अभिनेता ममूटी पर ऑनलाइन हमलों से CPI(M) का इनकार, एमवी गोविंदन बोले- पार्टी का कोई संबंध नहीं

मलयालम अभिनेता ममूटी के खिलाफ ऑनलाइन हमलों से CPI(M) ने किनारा किया। एमवी गोविंदन बोले- पार्टी का कोई संबंध नहीं, SFI-DYFI नेताओं की मुलाकात के बाद विवाद बढ़ा।

मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी पर सोशल मीडिया हमलों को लेकर केरल में विवाद बढ़ गया है। CPI(M) के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि इन हमलों से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। SFI और DYFI नेताओं की ममूटी से हालिया मुलाकात के बाद विवाद शुरू हुआ था।

तिरुवनंतपुरम: मलयालम फिल्मों के मशहूर अभिनेता ममूटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रही आलोचना और कथित ऑनलाइन हमलों से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) ने खुद को अलग कर लिया है। पार्टी के केरल प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में साफ किया कि ममूटी को निशाना बनाने वाले किसी ऑनलाइन अभियान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर व्यक्ति के साथ अच्छे माहौल में बातचीत करने की पक्षधर है। यह विवाद हाल ही में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेताओं की अभिनेता से मुलाकात के बाद सामने आया।

ममूटी के खिलाफ ऑनलाइन हमलों पर गोविंदन ने क्या कहा?

एमवी गोविंदन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि CPI(M) ने कभी किसी व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया पर हमला करने या ऐसा अभियान चलाने का फैसला नहीं किया है। पार्टी इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती।

उन्होंने ममूटी को मलयालम सिनेमा का बड़ा कलाकार बताते हुए कहा कि उनकी पहचान केवल केरल या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें सम्मान मिलता है। गोविंदन के मुताबिक, ममूटी ने पहले किसी मुद्दे पर पार्टी या उसके नेताओं की आलोचना की होगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनसे बातचीत बंद कर दी जाए।

उन्होंने कहा कि आलोचना को सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए। राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद लोगों के साथ संवाद बनाए रखना पार्टी की नीति है। गोविंदन ने यह भी स्पष्ट किया कि CPI(M) किसी व्यक्ति को घेरकर निशाना बनाने की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। 

SFI और DYFI नेताओं की मुलाकात के बाद शुरू हुआ विवाद

हाल ही में SFI और DYFI के कुछ प्रमुख नेता ममूटी से उनके आवास पर मिले थे। मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, जिसके बाद कुछ वामपंथी समर्थक अकाउंट से अभिनेता और उनसे मिलने वाले नेताओं की आलोचना शुरू हो गई।

ममूटी से मिलने वालों में DYFI की प्रदेश अध्यक्ष चिंता जेरोम, प्रदेश सचिव और विधायक एम विजिन तथा SFI के प्रदेश अध्यक्ष एम शिवप्रसाद सहित अन्य नेता शामिल थे। बताया जा रहा है कि कुछ समर्थक इस मुलाकात से नाराज थे। उनका कहना था कि अभिनेता से जुड़े पुराने विवाद को नजरअंदाज करके युवा संगठनों के नेताओं ने उनसे मुलाकात की। सोशल मीडिया पर बढ़ती बहस के बीच वरिष्ठ वामपंथी नेताओं ने भी आलोचना बंद करने की अपील की। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने इन हमलों को अपना आधिकारिक रुख मानने से इनकार किया है।

पुराने विवाद के कारण फिर उठे सवाल

ममूटी को लेकर वामपंथी समर्थकों की नाराजगी के पीछे मार्च 2026 की एक घटना भी बताई जा रही है। उस समय अभिनेता वायनाड में पुनर्वास से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान CPI(M) के वायनाड जिला सचिव के रफीक की मौजूदगी को लेकर ममूटी की टिप्पणी चर्चा में आ गई थी। अभिनेता नहीं चाहते थे कि उनकी यात्रा को किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम के रूप में देखा जाए।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस हुई थी। कुछ समर्थकों ने इसे पार्टी नेता का अपमान बताया, जबकि दूसरे लोगों ने इसे अभिनेता की व्यक्तिगत राय माना। अब SFI और DYFI नेताओं की हालिया मुलाकात के बाद वही पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

राजनीतिक मतभेद के बावजूद बातचीत जारी रहेगी

गोविंदन ने कहा कि CPI(M) अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों से संपर्क बढ़ाना चाहती है। इनमें कलाकार, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य प्रमुख लोग शामिल हैं। उनके मुताबिक, यह जरूरी नहीं कि जिन लोगों से पार्टी के नेता मिलें, वे सभी राजनीतिक मुद्दों पर एक जैसी राय रखते हों। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा संगठन ही नहीं, पार्टी के नेता भी समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों से बातचीत करेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में भी गोविंदन ने SFI और DYFI की गतिविधियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन संगठनों को अपने आंदोलनों के लिए देशभर में समर्थन मिला है। ऐसे में ममूटी से मुलाकात नहीं करने का कोई कारण नहीं बनता।

पार्टी के सामने सोशल मीडिया विवाद को शांत करने की चुनौती

ममूटी से मुलाकात के बाद शुरू हुई ऑनलाइन बहस ने केरल की राजनीति में कलाकारों और राजनीतिक संगठनों के रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है।CPI(M) नेतृत्व का कहना है कि आलोचना और असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को ऑनलाइन निशाना बनाना उचित नहीं है।

गोविंदन के बयान से पार्टी का आधिकारिक रुख सामने आ गया है। हालांकि, जिन सोशल मीडिया अकाउंट से आलोचना की गई, उनके पार्टी से औपचारिक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व की सफाई के बाद ममूटी और युवा संगठनों को लेकर जारी सोशल मीडिया विवाद शांत होता है या नहीं।

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