चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 16 हजार से ज्यादा खंभे गिरने से सैकड़ों गांवों में बिजली की सप्लाई बाधित हुई। आंध्र प्रदेश सरकार की अपील पर तेलंगाना ने बिजली कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों की टीमें भेजी हैं।
हैदराबाद: चक्रवात अर्नब से प्रभावित आंध्र प्रदेश में बिजली की सप्लाई बहाल करने के लिए तेलंगाना सरकार ने मदद भेजी है। तूफान के कारण राज्य के कई जिलों में बिजली के खंभे और तार टूट गए हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, 16 हजार से ज्यादा बिजली के खंभे गिरने से सैकड़ों गांवों में बिजली गुल हो गई। हालात को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और ऊर्जा मंत्री गोटीपति रवि ने तेलंगाना सरकार से सहयोग मांगा था। इसके बाद तेलंगाना से बिजली विभाग के कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों को प्रभावित इलाकों में रवाना किया गया।
चंद्रबाबू नायडू ने तेलंगाना सरकार से मांगी मदद
आंध्र प्रदेश में चक्रवात के बाद बिजली व्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। कई जगह खंभे गिरने और तार टूटने से लोगों के घरों तक बिजली नहीं पहुंच पा रही है। स्थानीय बिजली विभाग की टीमें मरम्मत में जुटी हैं, लेकिन नुकसान ज्यादा होने के कारण अतिरिक्त कर्मचारियों और उपकरणों की जरूरत पड़ रही है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और ऊर्जा मंत्री गोटीपति रवि ने तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री भट्टी विक्रमार्क से संपर्क किया। उन्होंने प्रभावित जिलों की स्थिति बताते हुए बिजली कर्मचारियों, तकनीकी टीमों और मशीनों की मदद मांगी।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से बातचीत की। इसके बाद आंध्र प्रदेश को जरूरी सहायता भेजने का फैसला लिया गया।
नौ जिलों में बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान
चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला है। अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, एलुरु, एनटीआर, गुंटूर, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू जिलों में बिजली की लाइनों और खंभों को नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण 16 हजार से ज्यादा बिजली के खंभे उखड़ गए। कई जगह तार जमीन पर गिर गए, जिससे बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। तूफान के कारण खेती और दूसरी संपत्तियों को भी नुकसान हुआ है।
बिजली बंद होने से प्रभावित गांवों में लोगों को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि पहले क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक किया जाए, ताकि घरों और जरूरी सेवाओं तक बिजली पहुंचाई जा सके।
तेलंगाना से करीब दो हजार कर्मचारी मदद के लिए भेजे गए
तेलंगाना की दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने आंध्र प्रदेश में मरम्मत कार्य के लिए करीब दो हजार कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की है। दक्षिणी बिजली वितरण कंपनी (TGSPDCL) से 1,300 से ज्यादा और उत्तरी बिजली वितरण कंपनी (TGNPDCL) से लगभग 650 कर्मचारी सहायता कार्य में शामिल किए गए हैं।
ये कर्मचारी आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के साथ मिलकर टूटे खंभों को बदलेंगे, गिरे हुए तारों को दोबारा जोड़ेंगे और खराब लाइनों की मरम्मत करेंगे। टीमों के साथ जरूरी मशीनें और बिजली मरम्मत से जुड़े उपकरण भी भेजे गए हैं।
इस मदद से स्थानीय कर्मचारियों पर काम का दबाव कम होने और बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
अधिकारियों को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने तेलंगाना ऊर्जा विभाग के विशेष मुख्य सचिव नवीन मित्तल, TGSPDCL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जितेश वी. पाटिल और उत्तरी बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक वरुण रेड्डी को राहत कार्यों की जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों से कहा गया है कि वे आंध्र प्रदेश के संबंधित विभागों के संपर्क में रहें और जरूरत के मुताबिक कर्मचारी तथा उपकरण उपलब्ध कराएं। बिजली बहाल करने के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।
दोनों राज्यों के सहयोग से बिजली बहाली में मिलेगी मदद
तेलंगाना सरकार ने इस सहायता को प्राकृतिक आपदा के समय पड़ोसी राज्य की मदद करने की जिम्मेदारी बताया है। सरकार का कहना है कि संकट के समय दोनों तेलुगु भाषी राज्यों को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए।
फिलहाल आंध्र प्रदेश में बिजली विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में मरम्मत का काम कर रही हैं। तेलंगाना से पहुंचे अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से काम में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, सभी प्रभावित गांवों में बिजली कब तक पूरी तरह बहाल होगी, इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।









