मुंबई की झुग्गी में रहने वाले अभिषेक शर्मा ने सीमित संसाधनों के बावजूद JEE की तैयारी की। महंगी कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी और पड़ोसी के WiFi से पढ़ाई कर उन्होंने JEE Advanced में AIR 2,456 हासिल की।
JEE Success Story: मुंबई के लोकमान्य तिलक नगर की झुग्गी में किराए के घर में रहने वाले अभिषेक सुजीत शर्मा ने सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच JEE की तैयारी की। स्टील कंपनी में मजदूरी करने वाले पिता के बेटे अभिषेक ने महंगी कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लिया। इंटरनेट डेटा खत्म होने पर वह पड़ोसी के WiFi से पढ़ने के लिए छत पर जाते थे।
सीमित साधनों के बीच शुरू हुई JEE की तैयारी
अभिषेक शर्मा मुंबई के लोकमान्य तिलक नगर इलाके की झुग्गी-बस्ती में किराए के घर में रहते हैं। परिवार जिस घर में रहता है, उसका मासिक किराया 3,000 रुपये है। उनके पिता स्टील बनाने वाली कंपनी में मजदूरी करते हैं और उनकी आय से परिवार का खर्च चलता है।

ऐसे माहौल में JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना अभिषेक के लिए आसान नहीं था। महंगी कोचिंग की फीस वहन करना परिवार के लिए मुश्किल था। इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी के लिए सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन संसाधनों पर भरोसा किया।
डेटा खत्म होने पर छत पर जाकर पड़ोसी के WiFi से पढ़ाई
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इंटरनेट जरूरी था, लेकिन नियमित इंटरनेट रिचार्ज का खर्च भी अभिषेक के लिए चुनौती था। उन्होंने इसका रास्ता निकाला और इंटरनेट डेटा खत्म होने के बाद पड़ोसी के WiFi का इस्तेमाल करने लगे।
इसके लिए वह घर की छत पर जाते थे, जहां से पड़ोसी का WiFi कनेक्शन इस्तेमाल कर ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखते थे। सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी में निरंतरता बनाए रखी।
JEE Advanced में हासिल की AIR 2,456
अभिषेक की मेहनत का नतीजा JEE Main में देखने को मिला। उन्होंने उन टॉप 2.5 लाख उम्मीदवारों में जगह बनाई, जिन्हें JEE Advanced में शामिल होने का मौका मिला।
इसके बाद JEE Advanced के परिणाम में अभिषेक शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 2,456 हासिल की। उनकी OBC-NCL रैंक 415 रही। यह प्रदर्शन उनके लिए IIT में दाखिले का रास्ता खोलने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव बना।
झुग्गी से IIT दिल्ली तक का सफर
JEE Advanced में प्रदर्शन के बाद अभिषेक ने IIT दिल्ली में BTech की सीट हासिल की। उनका सफर सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक उदाहरण के तौर पर सामने आया है।
अभिषेक की कहानी में महंगी कोचिंग या आधुनिक सुविधाओं के बजाय सेल्फ स्टडी, ऑनलाइन संसाधनों और उपलब्ध साधनों के इस्तेमाल पर जोर दिखाई देता है। पड़ोसी के WiFi से लेकर JEE Advanced की रैंक तक का उनका सफर उनकी लगातार की गई तैयारी को दर्शाता है।













