संसद का बजट सत्र! पहला चरण रहा हंगामेदार, कार्यवाही 9 मार्च तक स्थगित

संसद का बजट सत्र राजनीतिक हंगामों और विपक्षी विरोध के बीच पहला चरण समाप्त। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अब 9 मार्च तक स्थगित, बजट चर्चा रुकी।

संसद के बजट सत्र का पहला चरण हंगामेदार रहा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर विरोध किया। आम बजट पर चर्चा, अविश्वास प्रस्ताव और निलंबन के बीच कार्यवाही अब 9 मार्च तक स्थगित कर दी गई।

New Delhi: संसद के बजट सत्र का पहला चरण राजनीतिक विवादों और विपक्षी हंगामों के बीच समाप्त हो गया है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अब 9 मार्च तक स्थगित रहेगी। इस चरण में आम बजट पर चर्चा के साथ ही लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी दिया गया। राजनीतिक विश्लेषक इसे सत्र के सबसे हंगामेदार चरण में गिन रहे हैं, जिसमें कई संवेदनशील मुद्दों पर बहस और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

बजट सत्र के दौरान प्रमुख विवाद

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की संस्मरण पुस्तक से जुड़े विवाद ने बजट सत्र की शुरुआत से ही संसद में राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर भी लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। विरोध और हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और दोनों सदन अब तीन सप्ताह के अवकाश पर चले गए हैं।

बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संसद को दिए गए संयुक्त संबोधन के साथ शुरू हुआ था और कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ समाप्त होगा। मध्यावधि अवकाश के दौरान स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अनुदान अनुरोधों की जांच करेंगी।

लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा

दो फरवरी से लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। धन्यवाद प्रस्ताव और इसके समर्थन में भाजपा के सदस्यों के भाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखनी शुरू की। इसी दौरान उनकी एक टिप्पणी को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के कारण चर्चा पूरी नहीं हो सकी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब भी नहीं दिया जा सका।

इस सप्ताह लोकसभा में आम बजट पर चर्चा हुई और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को इसका जवाब प्रस्तुत किया। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं देने और आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन के मामले में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने का प्रस्ताव लोकसभा महासचिव को नोटिस के माध्यम से दिया है। सूत्रों के अनुसार यह नोटिस बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत में विचार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।

राज्यसभा में चर्चा और विधेयक पारित

उच्च सदन में भी 2 फरवरी से राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। प्रधानमंत्री ने 5 फरवरी को इस पर जवाब दिया था। राज्यसभा में नौ मार्च से आम बजट 2026-27 पर चर्चा शुरू हुई थी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 फरवरी को इसका जवाब दिया।

कल उच्च सदन में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक को संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित किया गया। इससे औद्योगिक नीतियों में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत मिलता है।

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा में मांग

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह ने थल सेना में भर्ती के लिए परीक्षा पास कर चुके युवाओं की तत्काल भर्ती की मांग की। उन्होंने कहा कि 2019 से 2022 के बीच लगभग 1.23 लाख युवाओं ने थल सेना में भर्ती के लिए शारीरिक और चिकित्सा परीक्षा पास की, जबकि लगभग 7,000 उम्मीदवारों ने वायुसेना के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की। सिंह ने कहा कि युवाओं को वरिष्ठ अधिकारियों की सेवा में लगाने की बजाय उनकी तत्काल तैनाती की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय की घोषणा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने लोकसभा में कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी किसी मौत का मामला सामने नहीं आया है। यह जानकारी उन्होंने कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के पूरक प्रश्न के जवाब में दी।

जम्मू-कश्मीर के छात्रों की समस्या पर चिंता

राज्यसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य सज्जाद अहमद किचलू ने जम्मू और कश्मीर के छात्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि राजस्थान के एक विश्वविद्यालय ने छात्रों को प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया। कई छात्रों ने मेवाड़ विश्वविद्यालय में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। किचलू ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाया और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

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