Stock Market Update: इकोनॉमिक सर्वे से पहले निवेशकों में सतर्कता, सेंसेक्स 250 अंक गिरकर खुला

गुरुवार 29 जनवरी 2026 को बाजार में कमजोरी के बीच सेंसेक्स 254 अंक गिरकर 82,090 पर खुला। निवेशक इकोनॉमिक सर्वे और FII बिकवाली से सतर्क दिखे।

29 जनवरी 2026 को बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला। सेंसेक्स 254 अंक गिरकर 82,090 पर और निफ्टी 25,282 पर कारोबार कर रहा है। निवेशक Economic Survey और FII बिकवाली के चलते सतर्क नजर आए।

Stock Market: गुरुवार 29 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। आज पेश होने वाले Economic Survey 2025–26 से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसके अलावा FII की लगातार बिकवाली, बजट से पहले की positioning और वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त संकेतों ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली, जिससे यह साफ संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।

सेंसेक्स की चाल

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स लगभग सपाट रुख के साथ 82,368 अंक पर खुला। हालांकि ओपनिंग के कुछ ही मिनटों बाद इसमें बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 254 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 82,090.12 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बैंकिंग, आईटी और मेटल शेयरों में दबाव के चलते सेंसेक्स को संभालना मुश्किल हुआ। निवेशक इकोनॉमिक सर्वे के संकेतों का इंतजार करते नजर आए, जिससे बाजार में नई खरीदारी सीमित रही।

निफ्टी 25300 के नीचे फिसला

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 25,345 अंक पर खुला, लेकिन यह स्तर ज्यादा देर टिक नहीं पाया। खुलते ही निफ्टी 25,300 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। सुबह 9:27 बजे निफ्टी 60.55 अंक या 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 25,282 पर ट्रेड कर रहा था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला, जिससे व्यापक बाजार की धारणा कमजोर बनी रही।

इकोनॉमिक सर्वे से पहले निवेशकों की रणनीति

आज पेश होने वाले Economic Survey 2025–26 को लेकर बाजार में खासा इंतजार है। यह सर्वे देश की आर्थिक स्थिति, growth outlook और आने वाले बजट के संभावित रुख के संकेत देता है। निवेशक इस रिपोर्ट से यह समझने की कोशिश करेंगे कि सरकार आर्थिक विकास, fiscal deficit और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर क्या दृष्टिकोण रखती है। इसी वजह से बाजार में फिलहाल सतर्कता हावी है और बड़े दांव लगाने से निवेशक बचते दिख रहे हैं।

FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की ओर से हाल के दिनों में लगातार बिकवाली देखने को मिली है। बजट से पहले risk management और global uncertainty के चलते विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार की liquidity और sentiment पर पड़ा है। घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII कुछ हद तक बाजार को सहारा दे रहे हैं, लेकिन FII की बिकवाली के सामने यह समर्थन फिलहाल कमजोर साबित हो रहा है।

वैश्विक बाजारों से मिले संकेत

Global Markets से भी भारतीय बाजार को ज्यादा सहारा नहीं मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। आखिरी अपडेट के मुताबिक जापान का Nikkei 225 Index 0.46 फीसदी गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi Index 0.58 फीसदी नीचे कारोबार करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 Index भी 0.8 फीसदी फिसल गया। इन कमजोर संकेतों ने एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार की शुरुआत को भी प्रभावित किया।

अमेरिकी बाजारों का हाल

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार लगभग सपाट बंद हुए। Chip stocks में हल्की तेजी के चलते Nasdaq में मामूली बढ़त देखने को मिली। अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने और भविष्य में दरों में कटौती को लेकर कोई साफ संकेत न देने से निवेशकों की प्रतिक्रिया सीमित रही। S&P 500 Index 6,978.03 पर लगभग सपाट बंद हुआ। Nasdaq Composite 0.17 फीसदी की बढ़त के साथ 23,857.45 पर पहुंचा। Dow Jones Industrial Average भी 49,015.60 पर लगभग बिना बदलाव के बंद हुआ।

Q3 Results पर रहेगी नजर

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली हैं, जिससे बाजार में stock specific action देखने को मिल सकता है। ITC, Vedanta, Adani Power, Canara Bank, Ambuja Cements, REC, Max Healthcare, Dabur India, Swiggy, NTPC Green Energy, One97 Communications, Coromandel International, Dixon Technologies, Prestige Estates, Lloyds Metals, Colgate-Palmolive India, Nippon India, Voltas, Housing and Urban Development Corporation, Astral, Container Corporation of India, Blue Star, KPIT Tech, Apar Industries और Manappuram Finance जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इन कंपनियों के results से संबंधित सेक्टर्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

फेड का ब्याज दरों पर फैसला

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने चेयरमैन Jerome Powell के नेतृत्व में हुई दो दिन की बैठक के बाद यह फैसला लिया कि ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। 28 जनवरी 2026 को फेड ने ब्याज दरों को 3.5 फीसदी से 3.75 फीसदी के दायरे में ही बनाए रखने का ऐलान किया। Federal Open Market Committee ने कहा कि यह फैसला महंगाई, रोजगार के आंकड़ों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है।

फेड ने साफ किया कि भविष्य में ब्याज दरों पर कोई भी फैसला पूरी तरह data driven होगा। महंगाई की दिशा, जॉब मार्केट की मजबूती और आर्थिक growth के संकेतों को देखकर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। हालांकि बाजार पहले से ही उम्मीद कर रहा था कि इस बैठक में फेड दरों में बदलाव नहीं करेगा, लेकिन Trump administration की ओर से दरों में कटौती के दबाव की खबरों ने इस फैसले को चर्चा में ला दिया।

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