तमिलनाडु में विधायकों को सरकारी कार और ₹75 हजार भत्ता, छात्रों के प्रदर्शन पर रोक वाला आदेश भी वापस

तमिलनाडु के CM विजय ने विधायकों को सरकारी कार और ₹75 हजार मासिक भत्ता देने का ऐलान किया। स्वास्थ्य बीमा बढ़ा और छात्रों के प्रदर्शन वाला आदेश वापस लिया गया।

तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय ने सभी विधायकों को सरकारी वाहन और रखरखाव, ईंधन व ड्राइवर खर्च के लिए ₹75 हजार मासिक भत्ता देने की घोषणा की। सरकार ने स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाया और छात्रों के प्रदर्शन पर विवादित आदेश भी वापस लिया।

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य के सभी विधायकों के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने और वाहन रखरखाव, ईंधन तथा ड्राइवर से जुड़े खर्च के लिए हर महीने 75 हजार रुपये का भत्ता देने की घोषणा की। इसके अलावा विधायकों को निजी सहायक रखने के लिए 25 हजार रुपये मासिक भत्ता देने का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाने और डेयरी किसानों के लिए दूध खरीद मूल्य में वृद्धि समेत कई अन्य फैसलों की भी घोषणा की।

विधायकों को सरकारी वाहन और 75 हजार रुपये मासिक भत्ता

तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने विधायकों की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। इसके तहत सभी विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। वाहन के रखरखाव, ईंधन और ड्राइवर के खर्च के लिए हर महीने 75 हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा।

इसके साथ ही विधायकों को एक सहायक रखने के लिए 25 हजार रुपये प्रति माह का अतिरिक्त भत्ता देने की घोषणा की गई है। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी ढंग से काम करने और जनता की शिकायतों तक आसानी से पहुंचने में मदद करना है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु की नई विधानसभा में बड़ी संख्या में नए विधायक चुनकर आए हैं। राज्य विधानसभा के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम के पास 107 सीटें हैं, जबकि DMK के पास 59 और AIADMK के पास 41 सीटें हैं।

विधानसभा में विधायक ने गीत गाकर जताया आभार

सरकार के फैसले का विधानसभा में विधायकों ने स्वागत किया। इसी दौरान TVK विधायक सिंधु ने तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन की फिल्म ‘पड़गोट्टी’ के लोकप्रिय गीत ‘कोडुत्तदेलाम कोडुत्तान’ की पंक्तियां गाकर मुख्यमंत्री विजय के प्रति आभार व्यक्त किया।

गीत का भाव broadly यह है कि जिसने सब कुछ दिया, उसने किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए दिया। इस घटनाक्रम ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक और सांस्कृतिक रंग भी जोड़ दिया।

स्वास्थ्य बीमा कवर 5 लाख से बढ़कर 25 लाख रुपये

मुख्यमंत्री विजय सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत वार्षिक बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है।

सरकार का दावा है कि इससे गंभीर बीमारियों और महंगे इलाज की जरूरत वाले परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नए अस्पतालों और कैंसर उपचार केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों की भी घोषणा की गई है।

ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं

सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की है। राज्य के सात सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ट्रांसजेंडर लोगों को अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

सरकार का उद्देश्य इस समुदाय के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना और जरूरी उपचार को अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना बताया गया है।

Aavin ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाया

तमिलनाडु सरकार ने राज्य की डेयरी व्यवस्था से जुड़े किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। Aavin द्वारा दूध उत्पादकों से खरीदे जाने वाले दूध का मूल्य 38 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

सरकार के अनुसार, इस फैसले से करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। दूध खरीद मूल्य बढ़ने से राज्य सरकार पर सालाना लगभग 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।

खरीद मूल्य बढ़ने के बावजूद उपभोक्ताओं को सब्सिडी के जरिए दूध उपलब्ध कराने की सरकारी व्यवस्था जारी रहने की बात कही गई है।

छात्रों के प्रदर्शन पर रोक वाला विवादित आदेश वापस

इसी बीच तमिलनाडु सरकार ने छात्रों और युवाओं को वामपंथी दलों तथा कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने वाला विवादित निर्देश वापस ले लिया है।

यह आदेश सामने आने के बाद राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने सरकार की आलोचना की थी। आलोचकों ने इसे छात्रों के शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के अधिकार को सीमित करने वाला कदम बताया था।

कॉलेजिएट शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश में शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारियों से छात्रों को ऐसे प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय करने को कहा गया था। बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने बुधवार को आदेश वापस ले लिया।

NEET मुद्दे से भी जुड़ा था प्रदर्शन विवाद

छात्रों के राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर जारी हुआ यह आदेश ऐसे समय आया था जब NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।

तमिलनाडु में भी वामपंथी संगठनों और अन्य समूहों की ओर से शिक्षा तथा NEET से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन किए गए थे। इसी राजनीतिक गतिविधि के संदर्भ में छात्रों की भागीदारी को लेकर सरकार का निर्देश विवादों में आया।

सर्कुलर में कुछ विशेष संगठनों के नाम शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। छात्र संगठनों ने पूछा कि केवल कुछ राजनीतिक समूहों के प्रदर्शनों को लेकर ही ऐसा निर्देश क्यों जारी किया गया। इसके बाद सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया।

DMK और TVK विधायकों में सड़क निर्माण को लेकर बहस

विधानसभा में सड़क निर्माण से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर TVK और DMK के विधायक भी आमने-सामने दिखाई दिए। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप हुए।

मामला सरकारी निर्माण कार्यों और उनसे जुड़े टेंडर को लेकर उठे सवालों से जुड़ा था। इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए जारी 5.54 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर भी विधानसभा में सवाल उठाए गए थे।

सरकार और विपक्षी सदस्यों के बीच इस मुद्दे पर टकराव ने विधानसभा की कार्यवाही को प्रभावित किया।

AIADMK विधायकों का वॉकआउट

विधानसभा में एक अन्य मुद्दे पर AIADMK विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। पार्टी की ओर से उठाए गए मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की गई थी।

स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने कहा कि संबंधित मुद्दे पर गुरुवार को चर्चा की जाएगी। इसके बाद भी सदन में राजनीतिक तनाव देखने को मिला।

AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने अपनी पार्टी की ओर से दिए गए नोटिस पर चर्चा की मांग की थी। इसको लेकर सदन में हंगामा हुआ और पार्टी के विधायकों ने वॉकआउट किया।

विजय सरकार के लिए फैसलों का महत्व

मुख्यमंत्री विजय की ओर से एक ही दिन में विधायकों की सुविधाओं, स्वास्थ्य बीमा, डेयरी किसानों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए घोषणाएं करना राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधायकों को सरकारी वाहन और अतिरिक्त भत्ते देने का फैसला जहां जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बताया जा रहा है, वहीं इसके वित्तीय प्रभाव को लेकर सार्वजनिक बहस भी हो सकती है।

दूसरी ओर, स्वास्थ्य बीमा कवर में पांच गुना वृद्धि और दूध खरीद मूल्य बढ़ाने जैसे फैसले सीधे तौर पर आम लोगों और किसानों से जुड़े हैं।

छात्र आदेश वापस लेने से विवाद शांत होने की उम्मीद

छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने वाला आदेश वापस लिए जाने के बाद तत्काल विवाद कम होने की संभावना है। हालांकि, इस निर्देश को जारी करने के पीछे सरकार की मूल वजह और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।

तमिलनाडु सरकार के लिए आगे चुनौती यह होगी कि कॉलेज परिसरों में अनुशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ छात्रों के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण राजनीतिक अधिकारों के बीच संतुलन कायम रखा जाए।

इस तरह बुधवार का दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम लेकर आया—एक तरफ विधायकों के लिए नई सुविधाओं की घोषणा हुई, वहीं स्वास्थ्य और डेयरी क्षेत्र से जुड़े फैसले सामने आए और दूसरी तरफ विवादित छात्र प्रदर्शन आदेश को वापस लेकर सरकार ने बड़ा यू-टर्न लिया।

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