दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में पायलट स्मित मछार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर जानलेवा हमला किया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित संभाला।
नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में बुधवार को हुई गंभीर घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार चर्चा में हैं। विमान के कॉकपिट में को-पायलट के कथित हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट में 174 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।
इस घटना के बाद स्मित मछार के पेशेवर कौशल के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत जिंदगी और व्यक्तित्व को लेकर भी कई बातें सामने आ रही हैं। उनके बचपन के दोस्त, पड़ोसी और विमानन क्षेत्र से जुड़े परिचित उन्हें शांत, मददगार और जमीन से जुड़े व्यक्ति के रूप में याद करते हैं।
दोस्तों के मुताबिक शांत और मददगार स्वभाव
मुंबई के तिलक नगर स्थित स्वास्तिक हाइट्स में रहने वाले उनके पड़ोसी और पुराने परिचितों के अनुसार, स्मित का स्वभाव हमेशा से सहज और सहयोगी रहा है। पड़ोसी लक्ष्मीकांत जोशी के मुताबिक, वह जरूरत के समय दूसरों की मदद करने से पीछे नहीं हटते थे। परिवार से जुड़ी एक घटना को याद करते हुए जोशी ने बताया कि जब स्मित के पिता की बाईपास सर्जरी हुई थी, तब वह भारत पहुंचने के बाद सीधे अस्पताल गए और इलाज के दौरान परिवार के साथ रहे। उनके परिचितों के मुताबिक, छोटी-छोटी चीजों में भी दूसरों की मदद करना उनके स्वभाव का हिस्सा रहा है।
सोसायटी के कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी इसी सहजता को दिखाती थी। स्वतंत्रता दिवस के दौरान झंडा फहराने के लिए रस्सी में सही गांठ लगाने में मदद करने जैसी सामान्य गतिविधियों का भी उनके दोस्तों ने जिक्र किया है।
हर किसी के साथ सम्मान से पेश आते थे
फ्लाइंग स्कूल के दिनों के दोस्त कैप्टन धराव गोसालिया के मुताबिक, स्मित बेहद शांत और संयमित व्यक्तित्व के व्यक्ति रहे हैं। उनके अनुसार, स्मित लोगों के पद या काम के आधार पर व्यवहार में अंतर नहीं करते थे। विमानन क्षेत्र में पायलट के साथ काम करने वाले लोडर, ग्राउंड स्टाफ, इंजीनियर और कैटरिंग कर्मियों से लेकर दूसरे कर्मचारियों तक, वह सभी से सम्मानपूर्वक बात करते थे। उनके दोस्तों का कहना है कि यही सरलता उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती थी।
पढ़ाई के दौरान भी करते थे साथियों की मदद

स्मित मछार ने 2003 में मुंबई के एमडी भाटिया स्कूल से 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। उनके स्कूल के दोस्त भाविन जेठवा उन्हें सरल और बेफिक्र स्वभाव वाला व्यक्ति बताते हैं। उनके अनुसार, स्मित को दिखावे से दूर रहना पसंद था। बाद में उन्होंने न्यूजीलैंड के मेनलैंड एविएशन कॉलेज से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया।
प्रशिक्षण के दौरान भी वह अपने सहपाठियों की पढ़ाई में मदद करते थे। एयर नेविगेशन और एयरक्राफ्ट टेक्निकल जैसे कठिन विषयों को समझने में परेशानी होने पर साथी उनसे सलाह लेते थे।
स्पाइसजेट के बाद फ्लाईदुबई से जुड़े
पायलट के तौर पर स्मित ने स्पाइसजेट में भी सेवाएं दीं। इसके बाद 2022 में वह दुबई चले गए और फ्लाईदुबई से जुड़े। यहां उन्होंने Boeing 737 के कैप्टन के साथ-साथ लाइन ट्रेनर की जिम्मेदारी भी संभाली। लाइन ट्रेनर के तौर पर उनकी भूमिका में उड़ान संचालन के दौरान पायलटों को प्रशिक्षण और प्रक्रियाओं से परिचित कराने का काम भी शामिल रहा। विमान उड़ाने का अनुभव और प्रशिक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियां उनके पेशेवर करियर का अहम हिस्सा रही हैं।
कॉकपिट में हमले के बाद संभाला विमान
फ्लाईदुबई की इस उड़ान में घटना उस समय हुई जब विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर हमला किया। हमले में उनके सिर और छाती पर चोटें आईं। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विमान के करीब 14,000 फीट नीचे जाने के बाद उन्होंने उसे दोबारा स्थिर किया। इसके बाद कॉकपिट से हाईजैक कोड 7500 प्रसारित किया गया, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान में असामान्य स्थिति का संकेत मिला।
रिपोर्टों के मुताबिक, इसके बाद कॉकपिट का दरवाजा खोला गया और केबिन क्रू ने कथित हमलावर को काबू करने की कोशिश की। घटना के दौरान यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण चुनौती बनी रही।












