Sugar Price Hike: 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती है ब्राजील से चीनी की खेप, कीमतों में राहत की उम्मीद

Sugar Price Hike: ब्राजील से चीनी की बड़ी खेप 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती है। आयात बढ़ने से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों पर दबाव और राहत की उम्मीद है।

कोऑपरेटिव शुगर मिलों की संस्था NFCSF के प्रमुख के मुताबिक, सरकार की ओर से ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति मिलने के बाद इसकी शुरुआती खेप 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शुरुआती चरण में कितनी मात्रा में चीनी का आयात होगा।

Sugar Price in India: भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार की ओर से ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दिए जाने के बाद ब्राजील से चीनी की शुरुआती खेप 15 अक्टूबर से पहले भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने की उम्मीद है। चीनी की उपलब्धता बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, खासकर आगामी त्योहारी सीजन के दौरान।

पिछले कुछ हफ्तों में भारत में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। कम आपूर्ति और बढ़ती मांग के बीच खुदरा तथा थोक बाजार में कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे समय में सरकार का आयात बढ़ाने का फैसला बाजार में अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

ब्राजील से आएगी चीनी की बड़ी खेप

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के अध्यक्ष प्रकाश नाइकनवारे के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में ब्राजील भारत के लिए चीनी आयात का सबसे व्यावहारिक स्रोत है। पारंपरिक आपूर्तिकर्ता थाईलैंड इस समय खुद आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ब्राजील से भारत तक चीनी की समुद्री ढुलाई में सामान्य तौर पर करीब 40 से 45 दिन लग सकते हैं। इसके बाद भारतीय बंदरगाह से चीनी को संबंधित मिलों या बाजारों तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय की जरूरत होती है।

NFCSF प्रमुख ने संकेत दिया है कि 15 अक्टूबर तक कुछ खेप भारत पहुंच सकती हैं, हालांकि इस समय यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितनी मात्रा में चीनी देश में आएगी।

आयात की मात्रा तय करना क्यों मुश्किल?

ब्राजील से चीनी की वास्तविक आपूर्ति कई प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। इनमें विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) से मंजूरी और आवंटन, आयातकों की ओर से लेटर ऑफ क्रेडिट जारी करना तथा शिपमेंट की बुकिंग शामिल हैं। इसके अलावा ब्राजील के बंदरगाहों पर उपलब्ध क्षमता और जहाजों की आवाजाही भी डिलीवरी के समय को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि शुरुआती स्तर पर 15 अक्टूबर से पहले पहुंचने वाली चीनी की सटीक मात्रा का अनुमान लगाना मुश्किल माना जा रहा है।

घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों और त्योहारी मांग को देखते हुए सरकार ने 20 अगस्त को कच्ची चीनी के 10 लाख टन तक ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी। इस फैसले का उद्देश्य बाजार में उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित करना है। सरकार की इस घोषणा के बाद आयातकों ने विदेशी बाजार से चीनी खरीदने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि आयातित चीनी समय पर भारतीय बाजार में पहुंचती है, तो त्योहारी सीजन के दौरान मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को कम करने में मदद मिल सकती है।

एक महीने में तेजी से बढ़ी चीनी की कीमत

चीनी की कीमतों में हालिया तेजी ने घरेलू उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देश के कई हिस्सों में खुदरा और थोक स्तर पर कीमतें करीब एक महीने में लगभग 24 प्रतिशत तक बढ़कर 56 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई हैं। कुछ बाजारों में कीमतें इससे भी अधिक स्तर पर बताई जा रही हैं। ऐसे में अगर आपूर्ति में सुधार होता है और आयातित चीनी बाजार में आने लगती है, तो कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने जमाखोरी और कृत्रिम कमी पैदा करने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती बढ़ाई है। सरकारी कार्रवाई के बाद कुछ बाजारों में कीमतों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। आयात और घरेलू बाजार में निगरानी—दोनों कदमों का उद्देश्य चीनी की उपलब्धता बनाए रखना है। खासकर त्योहारों के दौरान मिठाइयों, पेय पदार्थों और खाद्य उत्पादों में चीनी की मांग बढ़ने के कारण सरकार के लिए आपूर्ति संतुलित रखना महत्वपूर्ण होगा।

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