी के नेता मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
चार नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी की रैली
दिल्ली में होने वाली बैठक के दौरान चार नवंबर को संगरूर में प्रस्तावित राहुल गांधी की रैली पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को पंजाब विधानसभा चुनाव के अपने अभियान से जोड़ा है।
राहुल गांधी की संगरूर रैली को 'हिसाब मांगो' नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस राज्य सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं ने कानून व्यवस्था, नशे की समस्या और अन्य जनहित के सवालों को चुनावी चर्चा का हिस्सा बनाने की बात कही है।
केसी वेणुगोपाल ने 26 अक्टूबर को चंडीगढ़ में बताया था कि चार नवंबर की रैली के साथ कांग्रेस पंजाब में अपने विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत करेगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने का कार्यक्रम है।
पंजाब में कांग्रेस नेताओं को इस रैली की तैयारियों में भी लगाया गया है। पार्टी की कोशिश है कि संगरूर के कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी हो और संगठन के पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें।
एक नवंबर की दिल्ली रैली पर भी होगा मंथन
पंजाब विधानसभा चुनाव के अलावा कांग्रेस की एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली भी बैठक के मुद्दों में शामिल हो सकती है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली के कार्यक्रम में अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने की योजना है। हालांकि, पंजाब में चार नवंबर को राहुल गांधी की रैली होने के कारण वहां के नेताओं को दिल्ली कार्यक्रम में शामिल होने से फिलहाल छूट दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि शनिवार की बैठक में इस व्यवस्था पर भी बातचीत हो सकती है। पार्टी नेताओं को दिल्ली के कार्यक्रम और पंजाब की रैली से जुड़ी जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बनाना होगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से दूसरे राज्यों के सांसदों के साथ भी बैठक करने की तैयारी है। इन बैठकों में दिल्ली के प्रस्तावित प्रदर्शन और पार्टी के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर विचार किया जा सकता है।
आम आदमी पार्टी भी चुनाव की तैयारियों में जुटी
पंजाब में कांग्रेस के साथ सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भी अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी की ओर से भी दिल्ली में पंजाब के नेताओं के साथ बैठक बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी की रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। ऐसे में दोनों पार्टियों की संगठनात्मक गतिविधियों पर राजनीतिक नजर बनी हुई है।
कांग्रेस की ओर से हाल के दिनों में प्रदेश नेतृत्व और संगठन को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, परगट सिंह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी चुनाव से पहले अपने नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रही है।
अब शनिवार को खरगे के साथ होने वाली बैठक में किन मुद्दों पर सहमति बनती है और सांसदों को क्या जिम्मेदारियां दी जाती हैं, यह बैठक के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल कांग्रेस की तैयारियों का प्रमुख केंद्र चार नवंबर की संगरूर रैली और 2027 का विधानसभा चुनाव है।








