India-US Trade Deal के बाद शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। इस समझौते से अदाणी ग्रुप को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। एनर्जी, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी दर्ज की गई।
Adani Share: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही Trade Deal के फाइनल होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस समझौते का सबसे बड़ा असर उन कंपनियों पर पड़ा, जिनका कारोबार वैश्विक व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा है। इन्हीं सेक्टरों में सक्रिय अदाणी ग्रुप के शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया। निवेशकों का भरोसा लौटता दिखा और बाजार में मजबूत खरीदारी नजर आई।
शेयर बाजार में तेज रफ्तार
ट्रेड डील की घोषणा के बाद मंगलवार को शेयर बाजार ने बड़ी छलांग लगाई। कारोबार के दौरान निफ्टी करीब 5 प्रतिशत चढ़कर 26,341 अंक तक पहुंच गया। सेंसेक्स में भी 4,200 अंकों से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जो फरवरी 2021 के बाद की सबसे बड़ी इंट्रा-डे बढ़त मानी जा रही है।
हालांकि शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली और सुबह के सत्र में बाजार थोड़ी स्थिरता पर आया, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि आगे भी इसका असर दिख सकता है।
अदाणी ग्रुप के शेयरों में जोरदार उछाल
बाजार की इस तेजी का सबसे ज्यादा फायदा अदाणी ग्रुप को मिला। अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर दिन के कारोबार में करीब 12 प्रतिशत तक चढ़ गया। यह नवंबर 2024 के बाद एक दिन में आया सबसे बड़ा उछाल रहा।
अदाणी पोर्ट्स के शेयर में करीब 8 प्रतिशत की तेजी देखी गई। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने लगभग 12.7 प्रतिशत की छलांग लगाई। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस करीब 10 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। अदाणी पावर के शेयरों में भी 7.8 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से साफ है कि निवेशकों ने ट्रेड डील को अदाणी ग्रुप के लिए एक मजबूत ट्रिगर माना है।
Trade Deal से क्यों बढ़ा भरोसा
भारत और अमेरिका के बीच हुए इस समझौते में अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए अतिरिक्त टैक्स को भी हटाने का फैसला हुआ है।
इस फैसले से भारतीय कंपनियों की लागत घटेगी और उनका प्रोडक्ट अमेरिकी बाजार में ज्यादा competitive बनेगा। अदाणी ग्रुप जैसी कंपनियां, जिनका बिजनेस ग्लोबल सप्लाई चेन और एनर्जी सेक्टर से जुड़ा है, उन्हें इसका सीधा फायदा मिलता दिख रहा है।
एनर्जी सेक्टर को मिलेगी नई ताकत
अदाणी ग्रुप का बड़ा हिस्सा एनर्जी बिजनेस से जुड़ा हुआ है। कोयला, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर ट्रांसमिशन और गैस जैसे क्षेत्रों में कंपनी की मजबूत मौजूदगी है।
Trade Deal के बाद कच्चे तेल और एनर्जी से जुड़े टैक्स बोझ में राहत मिलने से इन सेक्टरों में ऑपरेटिंग कॉस्ट घटने की उम्मीद है। इससे कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हो सकती है। निवेशक इसी संभावना को देखते हुए अदाणी ग्रुप के एनर्जी शेयरों में खरीदारी करते नजर आए।
पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा फायदा
अदाणी पोर्ट्स भारत की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटर कंपनियों में से एक है। अमेरिका के साथ ट्रेड बढ़ने का सीधा असर एक्सपोर्ट-इंपोर्ट गतिविधियों पर पड़ेगा।
जैसे-जैसे ट्रेड वॉल्यूम बढ़ेगा, पोर्ट्स, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिलेगा। यही वजह है कि अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में निवेशकों ने मजबूत भरोसा दिखाया।
फंड जुटाने की संभावनाएं मजबूत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियां जापान से करीब 2 अरब डॉलर जुटाने की योजना पर काम कर रही हैं। हालांकि कंपनी की तरफ से इसे नियमित कारोबारी प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन बाजार इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।
Trade Deal के बाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ना फंड रेजिंग को आसान बना सकता है। विदेशी निवेशकों के लिए भारत का माहौल अब ज्यादा स्थिर और आकर्षक नजर आ रहा है।
जापान से मिली क्रेडिट रेटिंग
जापान की प्रमुख रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency ने अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों को विदेशी मुद्रा में लंबी अवधि की क्रेडिट रेटिंग दी है। इनमें अदाणी पोर्ट्स, अदाणी ग्रीन और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस शामिल हैं।
यह रेटिंग संकेत देती है कि इंटरनेशनल लेवल पर कंपनी की फाइनेंशियल प्रोफाइल को स्थिर माना जा रहा है। निवेशकों के नजरिए से यह एक मजबूत भरोसे का संकेत है।









