कमजोर वैश्विक संकेतों और चौतरफा बिकवाली के दबाव के बीच गुरुवार, 8 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। रिजर्व बैंक के रेपो रेट में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुस्ती का असर घरेलू बाजार पर दिखा।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 8 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। लगातार कमजोर धारणा के बीच बीएसई सेंसेक्स करीब 180 अंक नीचे खुला, जबकि एनएसई निफ्टी भी 22,600 के अहम स्तर से नीचे रहा। बाजार में शुरुआती बिकवाली का असर व्यापक रहा, हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में मजबूत खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। ताजा बाजार रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे।
बाजार की कमजोरी के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों कारक महत्वपूर्ण हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया। यह करीब चार साल में पहली बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंक ने अपनी नीति का रुख भी ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ यानी धीरे-धीरे मौद्रिक सख्ती की दिशा में बदला है। इससे ब्याज दरों और कंपनियों की भविष्य की कमाई को लेकर निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 180 अंक की गिरावट के साथ 72,460 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 लगभग 62 अंक फिसलकर 22,541 के करीब पहुंच गया। बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही, यानी बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही।
बुधवार को भी भारतीय बाजार में दबाव देखने को मिला था। उस दिन सेंसेक्स 429.11 अंक टूटकर 72,638.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 173.05 अंक की गिरावट के साथ 22,603.05 पर रहा। RBI की दर वृद्धि के अलावा ऊंचे कच्चे तेल के दाम, विदेशी बाजारों की कमजोरी और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की।
IT शेयरों ने बाजार को दिया सहारा

गिरावट के बीच IT सेक्टर बाजार का मजबूत हिस्सा बना रहा। शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स में करीब 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई। TCS, HCL Technologies, Tech Mahindra और Infosys जैसे प्रमुख IT शेयरों में खरीदारी रही। TCS के शेयरों में तेजी को खास महत्व दिया जा रहा है क्योंकि कंपनी के तिमाही नतीजों पर बाजार की नजर है। रिपोर्टों के मुताबिक TCS में करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली, जिससे IT इंडेक्स को मजबूती मिली।
इसके उलट रियल्टी और मेटल जैसे ब्याज दरों तथा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित सेक्टरों पर दबाव बना रहा। ऊंचे कच्चे तेल के दाम और महंगे वैश्विक वित्तपोषण की चिंता भी बाजार sentiment को प्रभावित कर रही है।
Paytm के शेयरों में भारी बिकवाली
इस बीच डिजिटल पेमेंट कंपनी One97 Communications यानी Paytm के शेयरों में तेज गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा। Paytm Payments Bank को लेकर RBI की हालिया कार्रवाई के बाद कंपनी से जुड़े शेयरों पर दबाव बढ़ा है। RBI ने Paytm Payments Bank को अनुसूचित बैंकों की सूची से बाहर कर दिया है।
यह कदम बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने की पिछली कार्रवाई के बाद उठाया गया है। हालांकि, Paytm ने स्पष्ट किया है कि UPI, QR कोड भुगतान, Soundbox, कार्ड मशीन और Payment Gateway जैसी उसकी प्रमुख सेवाएं प्रभावित नहीं होतीं, क्योंकि ये सेवाएं मल्टी-बैंक मॉडल के जरिए संचालित होती हैं।
गुरुवार के कारोबार में Paytm के अलावा Mobikwik और Pine Labs जैसे डिजिटल पेमेंट से जुड़े शेयरों पर भी दबाव देखा गया। बाजार में इस क्षेत्र के लिए Merchant Discount Rate (MDR) से जुड़ी अनिश्चितता भी चर्चा में रही।











