हरियाणा में सितंबर 2026 के दौरान ग्रामीण विकास, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसले सामने आए। सरकार ने 582 विलेज नॉलेज सेंटर बनाने की योजना को मंजूरी दी। फरीदाबाद स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 14वें स्थान पर रहा, जबकि विधानसभा ने अल्पसंख्यक आयोग विधेयक पारित किया।
चंडीगढ़: हरियाणा में सितंबर 2026 के दौरान सरकार की कई योजनाएं और राज्य की उपलब्धियां चर्चा में रहीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 582 विलेज नॉलेज सेंटर बनाने की परियोजना को मंजूरी दी गई, जिस पर करीब 514.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं फरीदाबाद ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर 14वां स्थान हासिल किया। इसके अलावा अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण रहे।
582 गांवों में बनेंगे विलेज नॉलेज सेंटर, 514 करोड़ रुपये होंगे खर्च
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए विलेज नॉलेज सेंटर स्थापित करने की योजना तैयार की है। सितंबर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य वित्त समिति की बैठक में प्रदेश के 582 गांवों में ऐसे केंद्र बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परियोजना पर कुल 514.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र पर करीब 88.33 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है।
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यह परियोजना नाबार्ड के सहयोग से आगे बढ़ाई जाएगी। इन केंद्रों में डिजिटल लाइब्रेरी, कॉमन सर्विस सेंटर, सरपंच कार्यालय और बैठक कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं और जरूरी जानकारी के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की परेशानी कम करना इसका उद्देश्य है।
युवाओं को डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं मिलने की भी उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को परियोजना से जुड़ी जरूरी स्वीकृतियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में फरीदाबाद को मिला 14वां स्थान
हरियाणा के फरीदाबाद शहर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में अपनी रैंकिंग सुधारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी परिणामों के अनुसार, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में फरीदाबाद 14वें स्थान पर रहा। शहर को 200 में से 179.7 अंक मिले।
वर्ष 2023 में फरीदाबाद की रैंक 47वीं थी। इसके बाद 2024 में 21वीं, 2025 में 19वीं और 2026 में 14वीं रही। इस तरह तीन वर्षों में शहर ने 33 स्थानों की बढ़त दर्ज की है।
शहर में धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र विकसित करने और प्रदूषण प्रबंधन से जुड़े प्रयास किए गए हैं। हालांकि, बेहतर रैंकिंग का मतलब यह नहीं है कि वायु प्रदूषण की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। यह सर्वेक्षण प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों और प्रबंधन का भी मूल्यांकन करता है।
अल्पसंख्यक आयोग विधेयक पारित, ऑस्ट्रेलिया से सहयोग पर चर्चा
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन एक सितंबर 2026 को कुल 11 विधेयक पारित किए गए। इनमें हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक 2026 भी शामिल था। इसका उद्देश्य राज्य में धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उनके सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक हितों से जुड़े मामलों के लिए संस्थागत व्यवस्था तैयार करना है।
प्रस्तावित आयोग अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन कर सकेगा और सरकार को आवश्यक सुझाव देगा। इस व्यवस्था से कल्याणकारी योजनाओं तथा कानूनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सितंबर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच भी बैठक हुई। इस दौरान शिक्षा, कौशल विकास, आधुनिक कृषि, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की गई।
बैठक में युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के साथ कृषि में आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने ऐसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जिनसे हरियाणा के युवाओं और किसानों को फायदा मिल सकता है।
सितंबर में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। छह सितंबर को अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के अवसर पर गिद्धों के संरक्षण और पर्यावरण में उनकी भूमिका को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। हरियाणा का पिंजौर गिद्ध संरक्षण केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।











