उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में सड़क मरम्मत के काम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जिस सड़क पर रात के समय गड्ढों को भरने और पैचिंग का काम कराया गया, वह सुबह होते-होते ही उखड़ने लगी। दुर्गापूजा से पहले कराए गए इस मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद काम टिकाऊ नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण आवागमन में परेशानी हो रही थी। त्योहार से पहले लोगों को उम्मीद थी कि सड़क की मरम्मत कराए जाने से आवाजाही आसान होगी। इसी उद्देश्य से सड़क पर पैचिंग का काम कराया गया। लेकिन आरोप है कि रात में मरम्मत किए गए हिस्से सुबह तक ही खराब होने लगे। सड़क से गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री निकलने की शिकायत सामने आने के बाद लोगों ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
दुर्गापूजा के दौरान सड़कों पर लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। पूजा पंडालों में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, बाजार पहुंचने वाले ग्राहकों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर सड़क की जरूरत होती है। ऐसे में त्योहार से पहले कराई गई मरम्मत यदि कुछ ही घंटों में खराब होने लगे, तो लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मरम्मत का उद्देश्य सड़क को चलने लायक बनाना और गड्ढों से राहत देना होना चाहिए, न कि केवल औपचारिकता पूरी करना।
लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क की पैचिंग के दौरान इस्तेमाल की गई सामग्री और काम करने के तरीके की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि मरम्मत का काम निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। हालांकि, निर्माण में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल की गई, काम किस एजेंसी ने कराया और सड़क के उखड़ने की वास्तविक वजह क्या है, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क का निरीक्षण कराया जाए। मरम्मत कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माण की प्रक्रिया और ठेकेदार की जिम्मेदारी की जांच की जाए। यदि जांच में लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। लोगों का यह भी कहना है कि खराब हिस्सों की दोबारा मरम्मत कराई जाए, ताकि त्योहार के दौरान राहगीरों को परेशानी न हो।
सड़क निर्माण और मरम्मत के काम में गुणवत्ता की निगरानी महत्वपूर्ण होती है। पैचिंग के दौरान सड़क की सतह को तैयार करना, उचित सामग्री का इस्तेमाल करना और उसे निर्धारित तरीके से बिछाना जरूरी होता है। यदि इन प्रक्रियाओं में कमी रह जाती है, तो मरम्मत ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती। हालांकि, सुल्तानपुर की इस सड़क के मामले में खराबी का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल, सड़क की पैचिंग को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी सामने आई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर मरम्मत कार्य को दोबारा दुरुस्त कराया जाता है या नहीं।







