घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार, 14 नवंबर को इन दोनों बहुमूल्य धातुओं में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 दिसंबर की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा शुक्रवार को लगभग 3,300 रुपए टूट गया।
Gold Price Prediction: घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 14 नवंबर को इन दोनों बहुमूल्य धातुओं के दामों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 दिसंबर एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा लगभग 3,300 रुपए टूट गया। वहीं, चांदी के दाम भी करीब 6,900 रुपए नीचे आए।
इन उतार-चढ़ावों के बीच निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सोने की कीमतों में जल्द ही तेजी आएगी या दाम और गिर सकते हैं। मनीकंट्रोल में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने के दामों में मजबूत उछाल देखने की संभावना है।
बाजार जानकारों की राय
लक्ष्मी डायमंड्स के चेयरमैन और एमडी चेतन मेहता ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि, वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंक और निवेशक सोने की खरीदारी जारी रख सकते हैं। इसके कारण आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। चेतन मेहता ने कहा, “दिवाली के बाद गोल्ड के दामों में 10 से 15 प्रतिशत तक तेजी आई है। मेरा मानना है कि आने वाले महीनों में यह और बढ़ सकता है। मैं अनुमान लगाता हूँ कि गोल्ड के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।

चेतन मेहता ने बताया कि इस बार सोना खरीदारी में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोग बड़ी मात्रा में अपने पुराने सोने को एक्सचेंज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली सीजन की खरीदारी में लगभग 40-50 प्रतिशत गोल्ड बिक्री का हिस्सा एक्सचेंज गोल्ड का था। हालांकि, उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि मौजूदा तिमाही में एक्सचेंज गोल्ड की हिस्सेदारी करीब 20-25 प्रतिशत रह सकती है। इसका मतलब है कि निवेशक अब केवल ज्वेलरी खरीदने के बजाय, सोने में निवेश करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
चांदी और डायमंड्स का बाजार
चेतन मेहता ने बताया कि शादी सीजन में सोने की मांग में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान लोग ज्वेलरी के लिए भी अधिक खरीदारी करेंगे। इसके साथ ही, निवेशकों का रुझान गोल्ड बार, सिक्के और अन्य निवेश विकल्पों की ओर भी बढ़ रहा है। चेतन मेहता ने डायमंड्स के बाजार पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि छोटे और मिड-वेट डायमंड्स की मांग फिलहाल मजबूत बनी हुई है। वहीं, सॉलिटेयर डायमंड्स की बिक्री में गिरावट देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण बदलते निवेश रुझान और लोगों का गोल्ड पर अधिक ध्यान देना बताया गया।








