केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को तमिलनाडु के चेंगलपेट जिले में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दक्षिण भारत से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
Southern Zonal Council Meeting 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को तमिलनाडु के चेंगलपेट जिले में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद (Southern Zonal Council) की 31वीं बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में दक्षिण भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें जल बंटवारा, अंतरराज्यीय परियोजनाएं, शिक्षा, आवास और प्रशासनिक समन्वय जैसे विषय प्रमुख हैं।
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप भी परिषद के सदस्य केंद्र शासित प्रदेश हैं।
बैठक में कौन-कौन शामिल?
बैठक में सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इनमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, केरल के प्रतिनिधि वी.डी. सतीशन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी समेत अन्य नेता शामिल हैं। परिषद की व्यवस्था के अनुसार, सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हैं। मौजूदा व्यवस्था में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उपाध्यक्ष की भूमिका में हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परिषद के अध्यक्ष हैं।
बैठक में राज्यों के वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी भी रखी गई है।
जल बंटवारा सबसे अहम मुद्दों में शामिल

दक्षिणी राज्यों के बीच जल संसाधनों का बंटवारा लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में बैठक में अंतरराज्यीय जल परियोजनाओं और जल बंटवारे से जुड़े मामलों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। दक्षिण भारत में कई प्रमुख नदियों और जल परियोजनाओं का पानी एक से अधिक राज्यों से जुड़ा है। इसलिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, परियोजनाओं की प्रगति और जल संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर साझा समाधान तलाशना क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में महत्वपूर्ण माना जाता है।
बैठक के एजेंडे में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम से जुड़े लंबित विषय भी शामिल हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के गठन के बाद परिसंपत्तियों, संस्थानों और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़े कुछ मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। क्षेत्रीय परिषद का उद्देश्य ऐसे मामलों में राज्यों और केंद्र के बीच संवाद का मंच उपलब्ध कराना है, ताकि विवादित या लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा सके।
शिक्षा, महिला सुरक्षा और आवास पर भी मंथन
बैठक में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) के प्रभावी संचालन पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषय, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, नागरिक उड्डयन और क्षेत्रीय विकास से संबंधित मुद्दे भी एजेंडे का हिस्सा हैं। इन विषयों पर राज्यों की समस्याओं और केंद्र सरकार की योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा सकता है।
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक का आयोजन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय की ओर से किया जा रहा है। तमिलनाडु सरकार बैठक की मेजबानी कर रही है। बैठक में सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल या प्रशासक तथा प्रत्येक राज्य के दो वरिष्ठ मंत्री शामिल होने की व्यवस्था है। इसके अलावा राज्यों के मुख्य सचिव, सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी चर्चा में भाग लेते हैं।










