वाराणसी में सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह के सरगना शिवजी पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने जुलाई में गिरोह का खुलासा कर कई सदस्यों को पकड़ा था।
वाराणसी: सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले गिरोह के कथित सरगना शिवजी पटेल को सिगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे मलदहिया चौराहा से पकड़ा। इससे पहले एसटीएफ ने 13 जुलाई को गिरोह का भंडाफोड़ किया था और कई आरोपितों को गिरफ्तार कर इलेक्ट्रॉनिक सिम डिवाइस, माइक्रो इयरफोन समेत अन्य सामान बरामद किया था।
मलदहिया चौराहा से हुई सरगना की गिरफ्तारी
वाराणसी में सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले गिरोह के कथित सरगना शिवजी पटेल को सिगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शिवजी प्रयागराज जिले के रामगढ़ कोठारी, थाना बहरिया का रहने वाला है।
पुलिस ने उसे बुधवार को मलदहिया चौराहा से पकड़ा। बताया गया कि वह एसटीएफ की कार्रवाई के बाद से फरार चल रहा था। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
जुलाई में एसटीएफ ने किया था गिरोह का खुलासा
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से सहायक बोरिंग टेक्नीशियन की मुख्य परीक्षा 12 जुलाई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन डिवाइस के जरिए नकल कराने की सूचना मिलने पर एसटीएफ ने वाराणसी और प्रयागराज में कार्रवाई शुरू की।
13 जुलाई को एसटीएफ ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सिगरा थाने में 12 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कार्रवाई के दौरान परीक्षा केंद्र से एक परीक्षार्थी विपिन वर्मा और केंद्र के बाहर मौजूद चंदर वर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद पूछताछ और आरोपितों की निशानदेही पर प्रयागराज में भी कार्रवाई की गई, जहां गिरोह से जुड़े नौ अन्य सदस्यों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 11 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी थी और शिवजी पटेल फरार था।
पांच लाख रुपये लेकर नकल कराने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात आई कि गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे लेता था। पुलिस के अनुसार, शिवजी के भाई कप्तान सिंह पटेल ने एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए पांच लाख रुपये लिए थे।
पूछताछ में चंदर ने कथित तौर पर बताया था कि शिवजी पटेल गिरोह का सरगना है और वह अपने भाई के साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने का काम करता था।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामान बरामद
एसटीएफ की शुरुआती कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार परीक्षार्थी और साल्वर गैंग के सदस्य के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। इनमें दो इलेक्ट्रॉनिक सिम डिवाइस, दो माइक्रो इयरफोन और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने चिमटी, प्रवेश पत्र, ओएमआर शीट और प्रश्न पुस्तिका भी बरामद की थी। इन सामानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवजी पटेल का नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी। कार्रवाई के समय वह मोबाइल फोन छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा के अनुसार, एसटीएफ की ओर से गिरोह का पहले ही खुलासा किया जा चुका था। अब शिवजी पटेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, अभ्यर्थियों से कथित तौर पर लिए गए पैसे और परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस टीम में लल्लापुरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शिवम, कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह और रिजर्व कांस्टेबल मोहम्मद इजाद शामिल रहे।












