Sun Pharma–Organon डील: भारतीय अरबपति का $11.75 बिलियन का बड़ा दांव, वैश्विक हेल्थकेयर में बढ़ेगी भारत की पकड़

Sun Pharma–Organon डील ने बाजार में हलचल मचा दी है। जानें इस $11.75 बिलियन के निवेश का भारत और ग्लोबल हेल्थकेयर पर क्या असर पड़ेगा। भारत की सबसे बड़ी फार्मा

भारत की अग्रणी दवा कंपनी Sun Pharmaceutical Industries ने वैश्विक हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिकी कंपनी Organon & Co. के अधिग्रहण की घोषणा की है। यह डील $11.75 बिलियन की है, जो हाल के वर्षों में भारत की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील्स में से एक मानी जा रही है।

बिजनेस न्यूज़: Sun Pharmaceutical Industries Limited ने न्यूयॉर्क में लिस्टेड हेल्थ-केयर कंपनी Organon & Co. के अधिग्रहण का ऐलान किया है। यह डील पिछले कई वर्षों में भारत की सबसे बड़ी आउटबाउंड अधिग्रहणों में गिनी जा रही है। डील के तहत सन फार्मा, Organon के प्रत्येक शेयर के लिए 14 डॉलर का भुगतान करेगी। इस आधार पर कंपनी की कुल एंटरप्राइज वैल्यू करीब 11.75 बिलियन डॉलर (लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। इस अधिग्रहण को पूरा करने के लिए सन फार्मा अपने उपलब्ध कैश रिजर्व्स के साथ-साथ बैंकों से मिलने वाली फाइनेंसिंग सुविधा का इस्तेमाल करेगी।

डील की मुख्य बातें

इस समझौते के तहत Sun Pharma, Organon के प्रत्येक शेयर के लिए $14 का भुगतान करेगी। इस प्रस्तावित सौदे से Organon की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग $11.75 बिलियन आंकी गई है। कंपनी ने बताया है कि इस अधिग्रहण को पूरा करने के लिए वह अपने कैश रिजर्व और बैंक फाइनेंसिंग का उपयोग करेगी।

दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है, हालांकि इसे पूरा करने के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल और शेयरहोल्डर्स की सहमति आवश्यक होगी। उम्मीद की जा रही है कि यह डील 2027 की शुरुआत तक पूरी हो सकती है।

Organon की स्थिति और कर्ज

Organon & Co., जिसका मुख्यालय न्यू जर्सी में है, महिलाओं से जुड़े हेल्थ प्रोडक्ट्स और बायोफार्मा समाधान के लिए जानी जाती है। यह कंपनी 2021 में Merck & Co. से अलग होकर बनी थी। हालांकि Organon पर लगभग $8.8 बिलियन (करीब ₹83,000 करोड़) का कर्ज भी है, जो इस डील को और जटिल बनाता है। इसके बावजूद, कई वैश्विक निवेशकों और कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई थी।

इस बड़े अधिग्रहण के पीछे Dilip Shanghvi की रणनीति साफ दिखाई देती है। Sun Pharma के संस्थापक सांघवी आज दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने 1983 में अपने पिता से मात्र $200 उधार लेकर इस कंपनी की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं पर फोकस किया, और धीरे-धीरे अधिग्रहण के जरिए कंपनी को वैश्विक स्तर पर विस्तार दिया। 2014 में Ranbaxy Laboratories के $4 बिलियन के अधिग्रहण ने Sun Pharma को वैश्विक फार्मा उद्योग में मजबूत पहचान दिलाई थी।

भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी

आज Sun Pharmaceutical Industries भारत की सबसे बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनी है, जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹3.9 लाख करोड़ है। यह कंपनी 100 से अधिक देशों में अपने उत्पाद बेचती है और जेनेरिक दवाओं से लेकर स्पेशियलिटी मेडिसिन तक का व्यापक पोर्टफोलियो रखती है। इस डील की घोषणा के बाद निवेशकों की नजर Sun Pharma के शेयर पर बनी हुई है। हाल ही में कंपनी का शेयर Bombay Stock Exchange (BSE) पर गिरावट के साथ बंद हुआ था, लेकिन इस बड़े अधिग्रहण के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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