चीनी के दाम 10% तक गिरे, 58.50 रुपये किलो हुई कीमत, बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक लिमिट 30 दिन

चीनी की खुदरा कीमत करीब 10% घटकर 58.50 रुपये प्रति किलो हुई। सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं की स्टॉक लिमिट 15 से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है।

त्योहारी सीजन से पहले खुदरा बाजार में चीनी की कीमत करीब 10% घटकर 58.50 रुपये प्रति किलो हो गई है। सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा 15 से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है।

Business:  Sugar Price Update के तहत खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में हालिया उच्च स्तर से करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है। अगस्त में करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंची कीमत अब लगभग 58.50 रुपये हो गई है। इस बीच सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए चीनी स्टॉक रखने की सीमा बढ़ाकर 30 दिन कर दी है, लेकिन अतिरिक्त स्टॉक के लिए आयात से जुड़ी शर्त रखी गई है।

खुदरा बाजार में चीनी 10% तक सस्ती, 58.50 रुपये किलो हुई कीमत

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में आई गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। सरकार के मुताबिक, अगस्त में खुदरा बाजार में चीनी की कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। अब इसमें लगभग 10 फीसदी की कमी आई है और कीमत करीब 58.50 रुपये प्रति किलो रह गई है। इस तरह कुछ ही हफ्तों में उपभोक्ताओं को प्रति किलो करीब 6.50 रुपये की राहत मिली है।

चीनी के दाम 10% तक गिरे, 58.50 रुपये किलो हुई कीमत, बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक लिमिट 30 दिन

चीनी की खुदरा कीमतों में आई इस कमी के साथ-साथ मिल स्तर पर भी कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार, चीनी की एक्स-मिल कीमत में करीब 25 फीसदी की कमी आ चुकी है। हालांकि, मिल कीमतों में गिरावट की तुलना में खुदरा बाजार में कीमतों में कमी कम रही है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने चीनी कारोबार से जुड़े थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से अपील की है कि वे मिल कीमतों में आई गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाएं।

बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा 15 से बढ़कर 30 दिन

त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा में बदलाव किया है। अब पात्र बड़े उपभोक्ता 30 दिनों की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 15 दिनों की खपत तक थी।

यह नियम उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू होगा, जो हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल कच्चे माल के तौर पर करते हैं। इसमें मिठाई बनाने वाले कारोबारी, कन्फेक्शनरी कंपनियां, बिस्किट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां और अन्य खाद्य एवं पेय कंपनियां शामिल हैं।

स्टॉक लिमिट बढ़ाने का फैसला त्योहारी अवधि में बढ़ने वाली संभावित मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त स्टॉक रखने की अनुमति मिलेगी।

अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक के लिए आयात जरूरी

सरकार ने स्टॉक सीमा को 30 दिन तक बढ़ाया है, लेकिन अतिरिक्त 15 दिनों के स्टॉक के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक केवल आयातित चीनी के जरिए रखा जा सकेगा। इसके लिए चीनी का आयात Advance Authorisation Scheme (AAS) या Tariff Rate Quota (TRQ) के तहत किया जाना जरूरी है।

वहीं, घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के मामले में स्टॉक की सीमा 15 दिनों की खपत तक ही रहेगी। यानी बड़े उपभोक्ता घरेलू बाजार से खरीदी गई चीनी का अतिरिक्त 15 दिन का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

सरकार ने स्टॉक की निगरानी के लिए रिपोर्टिंग व्यवस्था भी लागू रखी है। बड़े उपभोक्ताओं को हर शुक्रवार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी देनी होगी। इसका उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता पर नजर रखना और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है।

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