सिंगरौली में खदान धंसने से दो बच्चियों की मौत और दो महिलाओं की गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों और पुलिस ने रेस्क्यू किया। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की और लापरवाही पर पंचायत सचिव निलंबित किया।
Madhya Pradesh: रविवार दोपहर करीब 1:21 बजे परसोहर गांव में एक खदान धंस गई। गांव की महिलाएं और बच्चियां छुई (पोतने वाली मिट्टी) निकालने खदान में गई थीं। तभी मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया और वहां मौजूद लोग दब गए। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने फावड़े और गैंती से खुदाई कर दबी लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। सरपंच और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। मौके पर चौकी कुंदवार और थाना जियावन की पुलिस पहुंची। रेस्क्यू के लिए बाद में जेसीबी मशीन भी बुलवाई गई।
घायलों का इलाज और मृतकों की पहचान
रेस्क्यू के दौरान दो महिलाएं बेहोशी की हालत में मिलीं। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम शुरू कर दिया।

मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई:
- प्रीति सिंह, 10 वर्ष, ग्राम हरहवा
- बसंती, 16 वर्ष, ग्राम हरहवा
- फूलमती यादव, 50 वर्ष, ग्राम बंधा
घायलों में शामिल हैं:
- कौशल्या सिंह, 50 वर्ष, ग्राम परसोहर
- सकमुनी सिंह, 45 वर्ष, ग्राम चंद्रेह
कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी गौरव बेनल ने मृतकों के परिवार को रेडक्रास से 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
पंचायत सचिव पर कार्रवाई
हादसे के बाद यह पता चला कि ग्राम पंचायत बंधा के सचिव सतीश द्विवेदी ने मृतक बच्चियों का संबल योजना में पूर्व पंजीयन नहीं कराया था। इसे लापरवाही मानते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया।
गांव के लोगों ने बताया कि इस टीले में लाल और पीली मिट्टी थी, जिसे ग्रामीण अक्सर अपने काम के लिए खोदते हैं। कई बार उन्हें समझाया गया था कि खदान में मिट्टी निकालना खतरनाक हो सकता है, लेकिन लोग समझाइश के बावजूद इसे करते रहे। इस लापरवाही के कारण यह दुखद हादसा हुआ।










