सुधा मूर्ति और परिवार ने कर्नाटक जाति सर्वे में भाग लेने से किया इंकार, जानिए क्या है वजह

कर्नाटक जाति सर्वे में सुधा मूर्ति और परिवार ने भाग लेने से इंकार किया। निजी जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता कारण बने। सर्वे में भाग लेना वैकल्पिक है।

कर्नाटक जाति सर्वे में राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और उनके परिवार ने हिस्सा लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और निजी कारणों का हवाला दिया। डिप्टी CM ने कहा, सर्वे में भाग लेना पूरी तरह वैकल्पिक है।

Caste Survey: कर्नाटक में हो रहे जाति सर्वे (Caste Survey) में टेक इंडस्ट्री की दिग्गज और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और उनके परिवार ने हिस्सा लेने से मना कर दिया है। इस फैसले की जानकारी सुधा मूर्ति ने खुद मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि उनका परिवार सर्वे में भाग नहीं लेगा क्योंकि यह उनके लिए आवश्यक नहीं है और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनी रहनी चाहिए।

क्या है इसके पीछे वजह 

सुधा मूर्ति और उनके परिवार ने कहा कि जाति सर्वे में भाग लेने से उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक होने का खतरा बढ़ सकता है। उनका मानना है कि सरकारी सर्वेक्षण में व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल होने की संभावना रहती है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार किसी पिछड़े वर्ग से नहीं आता और इसलिए इस सर्वे में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है।

सुधा मूर्ति और परिवार ने कर्नाटक जाति सर्वे में भाग लेने से किया इंकार, जानिए क्या है वजह

सेल्फ-डिक्लेरेशन के जरिए जवाब

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सुधा मूर्ति ने कर्नाटक स्टेट कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेस (KSCBC) के सोशल और एजुकेशनल सर्वे में हिस्सा न लेने के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन पर साइन किया। इसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि परिवार का सर्वे में भाग न लेना पर्सनल कारणों और गोपनीयता की रक्षा के चलते किया गया है।

सुधा मूर्ति ने सर्वेक्षण की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि उनके मामले में सरकार का कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा और इसीलिए सर्वेक्षण में भाग लेना उनके लिए अनावश्यक है

सुधा मूर्ति के इस फैसले पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सर्वे में भाग लेना पूरी तरह वैकल्पिक है और किसी को भी मजबूर नहीं किया जा सकता। 

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