लोकसभा में चीन सीमा विवाद पर बहस के दौरान माहौल गरमा गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाया। जनरल नरवणे की किताब के हवाले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
New Delhi: लोकसभा में एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिली जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर खुलकर निशाना साधा। रिजिजू ने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में इस तरह का रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे सदन में बच्चों जैसा व्यवहार न करें और देश की सुरक्षा को राजनीतिक हथियार न बनाएं। यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद में चीन के साथ 2020 के सीमा गतिरोध को लेकर बहस तेज हो गई है।
जनरल नरवणे की किताब से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा का हवाला दिया। राहुल गांधी ने बजट सत्र के दौरान चीन के साथ हुए 2020 के गतिरोध का जिक्र करते हुए इस पुस्तक का उल्लेख किया। उनका दावा था कि इस किताब में उस समय की स्थिति और फैसलों को लेकर अहम बातें कही गई हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और सवाल उठाया कि एक अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करना कितना उचित है।
रिजिजू का तीखा बयान
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी को सबक नहीं सिखा सकते, लेकिन यह जरूर कहना चाहेंगे कि संसद इस तरह नहीं चल सकती। रिजिजू ने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि राहुल गांधी किस सोच और किस विचारधारा से प्रेरित होकर ऐसे बयान देते हैं।
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उनके मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा एक गंभीर विषय है और इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना देश के हित में नहीं है।
बच्चों जैसा व्यवहार न करने की नसीहत
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी अपील की कि वे अपने नेता को समझाएं। रिजिजू ने कहा कि संसद कोई खेल का मैदान नहीं है जहां इस तरह का व्यवहार किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि देश बहुत बड़ा है और इसकी सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे मुद्दों पर जिम्मेदारी और परिपक्वता दिखाने की जरूरत है। उनका कहना था कि किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाकर और सुरक्षा जैसे मुद्दों को उछालकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश गलत है।
कांग्रेस की पलटवार, वेणुगोपाल ने किया बचाव
कांग्रेस की ओर से केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी ने जो भी कहा, वह तथ्यात्मक और सच था। वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि सरकार इस मुद्दे पर इतनी घबराई हुई क्यों दिख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और संसद के अंदर और बाहर जो भी कहा गया है, वह पूरी तरह स्पष्ट और सटीक है। कांग्रेस इस मुद्दे पर अपने रुख पर कायम रहेगी।
किताब की उपलब्धता पर नया मोड़
विवाद तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने दावा किया कि जनरल नरवणे की किताब ऑनलाइन उपलब्ध है। इस पर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस ने बयान जारी कर उनके दावे का खंडन किया। प्रकाशक ने साफ किया कि किसी भी किताब को तभी प्रकाशित माना जाता है जब वह सभी रिटेल चैनलों पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो। बयान में कहा गया कि अभी यह पुस्तक केवल प्री ऑर्डर के चरण में है और इसे प्रकाशित या उपलब्ध नहीं माना जा सकता।
पब्लिकेशन की प्रक्रिया
प्रकाशक के अनुसार, प्री ऑर्डर एक standard process है जिसमें पाठकों और रिटेलर्स को पहले से ऑर्डर देने की सुविधा मिलती है। इसका मतलब यह नहीं होता कि किताब आधिकारिक रूप से प्रकाशित हो चुकी है। इस स्पष्टीकरण के बाद सरकार की ओर से यह तर्क और मजबूत हो गया कि एक अप्रकाशित सामग्री के आधार पर संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।










