स्क्रीन टाइम को लेकर बड़ा कदम, बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नया नियम

स्क्रीन टाइम को लेकर बड़ा कदम, बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नया नियम

बिहार सरकार बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और बढ़ते स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए नीति तैयार कर रही है। NIMHANS से रिपोर्ट लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और अभिभावकों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए समग्र दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे। नीति लागू होने पर यह बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में मदद करेगी और अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन सकती है।

Kids Screen Time: बिहार सरकार ने Facebook, Instagram और ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते उपयोग को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनाने की पहल शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary के अनुसार, NIMHANS से रिपोर्ट मंगाई गई है जिसमें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल गतिविधियों के प्रभाव का विश्लेषण होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर समग्र दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे, जिससे बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।

बिहार में बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम नीति की तैयारी

बच्चों का सोशल मीडिया उपयोग बिहार सरकार अब Facebook, Instagram और अन्य प्लेटफॉर्म पर बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए नीति बनाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने विधानसभा में बताया कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन गतिविधियों के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए NIMHANS से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर बहु-क्षेत्रीय चर्चा के बाद एक समग्र नीति तैयार की जाएगी।

सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

हाल के वर्षों में बच्चों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की लत बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक स्क्रीन पर रहने से बच्चों में नींद की समस्या, ध्यान केंद्रित न कर पाना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

बिहार सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अभिभावकों की भूमिका को इस नीति में शामिल करने का संकेत दिया है। Goa में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर कानून बनाने की मांग उठ चुकी है और Australia ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं।

नीति बनाने की प्रक्रिया

विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श किया जाएगा। नीति में बच्चों के लिए समय सीमा, ऑनलाइन गतिविधियों की मॉनिटरिंग और अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश शामिल हो सकते हैं। इससे राज्य में बच्चों का सुरक्षित डिजिटल एक्सपीरियंस सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बिहार में स्क्रीन टाइम नीति लागू होने पर यह अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकती है। सरकार की पहल बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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