हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को हल्की राहत देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में खरीदारी का रुझान बना रहा और क्लोजिंग तक बुल्स का दबदबा कायम रहा।
बिजनेस न्यूज़: हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने मजबूत रिकवरी दर्ज की और निवेशकों को राहत दी। पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद अंत में बुल्स का दबदबा कायम रहा। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की जोरदार खरीदारी ने बाजार को हरे निशान में बंद कराने में अहम भूमिका निभाई, जबकि फार्मा और आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त के साथ क्लोजिंग
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 232 अंक या 0.31% की बढ़त के साथ 75,415.35 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 65 अंक या 0.27% की तेजी के साथ 23,719.30 पर सेटल हुआ। दिनभर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार होता रहा, लेकिन आखिरी घंटे में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख इंडेक्स ऊपर चढ़ गए।
बैंकिंग सेक्टर बना बाजार का मुख्य सहारा
आज के सत्र में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। निफ्टी बैंक इंडेक्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार की धारणा सकारात्मक बनी रही। बाजार को सपोर्ट देने वाले प्रमुख बैंकिंग शेयरों में शामिल रहे:
- ICICI Bank
- HDFC Bank
- Axis Bank
इन दिग्गज बैंकों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को ऊपर बनाए रखने में मदद की। निवेशकों का भरोसा बैंकिंग सेक्टर में मजबूत बना हुआ है, जिसे मौजूदा क्रेडिट ग्रोथ और स्थिर बैलेंस शीट्स का सपोर्ट मिल रहा है।

फार्मा और आईटी सेक्टर में दबाव
जहां एक तरफ बैंकिंग सेक्टर ने बाजार को संभाला, वहीं दूसरी ओर फार्मा और आईटी सेक्टर ने कमजोरी दिखाई। हेल्थकेयर और दवा कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला। विशेष रूप से:
- Sun Pharma
- Cipla
जैसी प्रमुख फार्मा कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने निफ्टी की बढ़त को सीमित कर दिया। आईटी और FMCG सेक्टर में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार की रफ्तार पूरी तरह तेज नहीं हो सकी।
ग्लोबल फैक्टर्स का मिला-जुला असर
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला। बढ़ती तेल कीमतें और महंगाई को लेकर चिंताओं ने बाजार में सतर्कता बनाए रखी। हालांकि, घरेलू स्तर पर मजबूत खरीदारी ने नकारात्मक दबाव को संतुलित कर दिया। शेयर बाजार के साथ-साथ करेंसी मार्केट से भी सकारात्मक संकेत मिले। शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 63 पैसे मजबूत होकर 95.73 के स्तर पर बंद हुआ।








